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जानिए नवरात्रि पर पूजा में इस्तेमाल होने वाले जौ के फायदे

Shardiye Navratri 2019 29 सितंबर से साल 2019 में शारदीय नवरात्रि का त्यौहार शुरु हो रहा है। ऐसे में घरों में मां दुर्गा की स्थापना के समय जौ बोना बहुत ही शुभ माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नवरात्रि में जौ क्यों बोए जाते हैं, जौं के फायदे और नुकसान क्या हैं, क्या जौं का सेवन करना फायदेमंद है। अगर नहीं, तो नवरात्रि 2019 के अवसर पर हम आपको जौं के फायदे और नुकसान के साथ से जुड़ी अन्य जानकारी बतायेगें। जौं के गुणों की बात करें तो इसमें कार्बोहाइड्रेट फाइबर, सोडियम, विटामिन, खनिज,विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स, आयरन, कैल्शियम, अमीनो एसिड और फैटी एसिड जैसे पोषक तत्वों पाए जाते हैं, जो हमें कई मौसमी बीमारियों के साथ गंभीर रोगों से बचाती हैं।

Shardiye Navratri 2019 : जानिए नवरात्रि पर पूजा में इस्तेमाल होने वाले जौ के फायदेShardiye Navratri 2019 Barley Benefits In Hindi

Shardiye Navratri 2019 : आपने भी अक्सर नवरात्रि की पूजा के समय घर में बड़े लोगों को जौं बोते हुए जरुर देखा होगा। ऐसे में अगर हम आपको कहें कि आप नियमित रुप से जौं का सेवन करने से वजन कम करने, हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने, पेट के रोगों से छुटकारा दिलाने के साथ कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में लाभ मिलता है। साथ ही जौ के पानी का सेवन करना भी आपके सेहतमंद बनाने में मदद करता है। ऐसे में आइए जानते हैं जौं के फायदे, जौं के नुकसान, जौं के पौषक तत्व, जौ को डाइट में शामिल करने का तरीका ...




जौं के पौषक तत्व / Nutritional Value Of Barley

कार्बोहाइड्रेट

फाइबर (घुलनशील और अघुलनशील)

सोडियम

खनिज

अमीनो एसिड

फैटी एसिड

विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स

आयरन

कैल्शियम

मैग्नीशियम

मैगनीज

सेलेनियम

जिंक

कॉपर

प्रोटीन




जौं का उपयोग / Barley Use

जौं का देश में प्राचीन काल से पूजा पाठ, भोजन की खाद्य सामग्री और आयुर्वेदिक दवाओं के रुप में इस्तेमाल किया जाता है। जौं में डायट्री फाइबर्स, विटामिनबी-कॉम्प्लेक्स,कैल्शियम, मैग्नीशियम, मैगनीज,प्रोटीन के साथ एंटी ऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं। सुबह खाली पेट जौं के पानी का सेवन करने से डायबिटीज, यूरिन इंफेक्शन, किडनीसंबंधी रोग, कोलेस्ट्रॉल को कम करने में कारगर साबित होता है।

जौ के फायदे / Barley Benefits




1.High Blood Pressure

अगर आप जौं का नियमित रुप से सेवन करते हैं, तो इससे आपके शरीर को घुलनशील और अघुलशील फाइबर्स मिलते हैं। जिससे बेड कोलेस्ट्रॉल कम होता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉलमें वृद्धि होती है। जर्नल ऑफ अमेरिकन डायटेटिक एसोसिएशन 2006 में छपे एक शोध के मुताबिक, शरीर में घुलनशील और अघुलनशील फाइबर से ब्लड प्रेशर और वजन को कमकरने में मदद मिलती है।

2.Cancer

जौं का स्प्राउट्स के रुप में नियमित सेवन करने से आंतों के साथ रोग प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है, जिससे कैंसर कोशिकाओँ को खत्म करने में मदद मिलती है। जौं के अलावाइसकी घास में भी विटामिन बी और क्लोरोफिल भरपूर मात्रा में पाया जाता है जिससे शरीर को डिटॉक्स यानि विषैले तत्वों को बाहर करने में सरलता होती है। 2014 में हुए शोध के मुताबिक ब्रेस्ट कैंसर में जौं का सेवन करना सबसे लाभदायक होता है।




3.Joint Pain

मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के एक शोध के मुताबिक, नियमित रुप से जौं का सेवन करने से शरीर में होने वाली सूजन, जोड़ों में होने वाला दर्द में कमी आती है। क्योंकि जौं मेंविटामिन्स, मिनरल्स, फास्फोरस, मैंगनीज, कैल्शियम और कॉपर भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

4.Gallstones

जौ में फाइबर उच्च मात्रा में पाया जाता है। ऐसे में अगर महिलाएं नियमित रुप से जौं के पानी या जौं का सलाद के रुप में सेवन करती हैं, जिससे शरीर में पित्त के स्तर में कमीआती है और इंसुलिन के स्तर में इजाफा होता है, जो पित्त की थैली में होने वाली पथरी के खतरे को कम करता है।




5.Strong Immunity

अगर आप रोजाना अलग-अलग तरीके से जौं का सेवन करते हैं, तो इससे आपके शरीर को कार्बोहाइड्रेट फाइबर, सोडियम, विटामिन, खनिज,विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स, आयरन, कैल्शियम,अमीनो एसिड और फैटी एसिड जैसे जरुरी पौषक तत्व मिलते हैं। जिससे इम्यूनिटी मजबूत होती है और आप मौसमी बीमारियों को आसानी से मात दे सकते हैं।

6.Anemia

जौ में अन्य पौषक तत्वों के साथ आयरन भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। जिससे शरीर में रक्त की कमी को आसानी से पूरा किया जा सकता है। ऐसे में अगर आप रक्त की कमी से होने वाले रोग यानि एनीमिया से पीड़ित हैं, तो रोजाना सीमित मात्रा में जौ का सेवन करना लाभदायक रहेगा।




7.Pregnancy

गर्भावास्था में जौ का सीमित मात्रा में सेवन करना बेहद फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद फाइबर, आयरन, कैल्शियम, जिंक से शरीर में होने वाले दर्द, मॉर्निग सिकनेस, पाचन संबंधी रोगों और थकान से राहत मिलती है। साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता के बढ़ने से मौसमी बीमारियों से भी बचाव मिलता है। अमेरिकन संस्थान एफडीए के मुताबिक, गर्भवती महिलाओं को सलाद में जौ का सेवन करना सबसे फायदेमंद होता है।

8.Skin Diseases

अगर आप चेहरे की ढीली त्वचा और कील-मुंहासों से परेशान रहते हैं, तो ऐसे में आप जौं का सेवन करने के साथ, जौ को पीसकर स्क्रब के रुप में इस्तेमाल करने से कील-मुंहासों से छुटकारा मिलता है। जबकि जौं में मौजूद सेलेनियम आपकी त्वचा में कसाव लाने में मदद करती है।




9.Strong Digestive System

जौ में मौजूद घुलनशील और अघुलनशील फाइबर से पाचन तंत्र मजबूत बनता है और सुचारु रुप से काम कर पाता है। ऐसे में पेट संबंधी रोगों यानि गैस,अपच, एसिडिटी, पेट में जलन और मरोड़ से छुटकारा मिलता है। इसलिए अगर आप पेट रोग से पीड़ित हैं, तो जौं का किसी भी रुप में नियमित सेवन करें।

10. Hair Problems

जौं में विटामिन बी, आयरन, कॉपर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। जिससे न सिर्फ शरीर में रक्त की कमी पूरी होती है बल्कि लाल रक्त कोशिकाओं में भी वृद्धि होती है। जिससे बालों के झड़ने की समस्या से निजात मिलती है।




जौ के नुकसान / Barley Disadvantages

1. अगर आप जौं का अधिक मात्रा में सेवन करते हैं, तो इससे पेट में ऐंठन, गैस और सूजन की समस्या होने का खतरा बढ़ जाता है।

2. गर्भवती महिलाओं को जौं का हमेशा सीमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए, अधिक मात्रा या स्प्राउट्स के रुप में सेवन करने से पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है।

3. अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो जौं का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरुर लें, क्योंकि जौं का सेवन करने से शरीर में मौजूद इंसुलिन का स्तर तेजी से कम होता

है। जो कई शुगर पेशेंट्स के लिए खतरनाक साबित होता है।

4. अगर आप जौं का सेवन सीमित मात्रा से अधिक करते हैं, तो ऐसे में आप स्किन एलर्जी के शिकार हो सकते हैं। इसलिए हमेशा कम मात्रा में या जौं के पानी का सेवन करना

उपयु्क्त रहेगा।

जौ का सेवन करने का उपयुक्त समय / The Appropriate Time to Consume Barley

अगर आप जौ को अपनी डाइट में शामिल करने वाले हैं, तो आप इसका सेवन अलग-अलग तरीके से अलग-अलग समय पर कर सकते हैं। जैसे सुबह खाली पेट जौं के पानी का सेवन करना, नाश्ते में मल्टी ग्रेन ब्रेड या सलाद खाना, इसके अलावा दोपहर या रात के खाने में आप मल्टी ग्रेन आटे से बनी रोटियां का सेवन करना लाभदायक रहेगा।




जौ को डाइट में कैसे करें शामिल / How To Incorporate Barley In Your Diet

अगर आप बढ़ते वजन को कम करने और अन्य बीमारियों से बचना चाहते हैं, तो ऐसे में अपनी रेगुलर डाइट में जौ को जरुर शामिल करें। आप जौ का पानी पीना, आटे में मिक्स, जौको बेक करके खाना, सलाद में खाना करना, मल्टी ग्रेन ब्रेड के जरिए अपनी डाइट को हेल्दी बना सकते हैं।




जौं का पानी बनाने की विधि / Barley Water Recipe

जौं का पानी बनाने की सामग्री

6 कप पानी

2 नींबू

आधा कप शहद

तीन चौथाई कप जौ

जौं का पानी बनाने की विधि / Barley Water Recipe Process

1. जौं का पानी बनाने के लिए सबसे पहले जौं को अच्छे से धो लेँ।

2. इसके बाद एक बड़े बर्तन में पानी और जौं को मिलाकर 15-20 मिनट तक पकाएं।

3. अब इस पानी को ठंडा करके एक छलनी की मदद से छान लें।

4. इसके बाद छने हुए पानी में नींबू का रस और शहद को डालकर मिक्स कर लें, ठंडा करने के लिए बोतल में भरकर फ्रिज में रखें।

5. जौं का पानी ठंडा होने के बाद अपनी आवश्यकतानुसार या सुबह के समय खाली पेट 1 गिलास पानी का सेवन करें।

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