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जानें डायबिटीज से जुड़े इन मिथ्स की सच्चाई

आमतौर पर लोग डायबिटीज होने के लिए अधिक मीठा खाने की आदत को जिम्मेदार मानते हैं। लेकिन ये बात पूरी तरह से सच नही है। अगर आप इसी तरह के मिथ को मानते हैं, तो आज हम आपको डायबिटीज से जुड़े ऐसे ही अन्य मिथ और उनकी सच्चाई (Diabetes Myth and Facts) के बारे में बता रहे हैं।

जानें डायबिटीज से जुड़े इन मिथ्स की सच्चाई

डायबिटीज का नाम सुनते ही अक्सर लोग टेंशन में आ जाते हैं, क्योंकि ये पूरी तरह से न खत्म होने वाली गंभीर बीमारियों में से एक मानी जाती है। इसके साथ ही शरीर में शुगर यानि इंसुलिन के स्तर में बढ़ोतरी से अन्य अंगों (आंखों,किडनी,दिल) पर बुरा प्रभाव पड़ता है। डायबिटीज को आम बोलचाल की भाषा में शुगर की बीमारी भी कहा जाता है और हिंदी में मधुमेह। मधुमेह होने की कुछ खास वजह होती हैं लेकिन उन्हें डायबिटीज के प्रमुख कारण नहीं माना जा सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं डायबिटीज से जुड़े झूठ या मिथ और उनकी सच्चाई...

डायबिटीज से जुड़े मिथ और उनके तथ्य / Diabetes Myth and Facts




1.अगर आप भी ये मानते हैं कि शुगर सिर्फ बढ़े लोगों को ही होती है, तो आप गलत हैं क्योंकि आज के दौर में बड़े लोगों के साथ बच्चे भी डायबिटीज की गंभीर बीमारी से पीड़ित होने लगे हैं। दरअसल बचपन में शुगर होने पर शरीर का विकास रुक जाता है और वो कमजोर होने लगता है।




2. आमतौर पर माना जाता है कि दवाओं के नियमित सेवन करने से डायबिटीज को धीरे -धीरे खत्म किया जा सकता है। लेकिन ये बात सिर्फ एक भ्रम है। दवाओं के माध्यम से केवल शरीर के इंसुलिन लेवल को बढ़ने से रोका जा सकता है, उसे बनने से नहीं रोका जा सकता। एक स्वस्थ शरीर के लिए भी सीमित मात्रा में इंसुलिन का होना जरुरी होता है।

3. अगर आप भी ये मानते हैं कि शुगर पेशेंट्स को एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए, तो आप गलत हैं। क्योंकि शुगर पेशेंट जितना खुद को एक्टिव रखते हैं उससे उनके शरीर का इंसुलिन लेवल सामान्य रहता है। ऐसे में आप पैदल चलने के अलावा हल्की एक्सरसाइज रोजाना कर सकते हैं।



4.अक्सर डायबिटीज के बुरे असर से बचाने के लिए शुगर पेशेंट्स को मिठाई खाने से रोका जाता है या उन्हें शुगर फ्री मिठाई खाने की सलाह दी जाती है। लेकिन ये बात सच नहीं हैं, दरअसल शुगर के रोगियों के शरीर में ग्लूकोज को अवशोषित करने की क्षमता अन्य लोगों की तुलना में बहुत धीमी हो जाती हैं। जिससे समस्या बॉडी में इंसुलिन का लेवल बढ़ जाता है। ऐसे में बैलेंस डाइट और एक्सरसाइज के साथ सीमित मात्रा में मिठाईयों का सेवन करना फायदेमंद रहेगा।




5.आमतौर पर डायबिटीज को मोटापे से जोड़ा जाता है। जबकि ये पूरी तरह सच नहीं है। क्योंकि टाइप 1 डायबिटीज आनुवांशिकता और शरीर के पैंक्रियाज में इंसुलिन बनाने वाली 90 प्रतिशत से अधिक कोशिकाओं के खत्म होने के बाद होती है। जबकि टाइप 2 डायबिटीज पैंक्रियाज में इंसुलिन बनाने का की वजह से होती है, लेकिन ऐसे में कभी-कभी इंसुलिन के स्तर में वृद्धि होने से भी शरीर पर बुरा असर नहीं होता है। लेकिन इसके लिए आपका इम्यून सिस्टम मजबूत होना जरुरी है। इसके अलावा गलत खानपान और शरीर में जमा फैट भी जमा जिम्मेदार होती है।

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