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मोटापे से हो गये हैं परेशान तो एक बार जरूर फॉलो करें वीगन डाइट, आप रहेंगे हेल्दी और फिट

वीगन डाइट पूरी तरह प्लांट बेस्ड होती है। इसकी शुरुआत धार्मिक, नैतिक और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने जैसे कारणों की वजह से की गई थी। इसका असल उद्देश्य एनिमल बेस्ड डाइट यानी पशुजनित आहार का त्याग करना था। बीते कुछ वर्षों में दुनिया भर में वीगन डाइट का ट्रेंड बढ़ रहा है।

मोटापे से हो गये हैं परेशान तो एक बार जरूर फॉलो करें वीगन डाइट, आप रहेंगे हेल्दी और फिट
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अपनी हेल्थ, फिटनेस को मेंटेन रखने के लिए महिलाओ से लेकर पुरुष कई तरह की (Diet) डाइट को फॉलो करते हैं। कई बार डाइटिंग भी करते हैं, लेकिन कई डाइटिंग करने से शरीर में कमजोरी आ जाती है। इसकी वजह से शरीर में अलग अलग तरह की समस्या शुरू हो जाती है। ऐसे में आप (Vegan Diet) वीगन डाइट कर सकती हैं। हां इससे पहले एक बार एक्सपर्ट की सलाह भी ले सकते हैं। वीगन डाइट से आप अपना मोटापा कम करने के साथ ही हेल्दी और फिट रह सकते हैं।

वीगन डाइट पूरी तरह प्लांट बेस्ड होती है। इसकी शुरुआत धार्मिक, नैतिक और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने जैसे कारणों की वजह से की गई थी। इसका असल उद्देश्य एनिमल बेस्ड डाइट यानी पशुजनित आहार का त्याग करना था। बीते कुछ वर्षों में दुनिया भर में वीगन डाइट का ट्रेंड बढ़ रहा है।

प्लांट बेस्ड डाइट

आमतौर पर वीगन डाइट को वेजिटेरियन डाइट माना जाता है। वास्तव में यह वेजिटेरियन डाइट से अलग है, क्योंकि वेजिटेरियन डाइट में चिकेन, मटन, मछली, अंडे जैसे मांसाहारी खाना वर्जित होता है, लेकिन दूध और उससे बनी सभी चीजों का सेवन कर सकते हैं। वीगन डाइट पूरी तरह से प्लांट बेस डाइट है। इसमें किसी भी तरह के पशु उत्पाद शामिल नहीं किए जाते हैं। इसमें फल, सब्जियां, दालें, बींस, नट्स, सीड्स, मोटे अनाज, गेहूं, चावल आदि को शामिल किया गया है। इसके साथ ही ब्रेड, पास्ता, नूडल्स को भी है। इसमें इंसेक्ट से हासिल होने वाले शहद और गाय-भैंस के दूध को भी शामिल नहीं किया जाता है। दूध के विकल्प के तौर पर सोया मिल्क, कोकोनट मिल्क या आलमंड मिल्क इस्तेमाल किए जाते हैं। घी के बजाय पौधों से मिला ऑयल इस्तेमाल किया जाता है जैसे सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, सनफ्लॉवर, ऑलिव ऑयल।

सेहत के लिए है फायदेमंद

कुछ वैज्ञानिकों ने रिसर्च के आधार पर पाया है कि वीगन डाइट हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है। यह हार्ट, डायबिटीज को कंट्रोल करने और अर्थराइटिस की समस्या को दूर करता है।

हार्ट के लिए हेल्दी

वीगन डाइट में इस्तेमाल होने वाला प्लांट बेस्ड फैट या ऑयल शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम करने में मददगार होता है, जबकि एनिमल-बेस्ड घी से मिलने वाला सैचुरेटेड फैट शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ाता है। वीगन डाइट फॉलो करने से ब्लड प्रेशर, हार्ट रिलेटेड बीमारियों का खतरा काफी कम हो जाता है।

कैंसर का खतरा करता है कम

वीगन डाइट से काफी मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट्स मिलते हैं, जो सेल्स को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री-रेडिकल्स को शरीर से बाहर निकालकर स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। यह डाइट ब्रेस्ट, ओवेरियन कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव में मददगार हो सकती है।

डायबिटीज को कंट्रोल करने में है सहायक

वीगन डाइट फॉलो करने वाले लोगों का ब्लड शुगर लेवल मेंटेन रहता है, इंसुलिन सेंसिटिविटी ज्यादा रहती है। इससे टाइप 2 डाइबिटीज होने का खतरा कम होता है।

अर्थराइटिस की समस्या

वीगन डाइट अर्थराइटिस में होने वाले जोड़ों के दर्द, सूजन और सुबह के समय होने वाली अकड़न कम करने में सहायक है।

वजन कम करने में सहायक

वजन कम करने वाले लोगों के लिए वीगन डाइट बेस्ट है। इसमें कैलोरी और फैट कम मात्रा में, जबकि फाइबर भरपूर मात्रा में मिलता है। इस डाइट को फॉलो करने पर देर तक पेट भरा होने का अहसास रहता है, जिससे शरीर की एक्सट्रा कैलोरी या फैट धीरे-धीरे कम होता है।

संक्रमण से बचाव

वीगन डाइट में विटामिन बी, सी जैसे वॉटर सॉल्यूबल विटामिन काफी मात्रा में मिलते हैं। ये विटामिन कई वायरस और बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण से बचाव करने में सहायक होते हैं।

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