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Jamun Ke Fayde : डायबिटीज के लिए रामबाण है जामुन

Jamun ke Fayde : जामुन के फायदे (Black Berries Benefits) अनेक होते हैं। जामुन को संस्कृत में 'जम्बू' फल (Jamun Fruit) कहा जाता है, तो अंग्रेजी में जामुन को 'ब्लैक बेरी' के नाम से जाना जाता है। जामुन भगवान 'गणेश' का सबसे पसंदीदा फल माना जाता है। जामुन में डायबिटीज (Jamun For Diabetes) और खून की कमी यानि एनीमिया (Anemia)को दूर करने के अचूक तत्व पाए जाते हैं। ऐसे में आज हम आपको जामुन के फायदे (Jamun Ke Fayde) के बारे में बता रहे हैं।

Jamun Ke Fayde : डायबिटीज के लिए रामबाण है जामुनJamun ke Fayde Black Berries Benefits Of Jamun For Diabetes In Hindi

Jamun ke Fayde : जामुन के फायदे (Black Berries Benefits) बहुत सारे होते हैं। जामुन को संस्कृत में 'जम्बू' फल (Jamun Fruit) कहा जाता है। जामुन के फायदे (Benefits Of Jamun) की बात करें, तो जामुन डायबिटीज (Jamun For Diabetes) और शरीर में खून की कमी से होने वाली एनीमिया (Jamun For Anemia) की बीमारी के लिए रामबाण माना जाता है। जामुन का जूस (Jamun Juice Benefits) सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है जामुन में प्रोटीन, आयरन, विटामिन बी विटामिन सी,मैग्नीशियम जैसे बहुत सारे पौषक तत्व पाए जाते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं गंभीर बीमारियों से बचाने वाले जामुन के फायदे (Benefits Of Black Berries In Hindi)। प्राचीन काल में भारत को 'जम्बूद्वीप' के नाम से जाना जाता था। एक ऐसा देश,जहां जामुन के पेड़ भारी संख्या में पाए जाते होँ।




जामुन के फायदे (Black Berries Benefits)

1. जामुन का नियमित सेवन करने से शरीर में खून की कमी को आसानी से पूरा किया जा सकता है। क्योंकि जामुन आयरन का एक नेचुरल सोर्स है। इसके अलावा जामुन में प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। जिससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।

2. जामुन सेहत के साथ खूबसूरती को बरकरार रखने में भी सहायक होता है। जामुन को पीसकर पेस्ट बनाकर सफेद दाग या चेहरे पर लगाने से दाग-धब्बे हल्के होते हैं और त्वचा में निखार आता है। इस उपाय को सप्ताह में कम से कम 2-3 बार जरूर करें।

3.जामुन का नियमित रुप से सेवन करने पर पाचन तंत्र मजबूत होता है। जिससे पेट संबंधी बीमारियों में राहत मिलती है। जामुन की छाल का चूर्ण या जामुन के सिरके का दिन में 1-2 बार सेवन करने से अपच, एसिडिटी और पेट में मरोड़ या ऐंठन में लाभ मिलता है।

4. अगर आप मुंह में होने वाले छाले से परेशान रहते हैं, तो ऐसे में रोजाना 100 ग्राम जामुन खाएं। ऐसा करने से आपका पेट साफ होगा और मुंह के छाले कुछ ही दिनों में खत्म हो जाएगें। क्योंकि मुंह में छाले पेट की खराबी यानि कमजोर पाचन तंत्र की वजह से होते हैं।

5.जामुन डायबिटीज यानि शुगर पेशेंट्स के लिए अमृत है। जामुन की गुठलियों को पीसकर चूर्ण बनाकर दिन में 2 बार सेवन करने से शरीर में इंसुलिन का स्तर नियंत्रित रहता है। इसके अलावा जामुन खाना भी फायदेमंद रहता है।








जामून के फायदे (Benefits Of Jamun)

6.जामुन खाने से लीवर संबंधी रोगों में आराम मिलता है। इसके लिए जामुन खाने के अलावा जामुन का जूस या रस पीना फायदेमंद होता है।

7.अगर आपके मसूड़ों में दर्द या खून आने की समस्या और पायरिया की परेशानी रहती है, तो ऐसे में आप जामुन के पत्तों को जलाकर राख बनाएं और दिन में 2 बार मंजन करें। जामुन के पत्तों को उबालकर उस पानी से कुल्ला करने से मुंह से आने वाली बदबू को दूर कर सकते हैं। जामुन की गुठली को नमक के साथ पीसकर दांतों पर रगड़ने से पायरिया की समस्या में आराम मिलता है।

8. अगर आप पथरी की बीमारी से पीड़ित हैं, तो ऐसे में जामुन का सेवन करने और जामुन की गुठली को सूखाकर पीसें और पाउडर बना लें, फिर रोजाना गुठली पाउडर को दही के साथ मिलाकर खाएं।

9. महिलाओं में अतिसार की समस्या होने पर जामुन की छाल को पानी में उबालकर काढ़ा बना लें। याद रखें 1 गिलास पानी,1/4 रह जाने पर धनिया और जीरे के पाउडर के साथ सेवन करें।

10. जामुन का सेवन करने के साथ जामुन की छाल को पानी में उबाल लें, अब इस पानी को एक छलनी की मदद से छान लें। जामुन की छाल की बचे हुए गुदे को गठिया के दर्द यानि जोड़ों के दर्द वाली जगह पर लगाकर छोड़ दें। सप्ताह में 4-5 बार करने पर जल्द आराम मिलेगा।





जामुन के नुकसान (Jamun Ke Nuksan / Black Berries Disadavantages)

1. कभी भी जामुन का खाली पेट सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से पेट खराब हो सकता है।

2.कभी भी दूध पीने के बाद जामुन नही खाने चाहिए, क्योंकि जामुन में विटामिन सी की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। जिससे शरीर में एलर्जी और अन्य बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है।

3. ज्यादा मात्रा में जामुन खाने से शरीर में दर्द और बुखार आने की समस्या हो सकती है।

4. कभी भी जामुन का अधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से फेफड़े संबंधी परेशानी का खतरा बढ़ जाता है।

5. दूध पिलाने वाली मांओं को कभी भी ज्यादा मात्रा में जामुन का सेवन नहीं करना खतरनाक हो सकता हैं।

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