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Health Tips: महिलाओं को इस बीमारी के चलते पीरियड्स में होता है बेतहाशा दर्द, जानकारी का है अभाव

Health Tips: भारत में 2 करो़ड़ से भी ज्यादा महिलाएं एंडोमेट्रियोसिस जैसी समस्या से जूझ रही हैं। हर 10 महिलाओं में से 1 महिला को एंडोमेट्रियोसिस की समस्या होती है। ऐसे में आज हम आपको एंडोमेट्रियोसिस से जुड़ी सभी जानकारियों के बारे में बताने जा रहे हैं।

Health Tips: देश में सबसे ज्यादा एंडोमेट्रियोसिस का शिकार होती हैं महिलाएं, जानें इसके लक्षणएंडोमेट्रियोसिस क्या है(फाइल फोटो)

Health Tips: पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा महिलाएं एंडोमेट्रियोसिस जैसी बीमारी का शिकार होती हैं। वहीं अगर भारत की बात करें तो 2 करोड़ से भी ज्यादा महिलाएं एंडोमेट्रियोसिस जैसी समस्या से जूझ रही हैं। हर 10 महिलाओं में से 1 महिला को एंडोमेट्रियोसिस की समस्या होती है। 18 से 35 साल की उम्र की महिलाओं में यह बीमारी ज्यादा देखने को मिलती है। हैरानी की बात यह है कि महिलाए को इस बीमारी की जानकारी बहुत कम होती है। ऐसे में आज हम आपको एंडोमेट्रियोसिस क्या है और इसके लक्षण के बारे में बताने जा रहे हैं।


क्या है एंडोमेट्रियोसिस

एंडोमेट्रियोसिस यूट्रस में होने वाली एक दर्दनाक समस्या हैं। एंडोमेट्रियम में टिश्यू से गर्भाशय के अंदर की परत बनती है। एंडोमेट्रोसिस आमतौर पर श्रोणि, फैलोपियन ट्यूब और हमारे अंडाशय को अस्तर में ऊतक शामिल करता है। एंडोमेट्रोसिस के दौरान, एंडोमेट्रियल ऊतक टूट जाते हैं और खून बहने लगता है। इस ऊतक के पास शरीर से बाहर निकलने का कोई तरीका नहीं होता है। जिस वजह से यह फंस जाता है। एंडोमेट्रियोसिस महिलाओं में पीरियड्स के समय ब्‍लीडिंग और दर्द की वजह यही बनता है। जिस वजह से महिलाओं को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। एंडोमेट्रियोसिस की वजह से महिलाओं को कंसीव करने में समस्याएं पैदा कर सकती है


एंडोमेट्रियोसिस के लक्षण

  • -इर्रेगुलर पीरियड्स
  • -पीरियड्स के टाइम ज़्यादा ब्लीडिंग और दर्द
  • -पीरियड्स शुरू होने से पहले स्तनों में सूजन और दर्द
  • -यूरिन इंफेक्शन
  • -थकान होना
  • -चिड़चिड़ापन होना
  • -कब्ज होना
  • -बांझपन
  • -शौच जाते समय अधिक दर्द होना

  • एंडोमेट्रियोसिस के कारण
  • -हिस्टेरेक्टॉमी, सी-सेक्शन जैसी सर्जरी के बाद हुए घाव भी एंडोमेट्रियोसिस होने का कारण बन सकता है।
  • -ब्‍लड सेल्‍स या टिश्यू के तरल, एंडोमेट्रियल कोशिकाओं के शरीर के अन्य भागों में फैलने के कारण भी बन सकते हैं।
  • -इम्‍यून सिस्‍टम में समस्या होने से भी एंडोमेट्रियोसिस होने का डर होता है।
  • -बाकी बीमारी के लिए ली जा रही दवाएं, जो पीरियड में रुकावट करें या पहले हुए पेल्विक संक्रमण, अनुवांशिक कारणों और यूटेराइन समस्याओं से भी एंडोमेट्रियोसिस होने का खतरा बढ़ जाता है।


एंडोमेट्रियोसिस का इलाज

-सबसे बेहतर इलाज है कि आप इसके बचाव के लिए डेली एक्सरसाइज करें। जिससे शरीर से फैट को कम करेगा।

पेल्विक टेस्ट

इस टेस्ट में डॉक्टर अपने हाथों से आपके श्रोणि वाले हिस्से को महसूस करके विकारों के बारें में पता लगा सकते है।

इमेजिंग टेस्ट

अगर आपको एंडोमेट्रियोसिस की समस्या है तो ओवेरियन अल्सर के टेस्ट के लिए डॉक्टर अल्ट्रासाउंड करते है।

एंडोमेट्रियोसिस से बचने का घरेलू इलाज

अलसी के बीज

अलसी के बीज ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपू होते हैं। जो शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके लिए आप अलसी के कुछ दानों को पानी में डालकर रातभर भिगो कर रखें और सुबह इस पानी को पीएं। आप अलसी के बीजों का पाउडर बनाकर भी खा सकते हैं।

शहद

औषधीय गुण होने का कारण शहद का सेवन करने से यह समस्या दूर हो जाती है।

हल्दी

1 चम्मच हल्दी और नींबू के रस को पानी में अच्छी तरह उबालकर पीएं। दिन में 2 बार इसको पीने से आप इस बीमारी से निजात पा सकते हैं।

कैस्टर ऑयल

कैस्टर ऑयल को थोड़ा सा गर्म करके इसे कपड़ें में लगाकर पेट के निचले हिस्से में लगा सकते हैं। ऐसा करने से आपको दर्द में राहत मिलेगी।

Shagufta Khanam

Shagufta Khanam

Jr. Sub Editor


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