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सेल्फ मेडिकेशन क्या है जानें सेल्फ मेडिकेशन करने का सही तरीका

हम मे से बहुत से लोग सामान्य शारीरिक समस्या होने पर बगैर डॉक्टर की सलाह के सेल्फ मेडिकेशन यानी खुद ही दवा ले लेते हैं। ऐसा करना कई बार बहुत गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकता है। ऐसे में सावधान रहना जरूरी है।

सेल्फ मेडिकेशन क्या है जानें सेल्फ मेडिकेशन करने का सही तरीकाWhat is Self Medication and Right Way to Do

हम में से अधिकतर लोग मामूली सिरदर्द, कमरदर्द, सर्दी-खांसी, कब्ज, एसिडिटी, गैस आदि समस्याओं के लिए डॉक्टर के पास कम ही जाते हैं। इसके बजाय मेडिकल स्टोर से दवाई खरीद लेते हैं। कई लोग टीवी पर विज्ञापन देखकर या इंटरनेट से अपनी बीमारियों के लिए दवाइयां खोज लेते हैं। अगर आप भी ऐसा ही करते हैं तो सावधान हो जाइए, आपकी यह आदत आपको गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का शिकार बना सकती है।




क्या है सेल्फ मेडिकेशन

सेल्फ मेडिकेशन का अर्थ है, किसी व्यक्ति के द्वारा (या उस व्यक्ति के परिवार के द्वारा) स्वयं का उपचार करने या लक्षणों को कम करने के लिए दवाइयों का चयन और उपयोग। हमारे देश में शायद ही कोई घर ऐसा हो जहां उनका अपना एक छोटा सा मेडिकल स्टोर न हो, जिसमें सिरदर्द, सर्दी-खांसी, कमरदर्द और ऐसी ही न जाने कितनी बीमारियों के लिए दवाइयां उपलब्ध न हों। ये दवाइयां घर-घर में इसलिए उपलब्ध हैं कि मेडिकल स्टोर्स पर ये आसानी से उपलब्ध हैं और मरीज को इससे तुरंत आराम भी मिल जाता है।

लेकिन लोग यह नहीं जानते कि इस थोड़ी देर के आराम में सेहत के लिए कितना खतरा छिपा है। सेल्फ मेडिकेशन आपके पूरे बॉडी सिस्टम को परेशान कर सकता है। बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयां लेने से कई बार स्वास्थ्य का इतना नुकसान हो जाता है कि उसका उपचार संभव नहीं होता है।

बिना प्रिस्क्रिप्शन के सर्वाधिक ली जाने वाली दवाइयों में शामिल हैं-विटामिंस टेबलेट्स,पेन किलर्स (दर्द निवारक), कफ मेडिसिन, एंटी-एलर्जी (एलर्जी को ठीक करने के लिए),लेक्सेटिव्स (पेट साफ करने के लिए ली जाने वाली दवाइयां),एंटी बॉयोटिक्स,एंटा एसिड्स (एसिडिटी के लिए), एंटीडिप्रेसेंट (अवसाद के लिए)।

संभावित खतरे

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार सेल्फ-मेडिकेशन के कई संभावित खतरे हैं, जिनमें बीमारी को गलत डायग्नोज करना, उसका लती हो जाना, अपर्याप्त डोज, स्ट्रोक का खतरा, ड्रग इंटरएक्शंस शामिल हैं।




सेल्फ मेडिकेशन के फायदे

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने नुकसान के साथ सेल्फ मेडिकेशन के कुछ लाभ भी बताएं हैं

-उन बीमारियों को रोकने और उनके लक्षणों को कम करने में सहायता करती है, जिनमें चिकित्सकीय परामर्श की आवश्यकता नहीं होती है।

-मामूली बीमारियों में आराम पहुंचाकर चिकित्सीय सेवाओं पर बढ़ते बोझ को कम करना, विशेष रूप से जब आर्थिक और मानव संसाधन सीमित हों।

-उस जनसंख्या तक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाना जो ग्रामीण क्षेत्रों या दूर-दराज के क्षेत्रों में रहते हैं।

-मरीज को उसकी गंभीर स्थितियों को नियंत्रित करने में सहायता करना।

-यह रोगी को सक्षम बनाता है कि वह स्वयं अपनी बीमारी के लक्षणों को गंभीर होने से रोक सके।




इनके लिए खतरनाक

सेल्फ-मेडिकेशन सभी के लिए खतरनाक हो सकती हैं लेकिन अगर कोई गर्भवती महिला बिना डॉक्टर के सुझाव के कोई दवाई लेती है, तो यह अजन्में बच्चे को प्रतिकूल तरीके से प्रभावित कर सकती है। बच्चे में जन्मजात विकृति हो सकती है। गर्भपात होने का खतरा भी बढ़ जाता है। स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी सेल्फ-मेडिकेशन से दूर रहना चाहिए क्योंकि दूध पीते बच्चों के स्वास्थ्य पर अपनी मां के खानपान का सीधा प्रभाव पड़ता है।

छोटे बच्चों और बुजुर्गों का इम्यून तंत्र कमजोर होता है और उनकी विशेष फिजियोलॉजिकल स्थितियां होती हैं। ऐसे में उन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना दवाइयां नहीं देना चाहिए। जो लोग डायबिटिक हैं और जिन्हें उच्च रक्त दबाव है, उन्हें स्वयं दवाइयां लेते समय सावधान रहना चाहिए। किसी डॉक्टर के परामर्श के बिना दवाइयों का सेवन न करें क्योंकि आपकी सेल्फमेडिकेशन आपके उच्च रक्तदाब और डायबिटीज को अनियंत्रित कर सकती है। अगर आपने रक्तदाब कम करने वाली दवाइयों का अधिक डोज ले लिया तो हार्ट फेलियर और किडनी फेलियर भी हो सकता है।

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