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Bone Marrow Transplant: ऋषि कपूर को क्यों पड़ी थी बोन मैरो ट्रांसप्लांट करवाने की जरूरत, जानें किसको होती है इसकी जरूरत

Bone Marrow Transplant: ऋषि कपूर को 2018 में कैंसर (Cancer)हुआ था। जिसके इलाज के लिए वे न्यूयॉर्क चले गए थे। वहां उन्होंने बोन मैरो ट्रांसप्लांट करवाया था। इसी बीच आज हम आपको बोन मैरो ट्रांसप्लांट के बारे में बताने जा रहे हैं। इसके साथ ही हम आपको बताएंगे कि बोन मैरो ट्रांसप्लांट (Bone Marrow Transplant) की जरूरत किसे पड़ती है।

ऋषि कपूर को क्यों पड़ी थी बोन मैरो ट्रांसप्लांट करवाने की जरूरत, जानें किसको होती है इसकी जरूरत
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ऋषि कपूर ने क्यों करवाया था बोन मैरो ट्रांसप्लांट (फाइल फोटो)

Bone Marrow Transplant: बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) ने आज दुनिया को अलविदा कह दिया है। वहीं ऋषि कपूर को 2018 में कैंसर (Cancer)हुआ था। जिसके इलाज के लिए वे न्यूयॉर्क चले गए थे। वहां उन्होंने बोन मैरो ट्रांसप्लांट करवाया था। इसी बीच आज हम आपको बोन मैरो ट्रांसप्लांट के बारे में बताने जा रहे हैं। इसके साथ ही हम आपको बताएंगे कि बोन मैरो ट्रांसप्लांट (Bone Marrow Transplant) की जरूरत किसे पड़ती है।

बोन मैरो क्या होता है ?

यह शरीर का एक ऐसा हिस्सा है, जो हड्डियों के अंदर होता है। इसनें बॉडी की ज्यादा कोशिकाएं बनती हैं। बोन मैरो मुलायम ऊतकों (टिश्यूज) के रूप में होता है, जो कई रूपों में प्लेटलेट्स व ब्लड में शामिल होता है।

बोन मैरो ट्रांसप्लांट क्या होता है?

शरीर में मल्टीपल माइलोमा फैलने लगता है और जब कैंसर कोशिकाएं दूसरे सेल्स को खत्म करने लगती हैं। ऐसे में कैंसर की बढ़ती कोशिकाओं को खत्म करने के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया जाता है। इसे करने के लिए मरीज के शरीर में स्टेम सेल्स का प्रत्यारोपण किया जाता है। यह स्टेम सेल्स नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण करती हैं और शरीर के डिफेंस मैकेनिजम को मजबूत करती हैं।

बोनमैरो ट्रांसप्लांट की जरूरत क्यों पड़ती है ?

- जब हड्डियों में मिलने वाला बोन मैरो हैल्थी नहीं होता है।

- कीमोथेरपी के कारण भी बोन मैरो को नुकसान पहुंचता है।

- अलावा अप्लास्टिक अनीमिया, ल्यूकीमिया, लिंफोमा, मल्टिपल माइलोमा, कीमोथेरपी का दुष्प्रभाव के होने पर।

- रेडिएश थेरपी का नकारात्मक असर होने पर।

- थैलेसीमिया, सीकल सेल अनीमिया, कंजेनिटल न्यूट्रोपेनिया में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है।

बोन मैरो ट्रांसप्लांट के बाद इन परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है

- वीकनेस महसूस होना

- हड्डियों में दर्द होना

- प्लेटलेट्स कम होना

- थायराइड होने के चांस होते हैं

इससे ठीक होने में कितना समय लगता है?

बोन मैरो ट्रांसप्लांट से ठीक होने में लगभग 1 से 6 हफ्ते का समय लग जाता है। वहीं अगर इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर है तो ठीक होने में 1 साल का समय भी लग सकता है।

Shagufta Khanam

Shagufta Khanam

Jr. Sub Editor


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