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कोरोना टेस्ट के रिजल्ट नहीं आ रहे सटीक, उठ रहे कई सवाल

महाराष्ट्र अस्पताल में एक पीड़ित का रैपिड एंटीजन टेस्ट नेगेटिव आया था। जबकि उसका पीसीआर जांच किया गया तो वो कोरोना पॉजिटिव निकला। इसके बाद से ही लोगों के मन में टेस्ट को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

कोरोना टेस्ट के रिजल्ट नहीं आ रहे सटीक, उठ रहे कई सवाल
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कोरोना वायरस अपडेट (फाइल फोटो)

कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में तहलका मचा रखा है। इस खतरनाक वायरस के चलते लोग काफी सहमें हुए भी नजर आ रहे हैं। वहीं लोग इस बात को लेकर भी काफी परेशान हैं कि कोरोना वायरस का टेस्ट करने वाला रैपिड एंटीजन का सटीक रिजल्ट देता है या नहीं।

बता दें कि महाराष्ट्र अस्पताल में एक पीड़ित का रैपिड एंटीजन टेस्ट नेगेटिव आया था। जबकि उसका पीसीआर जांच किया गया तो वो कोरोना पॉजिटिव निकला। इसके बाद से ही लोगों के मन में सवाल आ रहे हैं कि ऐसे में क्या कोरोना टेस्ट पर भरोसा किया जाए?

मृत कणों से कोरोना फैलने का कोई खतरा नहीं

वहीं साइंटिस्ट का कहना है कि कोरोना रैपिड एंटीजन टेस्ट में पहले हुए इंफेक्शन के मृत वायरस भी मिल सकते हैं। इस कारण ही जब कोरोना पीड़ितों का कई दिनों बाद भी टेस्ट करने पर पॉजिटिव पाया जाता है। इसके साथ ही साइंटिस्ट का यह भी कहना है कि इन मृत कणों से कोरोना फैलने का कोई खतरा नहीं होता है।

कोरोना के मामले और भी ज्यादा बढ़ने की संभावना

रिसचर्स ने बताया कि टेस्ट रिपोर्ट गलत आने का मतलब है कि इंसान में कम वायरस होने पर भी रिजल्ट नेगेटिव आ सकता है। इससे कोरोना के मामले और भी ज्यादा बढ़ने की संभावना है। हालातों को देखते हुए रिसर्चर्स कोरोना जांच के लिए नया तरीको ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि रिजल्ट सटीक मिल सके।

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कोरोना का टेस्ट पीसीआर स्वैब जांच के जरिए की जाती है

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना का टेस्ट पीसीआर स्वैब जांच के जरिए की जाती है, जिससे कैमिकल का यूज करके जेनेटिक मैटीरियल की पहचान की जाती है। इसमे गले और नाक के सैंपल लिए जाते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि अक्सर वायरस के कण यहां से ही बॉडी में प्रवेश करते हैं।

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