Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

Sesame Seeds Benefits : प्रजनन शक्ति बढ़ाता है तिल, जानें गर्भवती महिलाओं को कितनी मात्रा में करना चाहिए तिल का सेवन

Sesame Seeds Benefits तिल के फायदे में बात करें तो तिल की तासीर गर्म होती, महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनीता राय ने बताया कि प्रजनन शक्ति बढ़ाने वाले तिल का सेवन गर्भवती महिलाएं अवश्य करना चाहिए क्योंकि तिल में प्रोटीन, फाइबर, फैट, कैल्शियम, आयरन और कॉर्बोहाइड्रेट जैसे जरुरी पौषक तत्व पाए जाते हैं। आइये जानते हैं गर्भावास्था में तिल के सेवन का सही तरीका।

Sesame Seeds Benefits : प्रजनन शक्ति बढ़ता है तिल, जानें गर्भवती महिलाओं को कितनी मात्र में करना चाहिए तिल का सेवनSesame Seeds Benefits For Female Fertility Pregnancy In Hindi

Sesame Seeds Benefits गर्भावास्था में महिलाओँ को खास ख्याल रखने के लिए उन्हें पौषक तत्वों से भरपूर डायट लेने की सलाह दी जाती है। लेकिन सर्दी के मौसम में तिल के गर्म होने की वजह से तिल के व्यंजनों का बहुतायत में उपयोग किया जाता है। ऐसे में अगर आप सर्दियों में भी गर्भवती महिलाओं को तिल का सेवन करना चाहिए या नहीं के बारे में असमंजस में हैं, तो आपकी इस समस्या से जुड़ी जानकारी लेकर आए हैं...




गर्भवती महिलाओं को तिल का सेवन करना चाहिए या नहीं ?

तिल में प्रोटीन,कॉर्बोहाइड्रेट, फाइबर कैल्शियम, आयरन और फैट जैसे पौषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं के लिए तिल का सेवन करना लाभदायक होता है। तिल की तासीर गर्म होने के कारण सर्दियों में गर्भवती महिलाओं को तिल का सेवन करना उन्हें ठंड से बचाने में मदद करता है। लेकिन गर्भावास्था में तिल का हमेशा सीमित मात्रा में करना चाहिए, क्योंकि ज्यादा करने से गर्भपात या एलर्जी होने की संभावना बढ़ जाती है।




तिल क्या होता है ? / What is Sesame Seeds ?

तिल 3000 साल पुराना छोटे काले और सफेद दानों वाला एक तिलहन है। तिल का उत्पादन एक बीज के रुप में किया जाता है। ये दुनिया के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है। भारत, तंजानिया, म्यांमार और सूडान ने साल 2016 में विश्व उत्पादन में 6.1 मिलियन टन का योगदान दिया था।




तिल के प्रकार और उपयोग / Type of Sesame Seeds Uses

तिल दो प्रकार के होते हैं- काले तिल और सफेद तिल। काले तिलों का उपयोग आमतौर पर पूजा पाठ में किया जाता है। जबकि सफेद तिल का प्रयोग खाना बनाने में किया जाता है। तिल से सर्दियों में चिक्की और गजक बनाई जाती हैं, तो वहीं तिल का नमकीन स्नैक के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है।

तिल के पौषक तत्व / Sesame Seeds Nutrition Value

प्रोटीन – 2 ग्राम

फाइबर - 1 ग्राम

फैट - 4 ग्राम

आयरन - 1.3 ग्राम

कैल्शियम - 89 मिग्रा

कैलोरी - 51

कॉर्बोहाइड्रेट - 2 ग्राम

तिल का गर्भावास्था में सेवन के फायदे / Sesame Seeds Benefits in Pregnancy




1.तिल का रोजाना अलग-अलग रुप से सेवन करने से गर्भ में पल रहे भ्रूण के विकास में तेजी आती है। क्योंकि तिल में विटामिन बी के अलावा राइबोफ्लेविन, नायचीन, थायमिन जैसे पौषक तत्व पाए जाते हैं।

2.तिल का सीमित मात्रा में सेवन करने से गर्भवती महिलाओं की हड्डियों और दांतो को मजबूत मिलती है। क्योंकि तिल में कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। जिससे गर्भ में पल रहे भ्रूण के विकास में तेजी आती है।

3. आमतौर पर गर्भवती महिलाओं को कब्ज की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अगर वो रोजाना एक निश्चित मात्रा में तिल से बने व्यंजनों का सेवन करती हैं, तो उन्हें कब्ज से निजात मिल सकती है।




4. तिल में कॉर्बोहाइड्रेट, फाइबर कैल्शियम, आयरन और फैट भरपूर मात्रा में होता है। ऐसे में तिल का रोजाना सीमित मात्रा में सेवन करने से गर्भवती महिलाओं का इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है और शरीर मौसमी बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनता है।

5. गर्भवती महिलाओं को गर्भावास्था के दौरान थकान और शरीर में बेहद कमजोरी का एहसास होता है। ऐसा अक्सर शरीर में फोलिक एसिड की कमी से होता है। इसके अलावा भ्रूण में होने वाले न्यूरल ट्यूब संबंधित समस्याओं से निजात मिलती है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को नियमित रुप से सीमित मात्रा में तिल का सेवन करना चाहिए।



तिल का सेवन करने के नुकसान / Sesame Seeds Side Effects

1.आमतौर पर तिल का सेवन करना हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन गर्भावास्था के शुरुआती 3 महीनों में सेवन करना महिलाओं के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इससे महिलाओं को गर्भपात यानि मिस्केरज का खतरा बढ़ जाता है।

2. तिल की तासीर गर्म होती है। ऐसे में अगर गर्भावास्था में तिल या तिल के तेल का अधिक मात्रा में उपयोग किया जाता है, तो इससे स्किन एलर्जी हो सकती है। जिसमें त्वचा पर रेशेज, रेडनेस और खुजली होती है।

3. तिल के तेल का ज्यादा सेवन करने या उपयोग करने से गर्भाशय धीरे-धीरे सिकुड़ने लगता है। ऐसे में अगर आप गर्भावती है, तो ये आपके लिए बेहद घातक हो सकता है। इसलिए गर्भावास्था में हमेशा महिलाओं को तिल के तेल से दूर रहना चाहिए।

Next Story
Share it
Top