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Pregnancy Tips : जानिए क्या है फॉलिक एसिड, गर्भवती महिलाएं पढ़ लें ये खबर

Pregnancy Tips : फॉलिक एसिड के प्राकृतिक स्रोत या फिर सप्लिमेंट्स का सेवन महिलाओं को स्वस्थ रहने में मदद करता है। खासकर एनीमिया की समस्या होने पर, गर्भावस्था से पहले और गर्भावस्था के दौरान फॉलिक एसिड का सेवन जरूरी है। जानिए, फॉलिक एसिड किस तरह महिलाओं को स्वस्थ रहने में सहायक है और इसके क्या हैं फायदे।

Pregnancy Tips : जानिए क्या है फॉलिक एसिड, गर्भवती महिलाएं पढ़ लें ये खबर

Pregnancy Tips : फॉलिक एसिड को फोलेट (विटामिन बी 9) भी कहते हैं। यह लाल रक्त कणिकाओं के निर्माण, स्वस्थ कोशिकाओं के विकास और उनके सुचारु रूप से काम करने के लिए जरूरी है। महिलाओं में मासिक धर्म और प्रसव के समय ब्लीडिंग के कारण एनीमिया होने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए महिलाओं के लिएजरूरी है कि वो अपने खान-पान में फोलेट से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें। फोलेट गर्भस्थ शिशु के विकास और स्वास्थ्य के लिए भी बहुत जरूरी है।

क्या है फॉलिक एसिड

फोलेट एक विटामिन है, जो विटामिन बी कॉम्प्लेक्स का एक भाग है, इसके कृत्रिम संस्करण (मानवनिर्मित रूप) को फॉलिक एसिड कहा जाता है। फोलेट लाल रक्त कणिकाओं के निर्माण में तो अहम भूमिका निभाता ही है, गर्भावस्था की शुरुआत में गर्भवती महिला के शरीर में इसका उचित स्तर होना बहुत जरूरी है।

जिससे बच्चों में होने वाली मस्तिष्क और स्पाइन की जन्मजात विकृति की आशंका को कम किया जा सके। कई महिलाओं के लिए भोजन से फोलेट की पर्याप्त मात्रा प्राप्त करना संभव नहीं होता, इसलिए उन्हें टीनएज से ही फॉलिक एसिड के सप्लिमेंट्स लेने की सलाह दी जाती है।

फॉलिक एसिड के नेचुरल सोर्स

गहरी हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे-पालक, मेथी। फलियां, मटर, खरबूजा, संतरा, केले, नीबू, स्ट्रॉबेरी और अंगूर फोलेट के अच्छे स्रोत हैं। ब्रेड, साबुत अनाज, आटा, चावल, पास्ता और अंडे में भी यह काफी मात्रा में पाया जाता है।

सभी तरह के अंकुरित अनाज भी फोलेट के अच्छे सोर्स होते हैं। महिलाओं को पर्याप्त मात्रा में प्राकृतिक स्रोतों से फोलेट प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए, जिससे सप्लीमेंट्स लेने की जरूरत कम से कम पड़े।

गर्भावस्था से पहले भी जरूरी

एक युवा महिला को प्रतिदिन लगभग 400 माइक्रोग्राम्स (एमसीजी) फोलेट का सेवन करना चाहिए। जो महिलाएं गर्भधारण करने की योजना बना रही हैं या गर्भवती हैं, उन्हें 600-800 एमसीजी फोलेट का सेवन करना चाहिए।

गर्भवती महिलाओं को फोलेट की हर दिन की आवश्यकता को पूरी करने के लिए फॉलिक एसिड के सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दी जाती है, जिससे बच्चे में होने वाली जन्मजात विकृतियों, स्पाइनल बाइफिडा और मस्तिष्क के असामान्य विकास को रोका जा सके।

यह गर्भावस्था के दौरान एनीमिया होने के खतरे को भी दूर करता है, जिसका सामना 40-50 प्रतिशत महिलाओं को करना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं में इसकी कमी से बच्चों में हार्ट प्रॉब्लम, डायबिटीज और दूसरी बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है। जन्म के समय बच्चों का वजन भी कम होजाता है।

गर्भावस्था के दौरान फॉलिक एसिड

गर्भस्थ शिशु में जन्मजात विकृतियां होने की आशंका गर्भावस्था के 3-4 सप्ताह में होती हैं, इसलिए यह जरूरी है कि गर्भवती महिला के शरीर में उन प्रारंभिक चरणों में, जब बच्चे का मस्तिष्क और स्पाइनल कार्ड डेवलप हो रही हो, तब फोलेट की उचित मात्रा होनी चाहिए। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि जो महिलाएं गर्भवती होने के एक साल पहले फॉलिक एसिड का सेवन शुरू कर देती हैं, उनमें समय पूर्व प्रसव होने की आशंका 50 प्रतिशत तक कम हो जाती है।

कई हैं फायदे

-फॉलिक एसिड नई कोशिकाओं के निर्माण और उन्हें बनाए रखने में सहायता करता है, विशेष रूप से रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए शरीर में इसका पर्याप्त स्तर होना बहुत जरूरी है।

-फॉलिक एसिड की कमी एनीमिया का कारण बनती है। इसलिए किशोर उम्र की लड़कियों को सप्ताह में एक बार फॉलिक एसिड की गोली लेने की सलाह दी जाती है।

-यह कैंसर के कारण कोशिकाओं के डीएनए में होने वाले परिवर्तनों को भी रोकने का प्रयास करता है।

-अमेरिका की शिकागो यूनिवर्सिटी में हुए एक अध्ययन के अनुसार फॉलिक एसिड से उच्च रक्तदाब होने का खतरा बहुत कम हो जाता है।

-फॉलिक एसिड अवसाद से लड़ने में भी सहायता करता है। इस बात के पर्याप्त प्रमाण हैं कि फॉलिक एसिड के सप्लीमेंट्स डिमेंशिया को रोकने में कारगर हैं।

करें डॉक्टर से कंसल्ट

अगर आपको इनमें से कोई भी स्वास्थ्य समस्या है तो बिना डॉक्टर की सलाह के फॉलिक एसिड्स के सप्लीमेंट्स न लें।

-किडनी डिजीज (या अगर आप डायलिसिस पर हैं)।

-हेमोलाइटिक एनीमिया।

-पर्निशियस एनीमिया।

-कोई संक्रमण।

ऐसी स्थिति में डॉक्टर फॉलिक एसिड की डोज कम करने की सलाह दे सकते हैं या कोई टेस्ट कराने के लिए कह सकते हैं। जिससे आप सुरक्षित रूप से फॉलिक एसिड का सेवन कर सकें। अगर आपको फॉलिक एसिड से एलर्जी है तो इसका सेवन बिल्कुल न करें।

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