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आंखों में जब हो जाए कंजंक्टिवाइटिस तो कैसे करें इससे बचाव

आमतौर पर यह एक हफ्ते में अपने आप ठीक हो जाता है। लेकिन फिर भी साफ-सफाई बरतें, आंखों को ताजे गुनगुने पानी या बोरिक एसिड मिले पानी से बार-बार धोएं। आंखों में बार-बार हाथ न लगाएं और न मलें। एलर्जिक आई फ्लू होने पर नॉन स्टेरॉयडल एंटीइन्फ्लेमेट्री मेडिकेशन की जरूरत होती है। बैक्टीरियल इंपेक्शन होने पर एंटी बैक्टीरियल आई ड्रॉप डालने के लिए दी जाती है। इससे बचाव के लिए हाइजीन मेंटेन करना बहुत जरूरी है।

आंखों में जब हो जाए कंजंक्टिवाइटिस तो कैसे करें इससे बचाव
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बारिश के मौसम में आंखों में होने वाला कंजंक्टिवाइटिस इंफेक्शन कॉमन है। यह मूलतः तीन तरह का होता है- वायरल, एलर्जिक और बैक्टीरियल। यह आई फ्लू बहुत संक्रामक है, जो एक व्यक्ति से दूसरे में जल्दी फैल सकता है। इसमें आंखें लाल होना, सूजन आना, इचिंग होना, पानी निकलना, सोकर उठने के बाद आंखें चिपचिपी होना जैसी समस्याएं होती हैं। गंदे हाथ लगाने की वजह से बच्चों में यह इंफेक्शन तेजी से फैलता है।

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कैसे करें बचाव: आमतौर पर यह एक हफ्ते में अपने आप ठीक हो जाता है। लेकिन फिर भी साफ-सफाई बरतें, आंखों को ताजे गुनगुने पानी या बोरिक एसिड मिले पानी से बार-बार धोएं। आंखों में बार-बार हाथ न लगाएं और न मलें। एलर्जिक आई फ्लू होने पर नॉन स्टेरॉयडल एंटीइन्फ्लेमेट्री मेडिकेशन की जरूरत होती है। बैक्टीरियल इंपेक्शन होने पर एंटी बैक्टीरियल आई ड्रॉप डालने के लिए दी जाती है। इससे बचाव के लिए हाइजीन मेंटेन करना बहुत जरूरी है। अपना तौलिया, रुमाल और चश्मा किसी के साथ शेयर न करें। अपने आस-पास किसी को यह इंफेक्शन है तो कोशिश कर उससे दूरी बनाए रखें। उनसे हाथ न मिलाएं और न ही उनके साथ बैठकर खाना खाएं।


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