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लिवर का रामबाण इलाज

लीवर हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक होता है। लीवर की समय पर सफाई न करने पर हेपेटाइटिस बी, लीवर कैंसर, फैटी लीवर और क्रॉनिकल लीवर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अगर कुछ नेचुरल चीजों का सेवन करने के साथ अपने डेली रुटीन में बदलाव किया जाए, तो लीवर के रोगों से बचा जा सकता है। इसलिए आज हम आपको लीवर क्या होता है,लीवर से जुड़ी बीमारियां, लीवर की बीमारियों की जांच, लीवर को साफ कैसे करें और लीवर की बीमारियों का उपचार बता रहे हैं।

लिवर का रामबाण इलाज

आज के दौर में गलत खानपान और बिगड़े लाइफस्टाइल का असर हमारे दिल, किडनी के साथ लीवर को भी बीमार बनाता है। जिससे लीवर से जुड़ी कई सारे जानलेवा रोगों के होने की संभावना बढ़ जाती है। लेकिन ऐसे में अगर कुछ सावधानी के साथ अपनी दिनचर्या में बदलाव किए जाएं तो लीवर कैंसर, लीवर की सूजन, लीवर खराब होने जैसी बीमारियों को मात दी जा सकती है। आइए जानते हैं वेवएमडी डॉट कॉम, ओनली माई हेल्थ डॉट कॉम और एचएचडीरिसर्च डॉट ओरजी के मुताबिक, लीवर को साफ करने का तरीका, लीवर से जुड़ी बीमारियों के प्रकार, लीवर की बीमारियों की जांच कैसे करवाएं आदि....




क्या होता है लीवर / What is Liver

लीवर, पेट के दाई ओर ऊपर की तरफ होता है। लीवर को महसूस करना बेहद मुश्किल होता है क्योंकि ये पसलियों के बीच स्थित होता है। लीवर के दो हिस्से होते हैं, जिन्हें दायां लोब और बायां लोब कहा जाता है। लीवर का मुख्य कार्य पाचन तंत्र से आने वाले रक्त को शरीर के अन्य अंगों तक पहुंचने से पहले साफ (शुद्ध) करना होता है। इसके अलावा लीवर दवाओं को पचाने में मदद करता है और खून के थक्के और अन्य कार्यों के लिए प्रोटीन को बनाने का भी काम करता है। लीवर, पित्ताशय की थैली के ऊपर होता है, जिससे वो अग्न्याशय और आंतों से जुड़ा हुआ होता है। इसलिए भोजन पचाने और उसे अवशोषित करने में लीवर आंतों की सहायता करता है।

लीवर से जुड़ी बीमारियों के प्रकार / Types Of Liver Diseases

हेपेटाइटिस बी - हेपेटाइटिस बी, एक लीवर से जुड़ी बीमारी है। आमतौर पर हेपेटाइटिस बी गंदगी, शराब का ज्यादा सेवन करने, पेनकिलर्स का अधिक उपयोग करने, असुरक्षित यौन संबंध और अवैध मादक पदार्थों का लगातार सेवन करने से होता है। हेपेटाइटिस बी में लीवर में सूजन आती है।लीवर सिरोसिस - लीवर सिरोसिस में लीवर लंबे समय तक नुकसान पहुंचने पर होता है। लगातार ऐसा होने पर लीवर अपना कार्य सुचारु रुप से नहीं कर पाता है। जिससे व्यक्ति धीरे-धीरे शारीरिक रुप से कमजोर होने लगता है।

लीवर कैंसर - लीवर कैंसर, लीवर की सबसे कॉमन बीमारियों में से एक मानी जाती है। लीवर कैंसर हमेशा सिरोसिस के बाद होता है। इसमें लीवर में गांठे बनने लगती हैं। जिसे हेपेटोसेलुलर कार्सिनोमा कहा जाता है।

लीवर फैल्योर - लीवर फैल्योर के कई वजह से हो सकता है। जिनमें इंफेक्शन होना, जेनेटिक (आनुवांशिक) कारण और शराब का अधिक मात्रा में सेवन करनाप्रमुख है।

गॉलस्टोन - गॉलस्टोन को आम बोलचाल में पित्ताशय की पथरी कहा जाता है। यदि पित्त की पथरी लीवर में मौजूद पित्त नली में फंस जाती है, तो ऐसे में पित्त नली का इंफेक्शन (हैजांगाइटिस) और हेपेटाइटिस बी होने का खतरा बढ़ जाता है।

हेमोक्रोमैटोसिस- हेमोक्रोमैटोसिस नामक बीमारी में शरीर में मौजूद आयरन धीरे-धीरे लीवर में जमा होने लगता है। जिससे लीवर को नुकसान पहुंचता है

लीवर की बीमारियों के लक्षण / Liver Disease Symptoms

पीलिया होना

पेट दर्द और सूजन

पैरों और टखनों में सूजन

त्वचा में खुजली

गहरे पीले रंग का मूत्र

पीला मल का रंग

शरीर में थकान रहना

उलटी अथवा मितली

भूख में कमी होना

लीवर की बीमारियों के कारण / Liver Disease Causes

इंफेक्शन - लीवर में इंफेक्शन से होने वाले रोगों में हेपेटाइटिस ए,हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी प्रमुख हैं।

आनुवांशिक - लीवर से जुड़ी बीमारियां हमें कई बार अपने माता-पिता से विरासत के रुप में मिलती है। जिसे जेनेटिक डिसीज कहा जाता है। जिसमें हेमोक्रोमैटोसिस

हाइपरॉक्सालुरिया और ऑक्सालोसिस,विल्सन की बीमारी,अल्फा -1 एंटीट्रिप्सिन की कमी,कैंसर और अन्य वृद्धि मुख्य हैं।

ऑटो इम्यून सिस्टम - ऑटो इम्यून सिस्टम होने पर आपके शरीर कई बार आम बीमारियों के अलावा गंभीर रोगों के वायरस से लड़ने में असमर्थ हो जाता है।

जिसकी वजह से ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस,प्राथमिक पित्त सिरोसिस,प्राइमरी स्केलेरोसिंग कोलिन्जाइटिस जैसी लीवर की बीमारियां घेर लेती हैं।

कैंसर संबंधी - लीवर कैंसर के अलावा पित्त की थैली में कैंसर और लीवर एडेनोमा नामक बीमारी होती है। ये आमतौर पर शराब का सेवन अधिक करने से होती हैं।

अन्य लीवर रोग - लीवर की अन्य बीमारियों में फैटी लीवर यानि लीवर में वसा (फैट) का जमाव होने लगता है। फैटी लिवर बीमारी को नॉन एल्कोहॉलिक बीमारी भी माना जाता है।




लीवर की बीमारियों की जांच / Liver Disease Test

हेपेटाइटिस बी टेस्ट - हेपेटाइटिस बी टेस्ट के जरिए डॉक्टर लीवर में हेपेटाइटिस बी के इंफेक्शन और वायरस की जांच करते हैं।

ब्लड टेस्ट - ब्लड टेस्ट के जरिए डॉक्टर्स लीवर फंक्शन,लीवर इंफेक्शन और लीवर से जुड़ी बीमारियों के वायरस के बारे में जानने की कोशिश करता है।

अल्ट्रा साउंड - लीवर से जुड़ी बीमारियों को जानने के लिए अल्ट्रा साउंड करवाना भी एक अच्छा माध्यम माना जाता है। क्योंकि इसमें पिक्चर के जरिए लीवर की

कंडीशन और फंक्शन को देखा जा सकता है।

लीवर बायोप्सी - लीवर बायोप्सी अक्सर ब्लड टेस्ट या अल्ट्रा-सांउड के बाद किया जाता है। जिससे लीवर से जुड़ी बीमारी को जाना जा सके।

सी टी स्केन - सी टी स्केन यानि कंप्यूटेड टोमोग्राफी के जरिए पेट का सीटी स्कैन किया जाता है। जिससे पेट और लीवर की डिटेल इमेज मिलती है। ये अल्ट्रा

साउंड की तरह का एक माध्यम माना जाता है। जिससे लीवर की बीमारी को पहचानने में मदद मिलती है।

लीवर की सफाई कैसे करें / How To Clean Liver




1. अगर आप लीवर को साफ करना चाहते हैं, तो ऐसे में रोजाना लहसुन और नींबू का उपयोग जरुर करें। इन दोनों ही चीजों में एंटीबॉयोटिक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके साथ ही लहसुन में लीवर की क्षमता को बढ़ाने वाले ऐलिसिन और सेलेनियम नामक एंजाइम होते हैं, तो वहीं नींबू का विटामिन सी से लीवर की सफाई आसानी से हो जाती है।

2.चुंकदर और गाजर के जूस का नियमित करने से भी लीवर की सफाई की जा सकती है। इसके साथ ही लीवर की कोशिकाओं की मरम्मत करने में सहायक होते हैं क्योंकि चुंकदर और गाजर में उच्च मात्रा में फ्लेवेनॉइड और बीटा केरोटिन पाया जाता है।




3.लीवर को साफ करने का सबसे आसान तरीका है दिन में 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से शरीर के विषैले तत्व को बाहर निकालने में मदद मिलती है।

4.साबुत अनाज का सेवन करना लीवर से जुड़ी बीमारियों और लीवर की सफाई के लिए बहुत फायदेमंद होता है। साबुत अनाज में भरपूर मात्रा में विटामिन बी कॉमप्लेक्स पाया जाता है। जिससे लीवर फंक्शन सुचारु रुप से हो पाता है। साबुत अनाज का सेवन हमेशा सुबह के समय करना चाहिए।




5.अजवायन का तेल भी लीवर की सफाई करने के लिए बेहद उपयोगी माना जाता है। अजवायन में एंटी फंगल, एंटीबॉयोटिक गुण पाए जाते हैं। जो लीवर को इंफेक्शन से बचाते हैं। अजवायन के तेल का प्रयोग स्किन डिसीज में भी किया जाता है।

6.सेब में मौजूद पैक्टिन तत्व हमारे पाचन तंत्र को मजबूत करता है। इसके साथ ही लीवर से हानिकारक तत्वों को शरीर से बाहर कर सफाई करने में मदद करता है। सेब में बहुत सारे एंटीऑक्सीडेंट तत्व भी पाए जाते हैं।




7. एवाकॉडो, नाशपाती की तरह दिखने वाला ये फल लीवर की कोशिकाओं और ऊतकों का निर्माण करने में मदद करता है। इसके साथ ही एवाकॉडो में मौजूद ग्‍लूटाथोनिन तत्‍व और मोनोसैचुरेटेड फैट लीवर को साफ करते हैं।

8. ग्रीन टी आपके बढ़ते वजन को कम करने के साथ ही लीवर की सफाई करने में भी अहम भूमिका निभाती है। ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट तत्व के अलावा लीवर की गंदगी यानि फ्री रेडिकल्स को बाहर निकालने में मदद करते हैं।




9.जैतून का तेल भी लीवर की सफाई के लिए उपयोगी होती है। क्योंकि उसमें लिपिड सही मात्रा में पाया जाता है। जिससे लीवर को कार्य करने में आसानी होती है और विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद मिलती है।

10. ब्रोकली का सप्ताह में 2-3 बार अलग अलग तरीके से सेवन करने से लीवर की सफाई करना आसान होता है। क्योंकि ब्रोकली में विटामिन और मिनरल के अलावा ग्‍लूकोसिनोलेट्स नामक एंजाइम्स पाए जाते हैं, जो लीवर के विषैले तत्वों को निकालने में सहायता करते हैं।

लीवर की बीमारियों का उपचार / Liver Disease Treatment

लीवर ट्रांसप्लांट - लीवर ट्रांसप्लांट की जरुरत अक्सर लीवर फेल्योर होने और लीवर के सही से फंक्शन न करने पर किया जाता है।

हेपेटाइटिस ए और बी ट्रीटमेंट - हेपेटाइटिस ए समय के साथ स्वयं ठीक हो जाता है, जबकि हेपेटाइटिस बी के इलाज में एंटीवायरल मेडिसिन्स का उपयोग किया जाता है।

लीवर कैंसर का इलाज - लीवर कैंसर एक बेहद गंभीर बीमारी होती है, जो आमतौर पर शराब का अधिक सेवन करने से होती है। लीवर कैंसर का उपचार कीमोथेरेपी, सर्जिकल के अलावा लीवर ट्रांसप्लांट के जरिए किया जाता है। इसके साथ ही शराब के सेवन से बचना भी एक अच्छा ऑप्शन है।

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