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Mother's Day 2019 : मदर्स डे मां की सेहत का कैसे रखें ख्याल, जानें हेल्थ टिप्स

Mothers Day 2019 : मदर्स डे साल 2019 में कब है (Mother's Day 2019 Date)अगर आप नहीं जानते हैं, तो आपको बता दें कि 12 मई (12 May)रविवार (Sunday)को मातृ दिवस (Mothers Day 2019) सेलिब्रेट किया जाएगा। ऐसे में आज हम आपको मां की सेहत का ख्याल रखने के लिए टिप्स यानि मां को सेहतमंद रखने वाले तरीके (Health Tips for Mother)बता रहे हैं। वैसे तो नियमित योगाभ्यास के जरिए बढ़ती उम्र में भी स्वस्थ रहा जा सकता है। आपको भी अपनी मां को रोजाना योगाभ्यास करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्हें इंस्पायर करने के लिए उनके साथ आप भी योगाभ्यास कर सकती हैं। जानिए, किस तरह के योगाभ्यास बढ़ती उम्र में लाभदायक हो सकते हैं।

Mother

Mothers Day 2019 : मदर्स डे साल 2019 में कब है (Mother's Day 2019 Date) अगर आप नहीं जानते हैं, तो आपको बता दें कि 12 मई (12 May)रविवार (Sunday)को मातृ दिवस (Mothers Day 2019) सेलिब्रेट किया जाएगा। ऐसे में आज हम आपको मां की सेहत का ख्याल रखने के लिए टिप्स यानि मां को सेहतमंद रखने वाले तरीके (Health Tips for Mother)बता रहे हैं। वैसे तो हर मां अपना पूरा जीवन बच्चों की अच्छी परवरिश, उनकी सेहत की देखभाल के लिए समर्पित कर देती है।

इस वजह से अकसर खुद की सेहत को नजरअंदाज भी करती है। फिर जैसे-जैसे मां की उम्र बढ़ने लगती है, उन्हें कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स होने लगती हैं। खासतौर से, चालीस पार करने के बाद मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है, उम्र के इस पड़ाव में हार्मोनल बदलावों से लेकर कमर दर्द, स्किन समस्याएं, लो इम्युनिटी जैसी कई तरह की दिक्कतें उन्हें शुरू हो जाती हैं। ऐसे में स्वस्थ रहने के लिए सबसे आसान तरीका योगाभ्यास है। इससे बढ़ती उम्र में भी मां फिट, हेल्दी रह सकती हैं।

वृक्षासन

इस आसन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले एकदम सीधे सावधान मुद्रा में खड़े हो जाएं। अपने बाएं पैर के घुटने को सीधा रखें और दाएं हाथ से दाएं पैर को उठाकर बाएं पैर के घुटने के जोड़ पर रखें। पैरों की अंगुलियां नीचे की ओर झुकी होनी चाहिए। इसके बाद बाएं पैर से अपने शरीर का बैलेंस बनाने की कोशिश करें।

इसके बाद दोनों हाथों को ऊपर ले जाते हुए हाथ को नमस्कार मुद्रा में रखें। इस दौरान शरीर का संतुलन बनाए रखें और जितनी देर संभव हो, इस मुद्रा में रहें। इसके बाद प्रारंभिक अवस्था में लौट आएं। अब दूसरे पैर से भी यही प्रक्रिया दोहराएं।

गोमुखासन

गोमुखासन महिलाओं के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। यह महिलाओं की कई समस्याओं को आसानी से दूर करता है। इस आसन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले सुखासन में बैठें। अपने बाएं पैर की एड़ी को दाहिने नितंब के पास रखिए। इसके बाद दाहिने पैर को बाएं जांघ के ऊपर इस तरह रखें कि दोनों घुटने एक-दूसरे के ऊपर आएं।

इसके बाद बाएं हाथ को पीठ के पीछे ले जाइए, साथ ही दाहिने हाथ को भी दाहिने कंधे से पीछे ले जाइए। दोनों हाथों को एक-दूसरे से जोड़कर रखें, लेकिन ध्यान रखें कि इस आसन को करते समय आपकी गर्दन सीधी हो। आंखें बंद रखें और इस अवस्था में जितनी देर हो,रुके रहें। इस आसन को दो से तीन बार दोहराएं।

सर्वांगासन

इस आसन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल जमीन पर सीधे लेट जाइए। इसके बाद अपने दोनों पैरों को ऊपर की ओर कुछ इस तरह उठाइए कि जमीन से 90 डिग्री का कोण बन जाए। इसके बाद कमर को हाथों का सपोर्ट देते हुए ऊपर की ओर उठाएं और पैरों को सिर की तरफ पीछे से धकेलें। इस अवस्था में पैर, पीठ और कमर सीधे तने होने चाहिए। कुछ क्षण इसी अवस्था में रुकें। अब धीरे-धीरे पहले की अवस्था में वापस लौट आइए।

भ्रामरी प्राणायाम

उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं को नींद न आने की समस्या भी शुरू हो जाती है। ऐसे में भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास अवश्य करना चाहिए। इसके लिए सबसे पहले पद्मासन या सिद्धासन या किसी भी आरामदायक अवस्था में बैठें।

अब आंखें और मुंह बंद कर लें और गहरी सांस लें। दोनों कानों को अंगूठों से बंद कर लें और मधुमक्खी के गुनगुनाने की ध्वनि के साथ सांस छोड़ें। यह एक चक्र हुआ। इस तरह से आप इसे 10 से 15 बार करें।

लेखिका - मिताली जैन

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