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रोज ब्रश करने से नहीं होती दिल की बीमारी, रिसर्च में हुआ खुलासा

Importance Of Brushing Teeth: बचपन से ही बच्चों में रोजाना दांत साफ करने की आदत डलवाई जाती है, जिससे मुंह से बदबू के साथ दांतों की समस्या को दूर रखा जा सके, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी दांत साफ करने की आदत आपके दिल को भी मजबूत बना सकती है। हाल ही में एक शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि रोजाना दांत ब्रश करने से दिल के रोगों को दूर किया जा सकता है। चलिए जानते हैं क्या कहती है रिसर्च...

रोज ब्रश करने से नहीं होती दिल की बीमारी, रिसर्च में हुआ खुलासारोज ब्रश करने से नहीं होती दिल की बीमारी, रिसर्च में हुआ खुलासा

Importance Of Brushing Teeth: आमतौर पर दांतों में कीड़ा लगने, मुंह से आने वाली दुर्गंध और चमकदार दांतों के लिए रोजाना ब्रश करते हैं, लेकिन आज हम आपको बार-बार ब्रश करके दिल को मजबूत बनाने वाले शोध के बारे में बता रहे हैं। जिससे आप रोजाना ब्रश करने से दांतों को साफ रखने के साथ दिल को भी हेल्दी रख सकेगें।

यूरोपीय जर्नल ऑफ प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, रोजाना दांत साफ करने की आदत दांतों को हेल्दी रखने के साथ दिल के लिए भी फायदेमंद होता है। क्योंकि बार बार ब्रश करने से दांतों एट्रियल फाइब्रिलेशन (अनियमित दिल की धड़कन) और हर्ट फेल होने का खतरा कम होता है।

इस शोध के मुताबिक, सही तरीके से ओरल क्लीनिंग (मुंह की सफाई) न होने पर हानिकारक बैक्टीरिया रक्त मुंह के जरिए रक्त में प्रवेश कर जाते हैं। जिससे शरीर में सूजन आने लगती है। लंबे समय तक एट्रियल फाइब्रिलेशन (अनियमित दिल की धड़कन) रहना हर्ट फेल (दिल को ब्लड पंप या आराम करने और रक्त से भरने की क्षमता में असंतुलन) होने का मुख्य कारण बन सकता है।


दरअसल मसूड़े की सूजन आमतौर पर मुंह की गंदगी और मसूड़ों में इंफेक्शन होने की वजह से होती है। ऐसे में मसूड़े फूलना और मसूड़ों से खून निकलना एक संकेत होती है। प्लाक आमतौर पर दांतों के भीतरी हिस्से पर बनता है। जिससे मसूड़ों में सूजन और दांतों के नुकसान में बढ़ोतरी होती है। पीरियोडॉन्टल (पुरानी डेंटल) बीमारी यानि लंबे समय तक मसूढ़ों में आने वाली सूजन के कारण दिल का दौरा, ब्रेन स्ट्रोक या फिर मृत्यु तक होने का खतरा बढ़ जाता है।

हाल ही में हुए इस शोध के मुताबिक, ओरल क्लीनिंग और दिल की बीमारी के बीच के संबंध को जानने के लिए 40 से 79 साल की आयु के लोगों पर कोरिया में शोध किया गया। जिसमें 161,286 प्रतिभागियों को शामिल किया गया, लेकिन उनके एट्रियल फिब्रिलेशन या हर्ट फेल होने का पहले से कोई इतिहास नहीं था। प्रतिभागियों ने 2003 और 2004 के बीच एक नियमित मेडिकल टेस्ट करवाएं।


अमेरिकी हार्ट एसोसिएशन का कहना है कि अमेरिका में हर दिन अनुमानित 2,600 लोग दिल की बीमारी से मरते हैं। यह हर 34 सेकंड में एक मौत का औसत है। हर 45 सेकंड में, अमेरिका में कोई व्यक्ति इस वर्ष एक स्ट्रोक या लगभग 700,000 लोगों को पीड़ित करता है। दिल का दौरा और स्ट्रोक किसी को भी आघात पहुंचा सकता है। प्रत्येक वर्ष, हृदय रोग65 से कम उम्र के 150,000 लोगों की मृत्यु हो जाती है।

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