Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

अगर आपका भी सुबह उठते ही बढ़ जाता है ब्लड प्रेशर तो करें ये उपाय, मिलेगा आराम

चिंता, तनाव, अधिक एक्सरसाइज, शराब का सेवन जैसी चीजें भी ब्लड प्रेशर को तेजी से बढ़ा देती हैं। जिस कारण स्ट्रोक, हार्ट अटैक यहां तक की मौत भी हो सकती है।

अगर आपका भी सुबह उठते ही बढ़ जाता है ब्लड प्रेशर तो करें ये उपाय, मिलेगा आराम
X

चिंता, तनाव, अधिक एक्सरसाइज, शराब के सेवन से ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ता है।

खेल। हम अपनी दिनचर्या (Daily Routeen) में जो भी एक्टिविटी (Activity) करते हैं और जिस समस्या से ग्रसित हैं उसके अनुसार ब्लड प्रेशर (blood pressure) बदलता रहता है। चिंता, तनाव, अधिक एक्सरसाइज, शराब का सेवन जैसी चीजें भी ब्लड प्रेशर को तेजी से बढ़ा देती हैं। जिस कारण स्ट्रोक, हार्ट अटैक यहां तक की मौत भी हो सकती है। इसलिए इस तरह के नुकसान को होने से बचने के लिए बीपी को कंट्रोल करना बेहद जरूरी है। दवाएं, घरेलू नुस्खे, व्यायाम ब्लड प्रेशर का लेवल नियंत्रित करने में कुछ हद तक लाभदायक होता है।

इनमें सबसे अहम है ब्रीदिंग एक्सरसाइज जो सांस लेने की एक प्रक्रिया है जिससे ब्लड प्रेशर को कम किया जा सकता है। वहीं सांस लेने के इन 3 सबसे बेहतरीन तकनीकों के बारे में जानें..

ब्रीदिंग एक्सरसाइज

ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने से बीपी तो नॉर्मल होता ही है साथ ही ह्रदय स्वास्थ्य को भी सही रखता है। धीमी और गहरी सांस लेने की इस तकनीक से पैरासिंपेथेटिक तंत्रिका तंत्र सक्रिय होती है। इससे ह्रदय गति प्रभावी ढंग से न केवल प्रबंधित करती है बल्कि ब्लस वैसल्स को भी पतला करती है। यही कारण है जिससे बीपी नियंत्रण में रहता है।

समान श्वास से होगा बीपी नॉर्मल

समान श्वास तकनीक बेहद आसान होती है। इसमें पहले किसी शांत जगह पर आराम से बैठ या लेट जाएं उसके बाद नाक से सांस अंदर ले और कुछ सेकेंड तक रोक के रखने के बाद फिर उसी सांस को नाक की सहायता से छोड़ दें। इस तकनीक को 5-10 बार दोहराने पर बीपी कंट्रोल में मदद मिलती है।

30 सेकेंड सांस लेने की एक्सरसाइज

सबसे पहले किसी शांत जगह पर आराम से बैठें फिर उसके बाद अपनी रीढ़ को सीधा रखते हुए आंखें बंद करें और रिलक्स रहें। फिर 30 सेकेंड के लिए टाइम सेट करते हुए 6 गहरी सांसे लें। इस प्रक्रिया को फिर से दोहराएं।

डायाफ्रामिक सांस लेने की तकनीक

डायाफ्रामिक सांस लेने की तकनीक से डायाफ्राम मजबूत होता है। ये पेट की मांसपेशियों और डायफ्राम को बांधे रखने में सहायक होती है। इस एक्सरसाइज को बेली ब्रीदिंग या फिर एब्डोमिनल ब्रीदिंग भी कहा जाता है। वहीं इस एक्सरसाइज को करने के लिए सबसे पहले घुटनों और सिर के नीचे एक तकिया की मदद से सपाट सतह पर लेट जाएं। खुद को रिलेक्स करें फिर एक हाथ नाभि के ऊपर और दूसरा छाती पर रखें। 2 सेकेंड के लिए अपनी नाक से सांस लें (सांस लेते समय पेट पर ध्यान दें कि पेट कैसे ऊपर उठता है।) फिर अपने पेट की मांसपेशियों को जोड़कर धीरे से अपने मुंह से छोड़ें। आखिर में पेट से हवा बाहर निकाल दें। साथ ही इस व्यायाम को दिन में 10 बार दोहराएं जिससे बीपी नॉर्मल होने लगेगा।

फिलहाल, इन ब्रीदिंग एक्सरसाइज को शुरु करने से पहले आप अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें, जिससे आपको पता चल सके कि आपके लिए सबसे बेहतर तकनीक कौन सी है?

Next Story