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कमर और पीठ दर्द से रहती हैं परेशान तो तुरंत अपनी इस आदत में लाएं बदलाव, जानें कैसे मिलेगी इससे राहत

कमर और पीठ दर्द के पीछे की एक वजह गलत मुद्रा में खड़े होना भी है। इसी बीच आज हम आपको इस दर्द के हाने का कारण और इससे बचने के कुछ उपाय बताने जा रहे हैं। इन टिप्स को अपनाकर आप दर्द से राहत पा सकती हैं।

कमर और पीठ दर्द से रहती हैं परेशान तो तुरंत अपनी इस आदत में लाएं बदलाव, जानें कैसे मिलेगी इससे राहत
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कमर और पीठ दर्द से कैसे राहत पाएं (फाइल फोटो)

अक्सर देखा जाता है कि ज्यादातर महिलाओं को कमरदर्द और पीठ दर्द की दिक्कत रहती है। इस दर्द के होने के कई कारण हो सकते हैं। वहीं इसके पीछे की एक वजह गलत मुद्रा में खड़े होना भी है। इसी बीच आज हम आपको इस दर्द के हाने का कारण और इससे बचने के कुछ उपाय बताने जा रहे हैं। इन टिप्स को अपनाकर आप दर्द से राहत पा सकती हैं। इसके साथ ही आपको गलत मुद्रा में खड़े होने के नुकसान भी बताएंगे।

गलत मुद्रा के नुकसान

- मसल्स में क्षरण की शिकायत तेज होती है

- रीड़ के जोड़ों के बीच का अंतर घटने से नसों के दबने की दिक्कत होने लगती है

- पीठ, कमर, घुटनों में दर्द होता है साथ ही फ्रैक्चर होने का खतरा बढ़ जाता है

- रीढ़ के निचले हिस्से में मौजूद जोड़ों की चाल बिगड़ना

कैसे करें पता

इसके लिए आप सबसे पहले फर्श पर 10-20 सेकेंड के लिए वैसे ही खड़े हों जैसे आप आमतौर पर होते हैं। इस दौरान फील करें की आपके कुल्हे की मसल्स में दबाव तो नहीं पड़ रहा है। अगर दबाव महसूस कर रहे हैं तो आपकी बॉडी को सहारा देने के लिए बनीं पेट और पीठ की निचले हिस्से की मांसपेशियां ठीक से काम नहीं कर रही हैं। ऐसे में आप आपको अपनी इस मुद्रा में खड़े होने की आदत को बदलने की बहुत जरूरत है।

इन आदतों को बदलें

-खड़े होने के दौरान कंधे झुकना

- गर्दन सीधी न होना

- सिर का आगे की तरफ झुकना

- कूल्हा या पेट बाहर की ओर निकला होना

ऐसे पाएं राहत

इलास्टिक हिप एक्सटेंशन

इसके लिए सबसे पहले आप एड़ी के ऊपर दोनों पैरों में इलास्टिक बैंड डालकर फर्श पर सीधे खड़े हो जाएं। इसके बाद लेफ्ट पैर स्थिर रखते हुए, जितना हो सके दाएं पैर को दस बार पीछे ले जाएं। फिर राइट पैर स्थिर रखते हुए बाएं पैर पर भी यही प्रक्रिया दोहराएं।

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सेतुबंधासन

इसे करने के लिए आप जमीन पर चटाई बिछाकर उसपर सीधे लेट जाएं। अब दोनों पैरों को घुटनों के पास से मोड़ें। पैरों के बीच कम से कम एक फीट का फासला रखें। अब दोनों हाथों से एड़ी को पकड़ें और फिर कमर व कूल्हे के हिस्से को ऊपर उठाएं।



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