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सावधान : चीन के बीजिंग शहर से फिर आया एक और नया वायरस, जानें Monkey B के बारे में...

चीन के बीजिंग शहर से एक ओर घातक वायरस सामने आया है। यहां मंकी बी वायरस (Monkey B virus) से एक पशु चिकित्सक (Veterinary Surgeon) की मौत हो गई। यह वायरस बंदरों से इंसान तक पहुंचा है। जो एक चिंता का विषय बन गया है। दुनिया में पहले ही कोविड 19 जैसे वायरस से लड़ रही हैं और अब इस नये वायरस ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। खबरों की मानें तो यह वायरस काफी खतरनाक है और यह सीधा मनुष्य के सेंट्रल नर्वस सिस्‍टम पर अटैक करता है।

सावधान : चीन के बीजिंग शहर से फिर आया एक और नया वायरस,  जानें Monkey B के बारे में...
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प्रतीकात्मक तस्वीर

चीन के बीजिंग शहर से एक ओर जानलेवा वायरस सामने आया है। यहां मंकी बी नाम के एक वायरस (Monkey B virus) से पशु चिकित्सक (Veterinary Surgeon) की मौत हो गई। यह वायरस बंदरों से इंसान तक पहुंचा है। जो एक चिंता का विषय बन गया है। दुनिया में पहले ही कोविड 19 जैसे वायरस से लड़ रही है और अब इस नये वायरस ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। खबरों की मानें तो यह वायरस काफी खतरनाक है और यह सीधा मानव के सेंट्रल नर्वस सिस्‍टम पर अटैक करता है।

कैसे फैलता है मंकी बी वायरल

खबरों की मानें तो यह वायरस अफ्रीकी लंगूरों से पैदा हुआ वायरस है, जो डायरेक्ट कांटेक्ट और बॉडी से निकलने वाले फ्लूड से फैल जाता है।

सेंट्रल नर्वस सिस्‍टम पर करता है अटैक

यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश हुई रिपोर्ट की मानें तो जब इंसानों को मंकी बीवी संक्रमण होता है तो वो सीधा उनके सेंट्रल नर्वस सिस्‍टम पर अटैक करता है। इस संक्रमण की सबसे बड़ी बात यह है कि अगर कोई व्यक्ति इससे संक्रमित हो जाता है तो वायरस के प्रारंभिक लक्षण आने में करीब एक से तीन सप्ताह लग जाते हैं। ऐसे में आपको जरा संभलकर रहने की जरुरत है।

1932 में भी आया था ऐसा मामला

कहा जा रहा है कि यह वायरस 1932 में सामने आ चुका है। यह सीधे संपर्क और शारीरिक स्राव के माध्यम से फैलता है। चीन में इसकी मृत्यु दर 70 से 80 प्रतिशत है।

क्या है वायरस के लक्षण

-बॉडी पर धब्बे या चकते का आना

-बुखार

-बदन दर्द

-सिरदर्द

-थकावट

चीन के बीजिंग से ही हई शुरुआत

चीन में जानलेवा बीमारी मंकी बी वायरस से संक्रमित एक शख्स की मौत हो गई है। वायरस से मरने वाला शख्स बीजिंग में पशु चिकित्सक (Veterinary Surgeon)था। वह एक शोध संगठन के लिए काम करता था। मार्च की शुरुआत में दो मृत बंदरों की चीरफाड़ की थी। एक महीने बाद उस शख्स के मतली और उल्टी के शुरुआती लक्षण दिखाई दिए। जिसके बाद चाइनीज सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन में जांच की गई और इसमें खुलासा हुआ कि शख्स मंकी बी वायरस की चपेट में आ गया था। चीन के सीडीसी वीकली इंग्लिश प्लेटफॉर्म ने इस बात का खुलासा किया है कि वायरस से 27 मई को पशु चिकित्सक की मौत हो गई थी। चीनी पशु चिकित्सक के मंकी बी वायरस से संक्रमित होने के बाद मौत का पहला मामला सामने आया है। जांच करने पर उसमें मंकी बी वायरस पाया गया था। इसके बाद इस पशु चिकित्सक के करीबी संपर्कों के नमूने लिए गए। लेकिन उनमें वायरस नहीं पाया गया।

कोविड को अब तक नहीं किया जा सका खत्म

बता दें कि कोविड 19 की शुरुआत चीन के बीजिंग शहर से ही हुई थी, कोविड के कहर ने दुनिया को हिलाकर रखा हुआ है। रोज नए रिसर्च किए जा रहे हैं। मगर इसके बाद भी कोविड को दुनिया से पूरी तरह खत्म करने के लिए कोई इलाज नहीं मिल पाया है।

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