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International Yoga Day 2019 : शारीरिक-मानसिक बीमारियों के लिए रामबाण है 'ध्यान', जानें ध्यान के लाभ

International Yoga Day 2019 : नियमित ध्यान करने से (Meditation) मानसिक शांति (Mental Peace) के साथ ही कई शारीरिक बीमारियों (Physical Illness) में भी राहत मिलती है। इसका अभ्यास करने वाले की सोच सकारात्मक (Positive Thinking) होती है।

Meditation For Physical and Mental fitnessMeditation For Physical and Mental fitness

International Yoga Day 2019 : नियमित ध्यान करने से (Meditation) मानसिक शांति (Mental Peace) के साथ ही कई शारीरिक बीमारियों (Physical Illness) में भी राहत मिलती है। इसका अभ्यास करने वाले की सोच सकारात्मक (Positive Thinking) होती है। शुरुआत में ध्यान केंद्रित करना मुश्किल जरूर है लेकिन अभ्यास से यह संभव हो जाता है। ध्यान से होने वाले लाभ (Benefits of Meditation) और इसे करने के विभिन्न तरीकों (How to do Meditation) के बारे में विस्तार से जानिए।


ध्यान (Meditition) एक सरल लेकिन प्रभावी तकनीक है, जो आपके मस्तिष्क को शांत और स्थिर रखता है। आपको केवल यह करना है कि आप अपनी आंखें बंद करके बैठ जाएं और गहरा आराम अनुभव करें। शुरुआत में थोड़ी कठिनाई होगी, मन यहां-वहां भटकेगा लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति से आप मन को काबू में कर लेंगे। वैसे ही जैसे जब हम अंधेरे कमरे में जाते हैं, तो पहले हमें कुछ दिखाई नहीं देता लेकिन कुछ समय बाद हमारी आंखें अंधेरे में भी देख पाती हैं।

ध्यान हमें केवल मानसिक शांति ही नहीं देता बल्कि कई अध्ययनों में यह बात भी सामने आई है कि ध्यान करने से एलर्जी, उत्तेजना, अस्थमा, कैंसर, थकान, हृदय संबंधी बीमारियों, उच्च रक्तदाब और अनिद्रा में आराम मिलता है। हमारी कई बीमारियां मनोवैज्ञानिक होती हैं, इसमें भी ध्यान हमारी काफी सहायता करता है।


ध्यान से लाभ (Benefits of Meditation)

-शांति और संतुलन प्राप्त होता है।

-आत्मजागरूकता बढ़ना।

-ध्यान केंद्रन की क्षमता बढ़ना।

-नकारात्मक भावनाओं को दूर करता है।

-विचारों में सकारात्मकता लाता है।

-मस्तिष्क और शरीर को आराम पहुंचाता है।

-प्रसन्न रखता है।

-मानसिक क्षमता बढ़ाता है।

-तनाव दूर करता है।

-सृजन क्षमता बढ़ने से उत्पादकता और काम की गुणवत्ता बढ़ जाती है।

-निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होगी।

-ध्यान के द्वारा व्यक्ति अपने भीतर देख सकता है। इसे भावनाओं को नियंत्रित करने में भी आसानी होती है।

-खुद पर नियंत्रण बढ़ता है।

-लंबे समय तक तनाव की अधिकता से स्ट्रेस हार्मोंस की मात्रा बढ़ती है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इससे शरीर के विभिन्न प्रकार के संक्रमण और कैंसर की चपेट में आने की आशंका बढ़ जाती है। लंबे समय तक तनाव बने रहने से हृदय और श्वसन संबंधी रोगों की संभावना बढ़ा देता है। ध्यान इन समस्याओं से बचने में हमारी सहायता करता है।

ध्यान के तत्व (Elements Of Meditations)

हालांकि अलग-अलग प्रकार के ध्यान के अलग-अलग तत्व होते हैं। लेकिन ध्यान के सामान्य तत्व इस प्रकार हैं-

ध्यान केंद्रित करना

अपने को एकाग्रचित करने का सबसे महत्वपूर्ण तत्व ध्यान है। अपने ध्यान को केंद्रित करने का अर्थ है कि आप अपने मस्तिष्क को विभिन्न भटकावों से स्वतंत्र कर रहे हैं, जो तनाव और चिंता का कारण होते हैं। आप अपना ध्यान किसी विशेष वस्तु पर केंद्रित करते हैं जैसे कोई वस्तु , एक प्रतिबिंब, एक मंत्र या सांस।

सामान्य श्वांस गति

इस तकनीक में गहरी सांस ली जाती है, फेफड़ों को फुलाने के लिए डायफ्राम की मांसपेशियों का उपयोग किया जाता है। इसका उद्देश्य होता है आप अधिक से अधिक ऑक्सीजन अंदर लें। कंधों, गर्दन और छाती के ऊपरी भाग की मांसपेशियों का उपयोग कम से कम करें ताकि आप और प्रभावी तरीके से सांस ले सकें।

शुरुआत शांत बैठने से करें

अगर आपने ध्यान का अभ्यास अभी शुरू ही किया है तो आप ध्यान भटकाने वाली चीजों जैसे टीवी, रेडियो या सेलफोन से दूर रहें, ऐसा करना आपके लिए बेहतर होगा। जब आप ध्यान करने में अधिक कुशल हो जाएंगे, तब आप इसे कहीं भी करने में सक्षम होंगे, खासकर तनाव की स्थितियों में भी जहां आपको ध्यान से सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा जैसे ट्रैफिक जैम, तनाव भरी मीटिंग्स आदि में।

आरामदायक स्थिति

जब आप बैठे हों, लेटे हों, चल रहे हों या दूसरी कोई गतिवधि कर रहे हों तब भी आप ध्यान कर सकते हैं। केवल स्वयं को आरामदायक स्थिति में लाने की कोशिश करें। ध्यान के विभिन्न तरीके हैं, इन पर अमल करने से आपको लाभ होगा।

गहरी सांस लें

जिन लोगों ने अभी ध्यान आरंभ किया है, उनके लिए यह काफी अच्छा है क्योंकि सांस लेना एक प्राकृतिक कार्य है। अपनी सांस पर ध्यान केंद्रित करें और जब आप अपनी नाक से सांस छोड़ें और लें तो उसे सुनें। गहरी और धीमी सांस लें। जब आपका ध्यान इधर-उधर भटके, तब धीरे से आप वापस अपनी सांसों पर फोकस कर लें।

शरीर पर फोकस करें

जब आप इस तकनीक का उपयोग करें, तब अपने शरीर के विभिन्न भागों पर फोकस करें। अपने शरीर की हर संवेदना के प्रति जागरूक हों, चाहे वह दर्द, तनाव, गर्मी या आराम हो। बॉडी स्कैनिंग को ब्रीदिंग एक्सरसाइज के साथ मिला लें।

मंत्र दोहराएं

ध्यान के दौरान आप कोई भी मंत्र दोहरा सकते हैं। इससे एक अलग अनुभूति का अहसास होगा।

चलते हुए ध्यान करें

यह रिलैक्स होने का सबसे प्रभावी और स्वस्थ तरीका है। जब आप कहीं चहलकदमी कर रहे हों, चाहे सुबह बाग में या शाम को किसी मॉल में, अपने चलने की गति को धीमा कर लें ताकि आप अपने हर मूवमेंट (पैरों को उठाने, रखने) पर फोकस कर सकें।

प्रार्थना में शामिल हों

प्रार्थना मेडिटेशन का सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला और सबसे प्रचलित तरीका है। प्रार्थना में डूब जाएं इससे बेहतर ध्यान नहीं हो सकता।

विकसित करें ध्यान की क्षमता

जब ध्यान के बारे में लोगों से बात की जाती है तो उनमें से अधिकतर का उत्तर होता है, वह ध्यान करना तो चाहते हैं लेकिन ध्यान की अवस्था में पहुंच नहीं पाते, उनका ध्यान बार-बार भटकता है। ऐसे में रिलैक्स होने की बजाय वह और अधिक तनावग्रस्त हो जाते हैं। आप इस बात का ध्यान रखें कि ध्यान करने के लिए अभ्यास की आवश्यकता होती है।

इससे कोई अंतर नहीं पड़ता कि आप कितने समय से ध्यान कर रहे हैं, यह बहुत सामान्य है कि ध्यान करते समय आपका ध्यान इधर-उधर भटके, धीरे से फिर उसे केंद्रित करने का प्रयास करें। लगातार प्रयास से आप गहरे ध्यान में प्रवेश करने में सक्षम हो जाएंगे।

लेखिका : शमीम खान

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