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Pregnancy Tips : प्रेग्नेंसी में दिल का ऐसे रखें ख्याल, जानिए इसके कारण और बचाव

Pregnancy Tips : प्रेग्नेंसी में महिलाओं को अपनी हेल्थ, डाइट का खास ख्याल रखना चाहिए। साथ ही उनको अपनी हार्ट हेल्थ को लेकर भी अलर्ट रहना जरूरी है। ऐसा न करने पर डिलीवरी के समय कार्डिएक अरेस्ट की संभावना बढ़ सकती है। जानिए, इस समस्या के कारण और बचाव के बारे में।

Pregnancy Tips : प्रेग्नेंसी में दिल का ऐसे रखें ख्याल, जानिए इसके कारण और बचाव

Pregnancy Tips : कई महिलाओं को प्रेग्नेंसी या डिलीवरी के दौरान बहुत-सी हेल्थ रिलेटेड प्रॉब्लम्स से दो-चार होना पड़ता है। इस दौरान उन्हें हार्ट रिलेटेड प्रॉब्लम भी हो सकती है। पिछले कुछ सालों में महिलाओं में कार्डियोवेस्कुलर डिजीज के कारण हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ रहा है, जो ज्यादातर लेबर पेन और डिलीवरी के वक्त होता है। एक रिसर्च के मुताबिक डायबिटीज, मोटापा जैसी समस्याओं या स्मोकिंग करने वाली महिलाओं में यह खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है। लेकिन कई बार हेल्दी महिलाओं में भी प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के दौरान कार्डियक अरेस्ट की समस्या देखी जाती है।

क्या हैं कारण

प्रेग्नेंसी में हार्ट और सर्कुलेटरी सिस्टम पर दबाव पड़ता है, इसकी वजह से ब्लड वॉल्यूम 30 से 50 फीसदी तक बढ़ सकता है। जब हार्ट हर मिनट ज्यादा ब्लड पंप करता है तो हार्ट रेट बढ़ जाता है इससे गर्भस्थ बच्चे को ज्यादा पोषण मिलता है, जिससे उसकी ग्रोथ होती है। साथ ही डिलीवरी के वक्त महिला को जोर लगाना पड़ता है, इससे रक्तचाप और प्रवाह बढ़ जाता है। ऐसा होने पर हार्ट पर दबाव बढ़ जाता है। इस दबाव को वापस सामान्य स्तर पर आने में कई हफ्ते लग जाते हैं। बीते पांच सालों में प्रेग्नेंट महिलाओं में हार्ट अटैक के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। संभावित माताओं में कार्डियक अरेस्ट की आशंका शरीर की प्रणाली में आए बड़े बदलाव की वजह से होती है, यह बदलाव गर्भस्थ शिशु को पोषण पहुंचाने की वजह से होता है।

रिस्क फैक्टर्स

कुछ रिस्क फैक्टर्स भी प्रेग्नेंट महिलाओं में हार्ट अटैक का कारण हो सकते हैं-

कंजेनियल हार्ट डिफेक्ट:

अगर होने वाली मां को किसी तरह की जन्मजात हार्ट प्रॉब्लम रही हो तो प्रेग्नेंसी या प्रीमैच्योर बर्थ के दौरान उसके हार्ट को ज्यादा खतरा हो सकता है।

हार्ट वॉल्व इश्यू:

आर्टिफिशियल हार्ट वॉल्व या स्कारिंग, प्रेग्नेंसी के दौरान कॉम्प्लीकेशन बढ़ा सकता है। वॉल्व सही काम न करे तो ब्लड फ्लो बढ़ सकता है, साथ ही आर्टिफिशियल या एब्नॉर्मल वॉल्व में इंफेक्शन का जोखिम भी रहता है।

कंजेस्टिव हार्ट फेल्योर : ब्लड वॉल्यूम बढ़ने से कंजेस्टिव हार्ट फेल्योर का जोखिम बढ़ सकता है।

बचाव के उपाय

-प्रेग्नेंसी में हार्ट प्रॉब्लम के जोखिम को कम करने के लिए चिकित्सक की सलाह से मॉडरेट एक्सरसाइज करें। रेग्युलर फिजिकल एक्टीविटीज, एक्सरसाइज से ब्लड फ्लो शरीर के सभी हिस्सों में होता है और इससे वेट कंट्रोल भी होता है।

-नमक का सेवन बहुत कम करें, इससे ब्लडप्रेशर बढ़ता है।

-चाय कॉफी जितना कम पिएं, उतना ही अच्छा है।

-खान-पान पौष्टिक लें और बैड फैट से दूर रहें।

-शिखर चंद जैन

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