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बच्चों की पाचन शक्ति को मजबूत करने के लिए सबसे बेस्ट योगा

छोटे बच्चों को जब-तब डाइजेशन से जुड़ी प्रॉब्लम होती रहती है। इस वजह से पैरेंट्स काफी परेशान रहते हैं। ऐसे में जरूरी है कि बच्चों की डाइट का ख्याल रखा जाए, साथ ही नियमित योगाभ्यास उन्हें करवाया जाए। जानिए, कौन से योगासन बच्चों के लिए लाभकारी हैं।

योग में बनाएं फिट करियर
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योगासन (प्रतीकात्मक फोटो)

सात साल की वृंदा हमेशा ही खाने को लेकर आना-कानी करती है। साथ ही उसका डाइजेशन भी काफी कमजोर रहता है। इस कारण उसकी मां नीता काफी परेशान रहती है। सिर्फ नीता ही नहीं अधिकतर पैरेंट्स बच्चों के भूख न लगने या फिर सही तरह से भोजन न करने या कमजोर पाचन तंत्र की समस्या से परेशान रहते हैं। अगर आप भी इन्हीं पैरेंट्स की तरह परेशान हैं तो आप योगाभ्यास के जरिए बच्चों के पाचन तंत्र को बेहतर बना सकती हैं। इसके अलावा योगाभ्यास से बच्चों को कई और लाभ भी होंगे।




भुजंगासन

सबसे पहले मैट पर बच्चे को पेट के बल लेटने को कहें। दोनों पैरों को लंबा करके फैलाए। ठोड़ी ज़मीन पर लगाए। दोनों कोहनियों को दोनों तरफ की पसलियों से सटा ले। उसके दोनों हाथों की हथेलियां जमीन पर लगी होनी चाहिए। श्वांस अंदर भरते हुए धीरे-धीरे ठोड़ी को ऊपर उठाए, उसके बाद गर्दन को ऊपर आकाश की तरफ उठाए। फिर अपनी छाती को धीरे-धीरे ऊपर उठाए। उसके बाद अपने पेट के भाग को ऊपर उठा ले। अब उसे गर्दन को ऊपर की ओर ले जाते हुए पीठ को पीछे की तरफ झुकाना है। इस तरह बच्चे को भुजंगासन करने का अभ्यास करवाएं।




पर्वतासन

सबसे पहले बच्चे को जमीन पर चटाई या दरी को बिछाकर उसपर पद्मासन में बैठने को कहें। इसके बाद बच्चा सांस को अंदर भरते हुए मूलबंध करके अपने दोनों हाथों को ऊपर की तरफ सीधा खड़ा कर ले और जितना हो सके अपनी सांस को रोक कर रखे। फिर अपनी सांस को धीरे-धीरे छोड़ते हुए अपने हाथों को नीचे की ओर ले आए और अपने घुटनों पर रख दे।




हस्तउत्तानासन

सबसे पहले बच्चे को सीधा खड़ा होने को कहें। फिर वह सांस को धीरे से अंदर खींचते हुए अपने हाथों को ऊपर की ओर ले जाए और हथेलियों को मिलाए रखें। अब जितना ज्यादा हो सके, अपनी कमर को पीछे की ओर मोड़ते हुए अर्धचंद्राकार बनाए। इस अवस्था में जितनी देर संभव हो, बच्चे को सांस को रोकने को कहें।

इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आप स्वयं अच्छी तरह योगासन सीखने के बाद ही बच्चे को अभ्यास करवाएं। बेहतर होगा कि किसी अनुभवी योग प्रशिक्षक की देख-रेख में ही बच्चे को योगाभ्यास करवाएं।




सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार बच्चों के तन और मन दोनों के लिए काफी अच्छा होता है। अगर सूर्य नमस्कार के बारह आसन का नियमित रूप से अभ्यास किया जाए तो इससे न सिर्फ बच्चों की पाचन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं बल्कि उनका मन भी शांत होता है। इसके अलावा जो बच्चे भूख न लगने की शिकायत करते हैं, उन्हें भी इसका अभ्यास हर दिन करवाना चाहिए।

लेखिका - मिताली जैन

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