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हड्डियों और किडनी के लिए खतरनाक है हाइपर पैराथॉयराइड, जानिए क्या है बीमारी

हड्डियों और किडनी के लिए हाइपर पैराथॉयराइड खतरनाक हो सकता है। इससे बचने के लिए सही समय पर इसका उपचार करना आवश्यक है। एम्स में पैराथॉयराइड रोग पर एक दिवसीय वेबीनार का आयोजन किया गया, जिसमें नौ देशों के 60 प्रतिनिधि शामिल हुए।

हड्डियों और किडनी के लिए खतरनाक है हाइपर पैराथॉयराइड, जानिए क्या है बीमारी
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किडनी (फाइल फोटो)

हड्डियों और किडनी के लिए हाइपर पैराथॉयराइडखतरनाक हो सकता है। इससे बचने के लिए सही समय पर इसका उपचार करना आवश्यक है। एम्स में पैराथॉयराइड रोग पर एक दिवसीय वेबीनार का आयोजन किया गया, जिसमें नौ देशों के 60 प्रतिनिधि शामिल हुए।

एम्स के सिर एवं गला सर्जरी के अंतर्गत ऑटोराइनोलरींग्लॉजी विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस वेबीनार में निदेशक और सीईओ डॉ. नितिन एम. नागरकर ने पैराथॉयराइड सर्जरी के बारे में अपने विस्तृत अनुभव को सभी प्रतिभागियों के साथ साझा किया। उनका कहना था कि पैराथॉयराइड्स मिनट ग्लेंड होती है, जो गले में थॉयराइड ग्लेंड के पास पाई जाती है।

इससे पैराथॉरमोन हार्मोन का स्त्राव होता है जो शरीर में कैलशियम के स्तर को बनाए रखने में मदद देता है। पैराथॉयराइड की अति सक्रियता की वजह से हाईपरपैराथॉयराइड्ज्म की स्थिति बन जाती है, जिसका असर शरीर के विभिन्न आर्गेन पर पड़ता है। इसकी वजह से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, किडनी स्टोन की दिक्कत हो सकती है, हड्डियों में दर्द और मांसपेशियों में कमजोरी का अहसास और डिप्रेशन होने लगता है।

रक्त में कैल्शियम और पैराथोरमोन के लेवल की जांच कर इसकी जांच की जा सकती है। इसे ग्लेंड की सर्जरी कर ठीक किया जा सकता है। एम्स रायपुर अभी तक ऐसे 10 रोगियों की पहचान कर उन्हें उपचार प्रदान कर चुका है। ईएनटी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रूपा मेहता ने पैराथॉयराइड और एम्स रायपुर में इससे संबंधित विभिन्न सर्जरी के बारे में प्रतिभागियों को जानकारियां दीं।

उन्होंने कहा कि यदि अनुभवी चिकित्सकों से इसकी सर्जरी करवा ली जाए, तो इससे कई बीमारियों से बचा जा सकता है और जीवन सामान्य बन सकता है। वेबीनार मे कर्नाटक के चित्रादुर्गा के प्रो. (डॉ.) प्रहलाद एनबी ने भी विशेषज्ञ व्याख्यान दिया।

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