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सावधान ! अगर आप भी कमोड पर बैठकर फोन का करते हैं इस्तेमाल, तो हो सकती है बवासीर

आपने अक्सर लोगों को फोन की वजह से डिप्रेशन, गुस्सा, तनाव और अन्य बीमारियों का शिकार होते हुए देखा और सुना होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं फोन का ज्यादा इस्तेमाल करने से बवासीर भी हो सकती है। अगर नहीं, तो आज हम आपको कमोड पर फोन का लंबे समय तक फोन का यूज करने से होने वाली गंभीर बीमारी यानि बवासीर के बारे में बता रहे हैं।

सावधान ! अगर आप भी कमोड पर बैठकर फोन का करते हैं इस्तेमाल, तो हो सकती है बवासीरUsing phone on the commode could give you Piles In hindi

आज के दौर में फोन हमारे लिए परिवार और दोस्तों से कनेक्ट रहने का एक साधन नहीं बल्कि जरुरत बनता जा रहा है। लोगों का फोन से लगाव इतना ज्यादा बढ़ गया है कि कुछ समय के लिए भी आंखों से दूर होने पर घबराहट महसूस करने लगते हैं। कुछ लोग तो टॉयलेट तक में भी फोन का यूज करना पसंद करते हैं, लेकिन लंबे समय तक टॉयलेट में यानि कमोड पर बैठकर फोन का इस्तेमाल करने से बवासीर जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है। आइए जानते हैं इससे जुड़ी ये खास बातें...




शोध में हुआ खुलासा

हाल ही में ब्रिटेन में पाइल्स (बवासीर) की समस्या पर हुए एक शोध में बेहद चौंकाने वाली बात सामने आई। इस शोध के मुताबिक, 57 फीसदी लोगटॉयलेट में फोन का इस्तेमाल करते हैं, जबकि 8 फीसदी ने हमेशा कमोड पर बैठने के बाद फोन का यूज करने की बात मानी और बढ़ते तनाव, डिप्रेशन के अलावा बवासीर होने की समस्या के बारे में बताया।

डॉक्टर्स की राय

शोध से ही जुड़ी ब्रिटेन की डॉ साराह जर्विस ने कमोड पर फोन का यूज करने से बवासीर होने की पुष्टि करते हुए बताया कि आप जितनी देर तक कमोड पर बैठकर फोन का इस्तेमाल करते हैं, बवासीर होने की आशंका बढ़ती जाती है। क्योंकि लंबे समय तक कमोड पर बैठन से एनस और रेक्टम की मांसपेशियों और नसों पर प्रेशर बढ़ने लगता है। जिससे बवासीर होने का खतरा बढ़ जाता है।

डॉक्टर्स के मुताबिक, आमतौर पर कब्ज होने पर या प्रेशर ज्यादा लगाने पर ही पाइल्स की समस्या लोगों को होती थी, लेकिन पिछले कुछ सालों से कमोड पर बैठकर फोन का इस्तेमाल करने से बावसीर की बीमारी की समस्या बढ़ रही है। जो एक चिंता का विषय है।




क्या होती है बवासीर (What is Piles)

बवासीर या पाइल्स के नाम से जानी जाने वाली एक ऐसी बीमारी होती है जिसमें एनस के अंदरुनी और बाहरी हिस्से की मांसपेशियों और नसों में सूजन आ और कुछ मस्से जैसे बन जाते हैं। इन मस्सों में दर्द के अलावा कई बार खून निकलता है। ये मस्से एनस के अंदर और बाहर दोनों ओर हो सकते हैं। ये आनुवांशिक बीमारी के रुप में भी हो सकती है।

बवासीर के लक्षण (Symptoms of Piles)

1. गुदा से ब्लीडिंग होना

2. गुदा से मस्से या मांस का निकलना

3. अत्याधिक दर्द होना

बवासीर का उपचार (Piles Treatment)

बवासीर का इलाज दो तरह से किया जाता है।

1. जिसमें पहली अवस्था में यानि बवासीर के शुरुआती दौर में पता लगने पर उसे दवाओं, इंजेक्शन के अलावा क्रीम का उपयोग करके भी ठीक किया जा सकता है।

2. बवासीर की दूसरी अवस्था यानि समस्या के बढ़ने पर डॉक्टर्स मरीज को सर्जरी यानि ऑपरेशन करवाने की सलाह देते हैं।

3. बवासीर से बचने के लिए सबसे जरुरी है कब्ज की स्थिति से बचना। इसके लिए आप फाइबर से भरपूर डाइट लें जिसमें हरी सब्ज़ियां, साबुत अनाज और फलों का ज़्यादा मात्रा में सेवन करना फायदेमंद होता है।

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