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टॉन्सिल्स के लक्षण, बचाव और उपचार

Health Tips : मौसम में बदलाव आते ही अक्सर लोगों को गले की खराश या गले में दर्द की शिकायत होने लगती है। ये सब गले में इंफेक्शन की वजह से होता है। लेकिन इंफेक्शन बढ़ जाने पर गले में टॉन्सिल्स नामक बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। इसमें गले में सूजन के साथ ही असहनीय दर्द होता है। यही नहीं खाने और पानी पीने भी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इसलिए आज हम आपको टॉन्सिल्स के लक्षण, बचाव और उपचार (Tonsils Symptoms,Precautions and treatment) बता रहे हैं।

टॉन्सिल्स के लक्षण, बचाव और उपचार
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Health Tips : मौसम में बदलाव आते ही अक्सर लोगों को गले की खराश या गले में दर्द की शिकायत होने लगती है। ये सब गले में इंफेक्शन की वजह से होता है। लेकिन इंफेक्शन बढ़ जाने पर गले में टॉन्सिल्स नामक बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। इसमें गले में सूजन के साथ ही असहनीय दर्द होता है। यही नहीं खाने और पानी पीने भी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इसलिए आज हम आपको टॉन्सिल्स के लक्षण, बचाव और उपचार (Tonsils Symptoms,Precautions and treatment) बता रहे हैं।



टॉन्सिल्स क्या है

टॉन्सिल्स गले में असहनीय दर्द होने वाली एक बीमारी है। टॉन्सिल अंडाकार आकृति के उत्तकों का पैड होता है जो कि गले के पिछले हिस्से में कानों के नीचे की तरफ लार ग्रंथियों (salivary glands)के रूप में स्थित होती हैं। जिसमें सूजन आने से असहनीय दर्द और खाना खाने में दिक्कत जैसी समस्या आने लगती है। महमारे शरीर में सफेद रक्त कोशिकाओं को बनाता है। जिससे शरीर को इंफेक्शन से लड़ने में मदद मिलती है। सांस और मुंह के जरिए शरीर में पहुंचने वाले हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस से भी लड़ने में टॉन्सिल मदद करता है।






टॉन्सिल के लक्षण :

1. भोजन निगलने में गले में दर्द होना

2. पस भरा हुआ लाल एवं सूजन

3. शरीर का तापमान अधिक होना

4. सिर दर्द

5. निगलने में कठिनाई

6. कान और गले में दर्द

7. थकान

8. सोने में कठिनाई

9. खांसी और कफ

10.ठंड लगना



टॉन्सिल से बचाव :

1. हमेशा हाथ धोकर ही खाना खाएं।

2. टॉन्सिल पीड़ित का टूथब्रश बदल दें।

3. छींकने और खांसी आने पर टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें

4. कफ आने और छींकने के बाद बच्चे का हाथ अच्छी तरह से साफ करें।

5. बैक्टीरियल और वायरल इंफेक्शन से बचने के लिेए हाथों को अच्छी तरह से धोएं खासकर टॉयलेट करने के बाद और खाना खाने से पहले।





टॉन्सिल के उपचार

1. गले के बैक्टीरियल इंफेक्शन को खत्म करने के लिए नमक वाले गर्म पानी से दिन में 2-3 बार गरारे करें।

2. इसके अलावा गले के इंफेक्शन को दूर करने के लिए डॉक्टर्स की मदद से एंटीबॉयोटिक्स का इस्तेमाल करें।

3. अगर नमक के गरारे और एंटीबॉयोटिक्स के सेवन से भी टॉन्सिल की बीमारी में आराम नही मिल रहा है, तो ऐसे में डॉक्टर की सलाह पर सर्जरी करवाएं।

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