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Health Tips: पीसीओडी की समस्याओं से पाना चाहती हैं छुटकारा तो इन योगासनों से मिलेगी राहत

डिस्टर्ब लाइफस्टाइल की वजह से कई महिलाएं पीसीओडी डिजीज से ग्रस्त हो जाती हैं। इसमें इररेग्युलर पीरियड्स के साथ कई अन्य समस्याएं भी होने लगती हैं। ऐसे में आप कुछ योगासनों का नियमित अभ्यास करके पीसीओडी से काफी हद तक राहत पा सकती हैं। इन योगासनों की विधि, लाभ और सावधानियों के बारे में जानिए।

Health Tips: पीसीओडी की समस्याओं से पाना चाहती हैं छुटकारा तो इन योगासनों से मिलेगी राहत
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Health Tips: पिछले कुछ वर्षों में युवतियों और महिलाओं में पीसीओडी (PCOD) की प्रॉब्लम काफी देखी जा रही है। यह समस्या तब होती है, जब ओवरी (Ovary) से स्रावित होने वाले हॉर्मोंस डिसबैलेंस (Harmonal Disbalance) हो जाते हैं। अस्त-व्यस्त लाइफस्टाइल (Chaotic Lifestyle) की वजह से भी पीसीओडी की प्रॉब्लम (PCOD Problem) ट्रिगर होती है। पीसीओडी के सामान्य लक्षणों में इररेग्युलर पीरियड्स, वजन बढ़ना, पिंपल्स और हैवी ब्लीडिंग शामिल हैं। योगा एक्सपर्ट (Yoga Expert) विकास (Vikas) से बातचीत कर हम आपके लिए लेकर आएं हैं कुछ योगासन (Yoga Asanas) जिनके नियमित अभ्यास से आप पीसीओडी की समस्या से राहत पा सकती हैं।

तितली आसन


विधि

तितली आसन करने के लिए सबसे पहले एक मैट बिछा लें। इसमें अपने दोनों पैरों को सामने की तरफ सीधा करके बैठ जाएं। अपनी रीढ़ की हड्डी, कमर को सीधा रखें। अब पैरों को घुटनों से मोड़ें, तलवों को आपस में जोड़ लें। फिर अपने दोनों हाथों से दोनों घुटनों को पकड़ लें। सांस छोड़ते हुए दोनों पैरों को तितली के पंखों की तरह ऊपर- नीचे हिलाएं। आप इस आसन को 5-10 मिनट तक कर सकती हैं।

लाभ

महिलाओं के लिए तितली आसन करना बहुत लाभदायक होता है। यह आसन प्रजनन अंगों, पैरों और जांघों को मजबूत बनाता है। इस आसन को रोज करने से पीरियड्स रेग्युलर होते हैं। शरीर में हल्कापन भी रहता है, मेंटल हेल्थ बेहतर रहती है।

सावधानियां

अगर आपके घुटनों, जांघों में दर्द है तो इस आसन को करने से बचें। इसके अलावा जिन महिलाओं को पैरों में चोट लगी है, उन्हें भी इसे करने से बचना चाहिए।

भुजंगासन


विधि

भुजंगासन करने के लिए सबसे पहले मैट पर पेट के बल लेट जाएं। अपनी दोनों हथेलियों को जांघ के पास जमीन पर रखें। अब हाथों को कंधों के बराबर लेकर जाएं, हथेलियों को जमीन की तरफ रखें। इसके बाद सांस लें, अपने शरीर का वजन हथेलियों पर डालते हुए सिर को उठाकर पीछे की तरफ ले जाएं। छाती बाहर की तरफ लाएं, कोहनियां जमीन पर टिकाकर रखें। 10-30 सेकेंड तक इसी अवस्था में रहें, फिर सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएं। आप इस योगासन को 3-5 बार दोहरा सकती हैं।

लाभ

पीसीओडी की समस्या दूर करने के लिए रोजाना भुजंगासन करना लाभकारी होता है। इसे करने से रिप्रोडक्टिव अंगों को शक्ति मिलती है। हॉर्मोंस बैलेंस होते हैं, पीरियड्स नियमित होते हैं। भुजंगासन करने से पेट के रोग भी दूर होते हैं।

सावधानियां

हर्निया से पीड़ित महिलाओं को इस आसन को करने से बचना चाहिए। साथ ही अगर आपको पेट दर्द, गर्दन या पीठ में दर्द है तो भी भुजंगासन करने से बचें।

बालासन


विधि

बालासन करने के लिए सबसे पहले योग मैट पर वज्रासन में बैठ जाएं। अब लंबी सांस लें, अपने दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं। सांस छोड़ते हुए हाथों को सामने की तरफ झुकाएं, सिर को जमीन पर लगा लें। हाथों, कोहनियों को भी जमीन पर ही रखें। 10-30 सेकेंड तक इसी अवस्था में रहें। सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएं।

लाभ

बालासन करने से बॉडी स्ट्रॉन्ग, फ्लैक्सिबल बनती है। इससे डाइजेशन सिस्टम भी बेहतर बनता है। महिलाओं के लिए बालासन करना काफी फायदेमंद होता है। इसे रोज करने से पीरियड्स रेग्युलर होते हैं, पीसीओडी की समस्या से राहत मिलती है। साथ ही मेंटल हेल्थ में भी सुधार होता है।

सावधानियां

हाई ब्लड प्रेशर, हर्निया, स्लिप डिस्क से परेशान महिलाओं को बालासन करने से बचना चाहिए। साथ ही अगर आपके घुटनों, पैरों में दर्द है तो भी इस आसन को करने से बचें।

पीसीओडी से पीड़ित महिलाएं यहां बताए गए योगासन करने से पहले एक्सपर्ट से जरूर मिलें। उनकी सलाह पर ही इन योगासनों को अच्छी तरह सीखने के बाद घर में कर सकती हैं।

लेखक- ममता (Mamta)

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