Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

Health Tips: मेनोपॉज के लक्षणों को करना चाहते हैं कम तो एस्ट्रोजन के इन नेचुरल सोर्स का करें सेवन

Health Tips: मेनोपॉज (Menopause) वह समय है जो आपके मासिक धर्म चक्र के अंत का प्रतीक है। इसके पहले और बाद में महिलाओं के शरीर में कई लक्षण दिखाई देते हैं, जो काफी बार बर्दाश्त के बाहर होते हैं। यहां हम आपको कुछ नेचुरल सोर्स के बारे में बताएंगे जिनका सेवन करने से इन लक्षणों से राहत मिल सकती है।

Health Tips: मेनोपॉज के लक्षणों को करना चाहते हैं कम तो एस्ट्रोजन के इन नेचुरल सोर्स का करें सेवन
X

Health Tips: मेनोपॉज (Menopause) वह समय है जो आपके मासिक धर्म चक्र के अंत का प्रतीक है। इसके पहले और बाद में महिलाओं के शरीर में कई लक्षण दिखाई देते हैं, जो काफी बार बर्दाश्त के बाहर होते हैं। मेनोपॉज के सामान्य लक्षणों (Menopause Common Symptoms) में हॉट फ्लैश और योनि का सूखापन शामिल हैं। इसके कारण आपकी नींद में खलल भी पड़ सकता है। इन लक्षणों का संयोजन चिंता या डिप्रेशन का कारण बन सकता है। प्लान्ट बेस्ड कंपाउंड (Plant Based Compounds) फाइटोएस्ट्रोजेन (Phytoestrogen) से भरपूर आहार लेने से मेनोपॉज से पहले और बाद की महिलाओं में लक्षणों (Pre or Post Menopause Symptoms) के प्रबंधन में फायदेमंद हो सकते हैं। ये प्लान्ट बेस्ड कंपाउंड हमारे शरीर में एस्ट्रोजन (Estrogen) की कॉपी करते हैं।

एस्ट्रोजेन, जिसे सेक्स हार्मोन भी कहा जाता है, एक महिला के प्रजनन और यौन स्वास्थ्य से लेकर हड्डी और संज्ञानात्मक स्वास्थ्य तक शरीर में असंख्य भूमिका निभाता है। एस्ट्रोजन का लो लेवल मेनोपॉज से पहले और बाद के चरण में हो सकता है और सैक्सुअल डिजायर या हॉट फ्लैश को कम कर सकता है। अपने आहार को संशोधित करने से एस्ट्रोजन के स्तर को बढ़ाने में मदद मिल सकती है। यहां हम आपको कुछ नेचुरल सोर्स (Natural Source) के बारे में बताएंगे जिनका सेवन करने से इन लक्षणों से राहत मिल सकती है। ध्यान रहें कि साइड इफेक्ट से बचने के लिए फाइटोएस्ट्रोजेन का सेवन मध्यम मात्रा में किया जाना चाहिए।

  • अपने आहार में सोयाबीन, टोफू, टेम्पेह, सोया दूध जैसे सोया उत्पादों को शामिल करें जो आइसोफ्लेवोन्स के स्रोत हैं और फाइटोएस्ट्रोजेन के रूप में वर्गीकृत हैं।
  • पत्ता गोभी, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, फूलगोभी और ब्रोकली जैसी कुरकुरी सब्जियां आपके शरीर में एस्ट्रोजन के स्तर में सुधार कर सकती हैं। इसलिए मेनोपॉज के लक्षणों को कम करने के लिए इनका सेवन किया जा सकता है।
  • अलसी को लिग्नान या फाइटोएस्ट्रोजन के सबसे समृद्ध स्रोत माना जाता है। अगर आपको मेनोपॉज के लक्षणों ने परेशान कर रखा है तो इसे अपनी डाइट में शामिल करना न भूलें।
  • ये बात तो सभी जानते हैं कि नट्स और सूखे मेवे हमारी सेहत के लिए बहुत लाभकारी हैं। मूंगफली, खजूर, काजू जैसे ड्राई फ्रूट्स एस्ट्रोजन के स्तर को बनाए रखने में हमारी मदद करते हैं और मेनोपॉज के लक्षणों से राहत दिलाते हैं।
  • हॉट फ्लैश, मूड स्विंग्स और नींद की समस्या जैसे मेनोपॉज के कई लक्षणों को कम करने के लिए लहसुन, गाजर, सेब, आड़ू, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर आहार का सेवन करें।
  • मेनोपॉज के लक्षणों को कम करने के लिए अपने आहार में ओट्स, जौ, दाल, फलियां, बीन्स, अल्फाल्फा और मुलेठी को शामिल करना सुनिश्चित करें।

नोट: यहां दी गई जानकारी सामान्य लेखों पर आधारित है, इन्हें विशेषज्ञ की सलाह के तौर पर न लें।

और पढ़ें
Next Story