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शहद के फायदे और नुकसान : नवजात के लिए अमृत है शहद, जानिए शहद सेवन का सही तरीका

Shahad Ke Fayde Aur Nuksan शहद के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं, शहद त्वचा, बाल, हार्ट अटैक, उच्च रक्तचाप, सर्दी जुकाम, खून की कमी, वजन घटाना, अस्थमा, कोलेस्ट्रॉल और पाचन को मजबूत करता है। शहद में फैट, कोलेस्ट्रोल और सोडियम नहीं होता। सर्दियों में शहद नवजात के लिए अमृत का काम करता है। लेकिन शहद के सेवन का सही तरीका पता होना आवश्यक है। इसलिए आज हम सर्दी आने से पहले बच्चों की सर्दी को दूर करने वाले शहद के फायदे (Honey Benefits) और उपयोग का सही तरीका बता रहे हैं।

शहद के फायदे और नुकसान : नवजात के लिए अमृत है शहद, जानिए शहद सेवन का सही तरीकाशहद के फायदे और नुकसान

शहद के फायदे (Honey Ke Fayde) सर्दी खांसी और गंभीर बीमारियों को दूर करने तक ही सीमित नही हैं बल्कि उसके नियमित उपयोग से चेहरे की खूबसूरती बढ़ाने के साथ ड्राई स्किन जैसी समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है। ऐसे में हम आपके लिए शहद का सही इस्तेमाल करने का तरीका और शहद के लाभ लेकर आए हैं। जिससे आप बीमारियों के अलावा बेदाग और चमकादार चेहरा पा सकें।


शहद के पौषक तत्व (Nutritional Elements of Honey)

शहद के प्रकार (Types OF Honey)

फ्रक्टोज़ 38.2%

बबूल हनी

ग्लूकोज़: 31.3%

अल्फाल्फा हनी

सुक्रोज़: 1.3%

ऐस्टर हनी

माल्टोज़: 7.1%

एवोकैडो हनी

पोटेशियम : 1 %

बासवुड हनी

जल: 17.2%

बीचवुड हनी

कार्बोहाइड्रेट: 27%

ब्लूबेरी हनी

अन्य: 3.2%

ब्लूगाम हनी


शहद का उपयोग (Use of Honey)

शहद का उपयोग भारत में पूजा पाठ, खाना बनाने और आयुर्वेदिक दवा के रुप में किया जाता है। जिसमें हाई ब्लड प्रेशर, सर्दी, खांसी आदि शामिल हैं। इसके अलावा त्वचा को मुलायम बनाने, रंगत निखारने, आंखों के नीचे के काले घेरे हटाने के साथ ही प्राकृतिक माॉश्चराइजर के रुप में शहद का उपयोग अन्य ब्यूटी प्रोडक्ट्स को बनाने में किया जाता है।




आयुर्वेद में शहद का इस्तेमाल

शहद का उपयोग भारत में प्राचीन काल से खाना बनाने, पूजा पाठ के अलावा चिकित्सा के क्षेत्र में भी किया जाता रहा है। शहद सुपाच्य होने की वजह से इसका अन्य औषधीयों के साथ मिलाकर सेवन करने से औषधि तुरंत खून के जरिए पूरे शरीर में आसानी से फैलने में मदद मिलती है।

आयुर्वेद के मुताबिक शहद किसी भी जड़ी बूटी या औषधि के प्रभाव को शरीर पर लंबे समय तक बरकरार रखने में मदद करता है। जिससे पीड़ित व्यक्ति को जल्द आराम मिलता है।

आमतौर पर आयुर्वेद में अत्यधिक कफ, उल्टी, गैस समस्याओं और रक्त में अशुद्धियों और हाई बी.पी, कैंसर जैसी गंभीर रोगों के उपचार में असरदार होता है। शहद की खासियत ये है कि इसका सेवन 6 महीने से लेकर सभी आयु के लोगों का सेवन करना फायदेमंद रहता है।




शहद के फायदे (Honey Benefits)

1. सर्दी जुकाम (Cold and Cough)

अगर आपके बच्चे को सर्दी, खांसी और जुकाम की समस्या है, तो ऐसे में आप अदरक को पीसकर उसके रस को निकालें और एक चम्मच शहद में मिलाकर दिन में 2 बार दें।

2. नेचुरल मॉश्चराइजर (Natural Moisturizer)

शहद एक नेचुरल मॉश्चराइजर माना जाता है। अगर आप नियमित रुप से इसका उपयोग चेहरे या हाथों की त्वचा पर करते हैं, तो इससे रंगत निखरने के साथ त्वचा में नमी भीबरकरार रहेगी।

3. हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure)

अगर आप हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से परेशान है, तो ऐसे में आप प्याज या लहसुन के रस को निकालें और उसे शहद के साथ मिलाकर सुबह खाली पेट सेवन करें।

4. एनर्जी बूस्टर (Energy Booster)

शहद एक नेचुरल एनर्जी बूस्टर भी होता है, इसलिए अक्सर लोग वर्कआउट करने के बाद या जिम में हैवी एक्सरसाइज के बाद एक हेल्दी ड्रिंक के रुप में पीया जाता है।

5. कटने जलने में असरदार (Effective in Cutting Burns)

अगर किसी गलती की वजह से आपका हाथ कट या जल गया है, तो आपको बता दें कि ऐसे में तुररंत शहद लगाने से दर्द और जलन में आराम मिलता है। इसके नियमित इस्तेमाल से धीरे-धीरे त्वचा का रंग भी साफ हो जाता।




6. शहद आपके खून के लिए अच्छा है (Honey is Good For Blood)

नियमित रुप से गुनगुने पानी में शहद को मिलाकर सेवन करने से आप अपने शरीर के कम हो रहे हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ा सकते हैं। क्योंकि शहद से शरीर में मौजूद लाल रक्त कोशिकाओं में वृद्धि होती है। जिससे रक्त के जरिए शरीर के अन्य अंगों तक ऑक्सीजन सही मात्रा में पहुंचती है।

ऑक्सीजन की कमी से घबराहट, थकान, सांस फूलना और कई बार उदासी और दूसरी समस्याएं महसूस होती हैं। यही नहीं ऑक्सीजन की सही मात्रा शरीर में होने पर आप जल्दी बीमार भी नहीं होते हैं। महिलाओँ के मासिक चक्र के दौरान भी शहद का सेवन करना फायदेमंद साबित होता है। क्योंकि हर महीने काफी मात्रा में महिलाओं के शरीर से ब्लड लॉस का सामना करना पड़ता है।

7. शरीर को इंफेक्शन फ्री बनाने में मददगार (Helpful in Making the Body Infection Free)

शहद में एंटी बैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक वाले प्राकृतिक गुण पाए जाते हैं। जिससे शरीर को खुजली और रूखेपन से राहत मिलती है। एक शोध के मुताबिक शहद में अलग अलग स्तरों पर शरीर में मौजूद जीवाणु और हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही रोजाना सीमित मात्रा में सेवन करने से इ्म्यून सिस्टम बेहतर होता है। जिससे मौसमी बीमारियों से बचाव संभव हो पाता है।

8. कैंसर की कीमोथैरेपी में असरदार (Effective in Cancer Chemotherapy)

शहद का नियमित सेवन करने कैंसर पीड़ित लोगों के लिए रामबाण साबित होता है। शोध के मुताबिक शहद में मौजूद औषधीय गुण शरीर के व्हाइट ब्लड सेल्स यानि सफेद रक्त कोशिकाओं को कैंसर की कीमोथेरेपी के नुकसान से भी बचाने में कारगर होता है।




9 . छोटे बच्चों को नींद लाने में कारगर (Effective in Getting Young Children to Sleep)

अगर आपके बच्चे की रात में सोते समय कई बार आँख खुलती है, तो ऐसे में उन्हें रात में सोने से पहले आधी चम्मच या उससे कम मात्रा में शहद का सेवन कराने से शरीर में गर्माहट का एहसास होता है और वो एक अच्छी नींद ले पाते हैं।

10. चीनी का अच्छा विकल्प (Good Sugar Substitute)

आमतौर पर ज्यादा चीनी का सेवन करने से डायबिटीज के होने का खतरा हमेशा बना रहता है, जबकि ये मीठे में चीनी का एक अच्छा विकल्प बन सकता है। क्योंकि इसमें शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले कम बल्कि फायदे पहुंचाने वाले औषधीय गुण पाए जाते हैं।

शहद में चीनी की तुलना में लगभग 30 फीसदी ग्लूकोज,20 फीसदी कांप्लेक्स शुगर और 40 फीसदी फ्रक्टोज पाया जाता है। इससके अलावा शहद मेंरक्त शर्करा को जलाने वाला स्टार्ची फाइबर डे‍क्सट्रिन भी पाया जाता है, जिससे शरीर का इंसुलिन सामान्य बना रहता है।




शहद के नुकसान (Disadvantages Of Honey)

स्वाद में मीठा होने की वजह से कई बार लोग शहद का अधिक मात्रा में सेवन कर लेते है, जो कई बार नुकसानदायक साबित होता है। आइए जानते हैं शहद का अधिक सेवन करने स होने वाले नुकसान...

1.छोटी आंतों में समस्या

लगातार शहद का अधिक सेवन करने से शरीर में फ्रक्टोज नामक तत्व की मात्रा बढ़ जाती है। जिससे छोटी आंतों की पौषक तत्वों को सोखने की क्षमता कम होने लगती है और शरीर कमजोर होने लगता है।

2. ब्लड शुगर बढ़ जाती है

शहद का लंबे समय तक अधिक सेवन करने से शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। अगर आप डायबिटीक पेशेंट हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर ही शहद का सेवन करें। फ्रैैक्टोज नामक तत्व पाया जाता है।

3. फूड प्वाइजनिंग

अगर आप एक साथ अधिक मात्रा में शहद का सेवन करते हैं, तो इससे आपको फूड प्वाइजनिंग की शिकायत हो सकती है, खासकर बच्चों में ये परेशानी बहुत जल्द दिखाई देती है।




रक्त शुद्ध (खून साफ) करने वाला हेल्दी ड्रिंक बनाने की विधि (Blood Purifying Healthy Drink Recipe)

रक्त शुद्ध करने वाली हेल्दी ड्रिंक रेसिपी सामग्री

2 बड़ी अदरक का रस

एक चम्मच शहद

रक्त शुद्ध (खून साफ) करने वाली हेल्दी ड्रिंक रेसिपी विधि

रक्त शुद्ध करने वाला हेल्दी ड्रिंक बनाने के लिए सबसे पहले अदरक को अच्छे से धोकर साफ कर लें और पीसकर उसका रस निकाल लें। अब अदरक के रस को एक कांच के बर्तन में दिन में लगभग 15 मिनट के लिए रखें और फिर साफ रस को छानकर रेफ्रिजरेटर में स्टोर करके अलग रख लें।

अब रोजाना सुबह खाली पेट दो चम्मच शहद के साथ मिलाकर खाने से रक्त तेजी से शुद्ध होता है। जिससे स्किन इंफेक्शन, कील मुंहासों और खुजली से राहत मिलती है। आप इस मिश्रण का सेवन 6 महीनों में सिर्फ 48 दिनों तक ही करें।




शहद से जुड़ी सावधानियां (Precaution of Honey)

सामान्य रुप से शहद की तासीर अलग-अलग चीजों के साथ बदल जाती है। इसलिए इसका सेवन करते समय सावधानी बरतनी बेहद जरूरी है।

1. शहद का कभी भी उबलते पानी में डालकर मिक्स न करें बल्कि हेल्दी और फिट रहने के लिए गुनगुना पानी में ही मिक्स करके सेवन करें। इससे शारीरिक चुस्ती बढ़ती और इम्यून सिस्टम स्ट्रांग होता है।

2. शहद को घी और दही के साथ ज्यादा देर रखने के बाद सेवन करने से शरीर पर विषैले प्रभाव होते हैं। ऐसे में चरणामृत कके प्रसाद को हमेशा कम मात्रा में तुरंत समाप्त कर देना सबसे उचित होता है।

3. शहद को खाना पकाते समय आंच पर पकाने से बचें, क्योंकि एक निश्चित तापमान पर पहुंचने पर शहद के पौषक तत्व जहरीला प्रभाव देने लगते हैं।




असली शहद की पहचान करने के तरीके (Tips to Identify Real Honey)

1. पानी के साथ मिलाकर करें टेस्ट

इसके लिए एक कांच के गिलास में पानी और शहद लें। पानी में चम्मच की मदद से तार के रुप में पानी में डालें। अगर शहद असली है, तो वो नीचे सतह पर जम जाएगा, जबकि नकली शहद पानी में घुल जाएगा।

2. शीशे की प्लेट वाला टेस्ट

शीशे की प्लेट पर शहद की कुछ बूंदे डालें और अगर वो घुलाई में घूमते हुए सांप की कुंडली की तरह एक जगह ठहर जाती है, तो वो असली शहद है जबकि नकली शहद प्लेट में पर फैल जाएगा।

3. अगर जम जाता है शहद

अगर आपका शहद भी सर्दी के मौसम में जम जाता है और नीचे चीनी जैसा मिश्रण दिखाई देता है, तो वो शुद्ध शहद है, जबकि नकली शहद हर मौसम में एक समान रहता है।

4. सफेद कपड़े वाला टेस्ट

अगर आप शहद की असली और नकली का टेस्ट करना चाहती हैं, तो ऐसे में एक सफेद कपड़े पर थोड़ा सा शहद लगाएं और सूखने पर उसे धोएं। अगर वो साफ हो जाता है, तो वो शुद्ध है, जबकि पूरी तरह से साफ न होने और निशान रह जाने पर समझ जाइए कि वो नकली है।

5. रूई की बत्ती से करें शहद की पहचान

एक रूई की बत्ती बनाकर उसे शहद में भिगोकर जलाएं, अगर वो तुरंत जल जाती है, तो वो शहद शुद्ध है, जबकि नकली शहद होने पर वो बत्ती जलेगी या नहीं चट-चट की आवाज करके जलेगी।

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