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प्रेग्नेंसी में जामुन खाएं या नहीं...

Pregnancy Tips : गर्मियों में आने वाला जामुन खाना में ही स्वादिष्ट नहीं होता है बल्कि हमारे शरीर को डायबिटीज जैसी कई गंभीर बीमारियों से बचाने का काम करता है। वैसे तो महिलाओं का गर्भावास्था में फलों का सेवन करना बेहद फायदेमंद होता है लेकिन क्या गर्भावास्था में जामुन खाना सही या नहीं, इसको लेकर अक्सर लोगों के बीच हमेशा असमंजस की स्थिति बनी रहती है। क्योंकि गर्भावास्था के दौरान अनजाने में होने वाली एक छोटी सी गलती भी मां और शिशु के लिए घातक हो सकती है। इसलिए आज हम आपको गर्भावास्था यानि प्रेग्नेंसी में जामुन खाएं या नहीं के बारे में बता रहे हैं।

प्रेग्नेंसी में जामुन खाएं या नहीं...

Pregnancy Tips : गर्मियों में आने वाला जामुन खाना में ही स्वादिष्ट नहीं होता है बल्कि हमारे शरीर को डायबिटीज जैसी कई गंभीर बीमारियों से बचाने का काम करता है। वैसे तो महिलाओं का गर्भावास्था में फलों का सेवन करना बेहद फायदेमंद होता है लेकिन क्या गर्भावास्था में जामुन खाना सही या नहीं, इसको लेकर अक्सर लोगों के बीच हमेशा असमंजस की स्थिति बनी रहती है। क्योंकि गर्भावास्था के दौरान अनजाने में होने वाली एक छोटी सी गलती भी मां और शिशु के लिए घातक हो सकती है। इसलिए आज हम आपको गर्भावास्था यानि प्रेग्नेंसी में जामुन खाएं या नहीं के बारे में बता रहे हैं।




जामुन के औषधीय गुण :

आयरन

मैग्नीशियम

फॉस्फोरस

फोलिक एसिड

केरोटिन

पौटेशियम

सोडियम शुगर

विटामिन सी




प्रेग्नेंसी में जामुन खाएं या नहीं...

1.जामुन में आयरन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। जिससे अक्सर गर्भावास्था में महिलाओं में होने वाली शरीर में खून की कमी यानि एनिमिया को दूर किया जा सकता है।

2. जामुन में कैल्शियम,विटामिन सी, आयरन और पौटेशियम भरपूर पाया जाता है। जिससे मां के साथ शिशु की हड्डियों और दांतों को मजबूती मिलती है। साथ ही शिशु की तेज विकास में भी मददगार साबित होता है।

3.गर्भावास्था के दौरान महिलाओं का जामुन के नियमित रूप से सेवन करने पर पाचन तंत्र सुचारु रुप से काम करता है। जिससे पेट संबंधी समस्याएं यानि गैस, कब्ज, अल्सर आदि से राहत मिलती है।

4.जामुन को डायबिटीज के लिए अमृत कहना गलत नहीं होगा। क्योंकि जामुन, जामुन के पत्ते, छाल और गुठली का अलग-अलग पाउडर बनाकर खाने से शरीर में बनने वाले इंसुलिन को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। जिससे डायबिटीज में कमी आती हैं।

5.नियमित रूप से जामुन का सेवन करने से गर्भावास्था के दौरान महिलाएं सर्दी, जुकाम या वायरल इंफेक्शन आदि से खुद को बचा सकती हैं। क्योंकि जामुन, जामुन के पत्तियों, छाल और गुठली में एंटी फंगल और एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं।

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