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किशोरावास्था में लड़कियों के गर्भवती होने के साइड इफेक्ट

किशोरावास्था में लड़कियों का गर्भवती होना, आज भी समाज में बेहद बुरा माना जाता है, लेकिन रिश्तों में आने वाले खुलेपन की वजह से ये समस्या बेहद बढ़ती जा रही है। समय से पहले लड़कियों का गर्भवती होना, न सिर्फ उन्हें बल्कि उनके परिवार और गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी बेहद नुकसानदायक होता है। ऐसे में आज हम आपको किशोरावास्था में लड़कियों के गर्भवती होने के साइड इफेक्ट बता रहे हैं, जिससे आप समय पर इससे बच सकें।

किशोरावास्था में लड़कियों के गर्भवती होने के साइड इफेक्टकिशोरावास्था में लड़कियों के गर्भवती होने के नुकसान

आपने अक्सर अपने आसपास भी किशोरावास्था में लड़कियों को मां बनते हुए देखा होगा। ये पूरी प्रक्रिया काफी असहनीय होने के साथ कई बार लड़की और शिशु की सेहत, परिवार की प्रतिष्ठा और कई अन्य परेशानियों का कारण बनती हैं। ऐसे में सोचने वाली बात ये है कि आखिर क्यों लड़कियां समय से पहले मां बन रही हैं। आइए जानते हैं किशोरावास्था में लड़कियों के गर्भवती होने के कारण और उसके साइड इफेक्ट्स...


किशोरावास्था में लड़कियों के गर्भवती होने के कारण

1. किशोरावास्था में शादी होना

हमारे समाज में आज भी देश के कई इलाकों में लड़कियों की शादी किशोरावास्था यानि 14 से 19 साल की उम्र में कर दी जाती है। जिसकी वजह अधिकांश लड़कियां गर्भावास्था की उपयुक्त आयु के आने से पहले ही गर्भवती हो जाती हैं।

2. अशिक्षित होना

बिहार, उत्तर प्रदेश और कई राज्यों के आदिवासी इलाकों में अशिक्षा और कानूनों की पूरी जानकारी न होने की वजह से अब भी किशोरावास्था में ही लड़कियों की शादी करवा दी जाती है। जिसकी वजह से ज्यादातर लड़कियां मां बनने की उम्र से पहले ही मां बन चुकी होती हैं।

3. लड़कियों के खिलाफ बढ़ता अपराध

आज के दौर में लोग प्यार और अपनेपन के नाम पर किशोरावास्था की लड़कियों के गर्भवती होने में समाज में महिलाओं के खिलाफ बढ़ता अपराध भी मुख्य भूमिका निभाता है। जिसमें रेड लाइट इलाका, रेप केस, शादी और नौकरी के नाम पर धोखा देना, मानव तस्करी प्रमुख हैं।

4. दोस्तों और परिवार से उपेक्षित महसूस करना

आज के दौर में किशोरावास्था के बच्चों में मानसिक विकार अपने चरम पर हैं। ऐसे में अलग-अलग अपराध और अन्य घटनाओं में बच्चों का शामिल होना काफी बड़ा चिंता का कारण बनता जा रहा है। आज के दौर में बच्चे परिवार से लड़ाई या उपेक्षित होने पर अक्सर घर से बाहर निकल जाते हैं। ऐसे में गलत लोगों की संगत की वजह से भी किशोरावास्था में गर्भवती होना काफी बढ़ता जा रहा है।

5. सोशल मीडिया का एक्सपोजर

आज के दौर में लड़कियों में किशोरावास्था में ही मां बनने के मामले बढ़ रहे हैं। इसके प्रमुख कारणों में से एक है सोशल मीडिया का बढ़ता एक्सपोजर है। आज के युवा हर जानकारी और नई चीज को ट्राई करने और उसकी प्रैक्टिकल करने के लिए उत्सुक रहते हैं। ऐसे में कई बार यंग एज में ही लड़कियां यौन संबंध बना लेती हैं और गर्भवती हो जाती हैं। जो उनके साथ, उनके परिवार के लिए भी बेहद इमोशनल टाइम होता है।


किशोरावास्था में लड़कियों के गर्भवती होने के साइड इफेक्ट

1. फिजीकल हेल्थ का खराब होना

किशोरावास्था में लड़कियों के गर्भवती होने का सबसे ज्यादा नुकसान उसकी फिजीकल हेल्थ पर होता है, क्योंकि अधिकांश महिलाएं शारीरिक कमजोरी, अनियमित पीरियड्स और समय से पहले होने वाली डिलीवरी से की शारीरिक बनावट और अन्य बीमारियों के होने की आशंका बढ़ जाती है।

2. आर्थिक परेशानी

किशोरावास्था में लड़कियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्योंकि छोटी उम्र में मां बनने की वजह से उनके पास किसी तरह की कोई सेविंग्स नहीं होती हैं। इसके अलावा कई बार परिवारों वालों का सपोर्ट न मिलने की वजह से भी कई आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

3. शिशु के लिए घातक

किशोरावास्था में गर्भवती होने का सबसे ज्यादा बुरा असर गर्भ में पल रहे शिशु पर होता है, क्योंकि मां का शरीर यानि गर्भाशय पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाता है, जिसकी वजह से गर्भावास्था के दौरान कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा शिशु के विकास में बाधा, वजन कम होना, समय से पहले डिलीवरी (प्रीमैच्योर डिलीवरी) होने जैसी समस्याएं होती हैं।

4. मानसिक परेशानियां

किशोरावास्था में लड़कियों के गर्भवती होने से शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है। जिसमें बार बार गुस्सा आना, नींद पूरी न होना, चिड़चिड़ाहट और घबराहट होना, शिशु की देखभाल करने में परेशानी होना, वजन का बढ़ना, बार बार शिशु को नुकसान पहुंचाने के बारे में सोचना आदि।

5. परिवार पर असर

किशोरावास्था में लड़कियों के गर्भवती होने का बहुत ही गहरा असर होता है, खासकर अगर लड़की अविवाहिता हो। ऐसे में समाज में लड़की के साथ पूरे परिवार के साथ बेहद बुरा बर्ताव करता है। जिससे कई बार परेशान होकर लड़की या परिवार के लोग घर छोड़कर चले जाते हैं या कुछ सुसाइड तक कर लेते हैं।


किशोरावास्था में लड़कियों के गर्भवती होने से जुड़े तथ्य

1. अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, साल 2014 में लगभग 250,000 बच्चों का जन्म हुआ, जिसमें से 77 फीसदी गर्भधारण अनियोजित थे।

2. बाल रोग पत्रिका में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक में 15 से 19 की लड़कियों को डिलीवरी के समय डिप्रेशन की समस्या महसूस हुई, जो 25 वर्ष और अधिक उम्र की महिलाओं की तुलना में दोगुना था। इसके अलावा किशोर माताओं को अन्य किशोर महिलाओं की तुलना में पोस्टट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) का अनुभव होने की अधिक संभावना होती है, ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि किशोर माताओं के मानसिक और शारीरिक शोषण से गुजरने की आशंका अन्य महिलाओं की तुलना में अधिक होती है।

3. किशोरावास्था में गर्भवती होने और स्थिति को सही तरीके से हैंडल न कर पाने की वजह से किशोर माताओं में आत्महत्या करने की अधिक संभावना होती है। इसका मुख्य कारण भावनात्मक तनाव, वित्तीय संकट के अलावा समाजिक अलगाव और अपमान होता है, जो उन्हें आत्महत्या करने तक के लिए प्रेरित करता है।

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