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Doctor Advice : बच्चों को ऐसे सिखाएं टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल

डॉ. शिल्पा जैन सुराणा के अनुसार नई टेक्नोलॉजी से जुड़े रहना बड़े से लेकर बच्चों तक के लिए बेहद जरूरी है। आप भी अपने बच्चे को टेक्नोलॉजी के बारे में बताएं, लेकिन साथ ही इसके यूज को लेकर उन्हें अलर्ट भी करें। तभी वे इसका सही इस्तेमाल कर पाएंगे।

Doctor Advice : बच्चों को ऐसे सिखाएं टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल
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Doctor Advice

आजकल छोटे-छोटे बच्चे भी मोबाइल का इस्तेमाल बड़ी सहजता से करते हैं। कम समय में ही वह इसे इस्तेमाल करने में ट्रेंड हो जाते हैं। सिर्फ मोबाइल ही नहीं, लैपटॉप, कंप्यूटर या कोई दूसरा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, हर किसी के फीचर्स की जानकारी बच्चों को होती है। एक तरफ तो बच्चों की यह आदत स्मार्ट होने की पहचान है। लेकिन धीरे-धीरे गैजेट्स, मोबाइल का यूज करते हुए बच्चों को इसकी आदत पड़ जाती है, कई बार आदत लत में बदल जाती है। इस तरह की समस्या न आए, ऐसे में पैरेंट्स को ही सजग रहना चाहिए। शुरुआत से ही बच्चों को ठीक से गाइड करना चाहिए कि वे किस तरह से मोबाइल या गैजेट्स का इस्तेमाल करें। इसके लिए पैरेंट्स को कुछ बातों पर ध्यान देना चाहिए।

उम्र का रखें ख्याल

बच्चे जब 6 साल से अधिक के हो जाते हैं, तब तक उनके दिमाग का विकास पूरी तरह हो जाता है तो यही वो सही समय है, जब आप अपने बच्चे को सही तरीके से टेक्नोलॉजी से जोड़ सकती हैं। पैरेंट्स बहुत छोटी उम्र में बच्चों को मोबाइल पकड़ा देते हैं, जो बच्चों के मानसिक विकास के लिए सही नहीं है।

स्क्रीन टाइम तय करें

अगर बच्चे गैजेट का इस्तेमाल कर रहे हैं तो यह अच्छी बात है क्योंकि आने वाला भविष्य नई तकनीकों का ही होगा। लेकिन इस पर भी पैरेंट्स का कंट्रोल जरूरी है। बच्चों का स्क्रीन टाइम लिमिटेड होना चाहिए। जहां तक हो बच्चों को अपनी निगरानी में गैजेट्स, मोबाइल का इस्तेमाल करने दें।

इंटरनेट का क्रिएटिव यूज

अधिकतर बच्चों के लिए इंटरनेट सिर्फ गेम खेलने के लिए और वीडियो देखने के लिए होता है। लेकिन इसके अलावा भी बहुत कुछ इंटरनेट पर मौजूद होता है, जिसकी जानकारी पैरेंट्स बच्चों को दे सकते हैं, जैसे क्रिएटिव आर्ट वर्क कैसे किया जाए, अच्छी नॉलेज कैसे गेन की जाए?

सोशल मीडिया से दूरी

बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखें क्योंकि बच्चों को नहीं पता होता है कि सोशल मीडिया पर क्या कंटेंट देखना है और क्या नहीं। उनकी एक चूक उनके मन पर बुरा प्रभाव डाल सकती है। अगर बच्चे छोटी उम्र के हैं तो उनको सोशल मीडिया से दूर रखिए।

खुद दें टेक्नोलॉजी की नॉलेज

अगर पैरेंट्स ही बच्चों को टेक्नोलॉजी के बारे में जानकारी देंगे तो वो और बेहतर तरीके से उसे सीख पाएंगे। उन्हें गैजेट्स के इस्तेमाल के बारे में बताएं, जैसे माउस कैसे काम करता है, की-बोर्ड कैसे काम करता है। इससे उनकी टेक्नोलॉजी की नॉलेज बढ़ेगी, जो उनको आगे मदद करेगी।

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