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कोरोना से बचने के लिए साइंटिस्ट ने फोर-C फॉर्मूला अपनाने को कहा, जिंदगी होगी आसान और सुरक्षित

इस समय देश में अनलॉक (Unlock) की स्थिति है जिसके बाद से दिक्कते बढ़ती ही जा रही हैं। ऐसे में आने वाले समय में कई मायनों में और भी मुश्किलें से आ सकती हैं। इसी बीच लोगों को साइंटिस्ट ने अपना लाइफस्टाइल बदलने की सलाह दी है जिससे जिंदगी आसान और सुरक्षित हो सके (Coronavirus Precautions)।

कोरोना से बचने के लिए साइंटिस्ट ने फोर-C फॉर्मूला अपनाने को कहा, जिंदगी होगी आसान और सुरक्षित
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कोराना वायरस सावधानियां (फाइल फोटो)

कोरोना वायरस (Coronavirus) से बचाव के लिए जब देश में लॉकडाउन (Lockdown) था, तो लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसके साथ ही कई चीजें बहुत ही क्लीयर थी, जैसे कि केवल जरूरी काम से ही बाहर निकलें, गैर जरूरी चीजों की दुकानें बंद रहेंगी, ऑनलाइन डिलीवरी नहीं होगी। इन सभी सख्त नियमों के साथ चीजें भी काफी कंट्रोल में थी (Coronavirus In India)। वहीं इस समय देश में अनलॉक (Unlock) की स्थिति है जिसके बाद से दिक्कते बढ़ती ही जा रही हैं। ऐसे में आने वाले समय में कई मायनों में और भी मुश्किलें से आ सकती हैं। इसी बीच लोगों को साइंटिस्ट ने अपना लाइफस्टाइल बदलने की सलाह दी है जिससे जिंदगी आसान और सुरक्षित हो सके (Coronavirus Precautions)।

C फॉर्मला अपना कर इंफेक्शन से बचा सकता है

एक्सपर्ट का कहना है कि ऐसे समय में फोर C फॉर्मला अपना कर इंफेक्शन से बचा सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फॉर C मतलब है 'कॉन्टेक्ट, कन्फाइन्मेंट, क्राउड, चॉइस' है। इसके जरिए आप सिर्फ खुद को ही नहीं बल्कि सोसाइटी को भी बचा सकते हैं।

कॉन्टैक्ट

काम करते वक्त मास्क जरूर लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखें। इसके साथ ही समय समय पर अच्छे से हाथ धोते रहें। जितना कम हो सके उतना कम बाहर निकलें। याद रखें कि यह वायरस इंसान से इंसान में फैलता है। वहीं टेबल, लाइट स्विच, हैंडल्स, फोन जैसी सतहों को डिसइंफेक्ट करते रहें। इसके साथ ही डॉक्टरों का कहना है कि 6 फीट के अंदर 2 लोगों के बीच हुई 15 मिनट की बातचीत को क्लोज कॉन्टैक्ट माना जाता है। जितना आप लोगों के पास जाकर बात करेंगे उतना ही कोरोना का खतरा बढ़ेगा।

कन्फाइनमेंट

बंद जगहों पर इंडोर एक्टीविटीज खतरा बढ़ा सकता है। खिड़की और दरवाजे को एकदम बंद न रखें। डॉक्टरों कहना है कि जहां हवा रुकी हुई होगी उस जगह पर वायरस ज्यादा देर तक रहसकता है। वहीं जब आप अच्छे एयर फ्लो या खिड़की के पास होंगे तो आपका अपर रेस्पिरेट्री ट्रैक्ट वायरस के संपर्क में कम आएगा। ऐसे में आप वेंटिलेशन सिस्टम को अच्छा रखें।

क्राउड

इससे कोई फर्क नहीं पड़ता की भीड़ कहा है। आपको बता दें कि भीड़ का मतलब ज्यादा लोग जिससे इंफेक्शन होने का ज्यादा खतरा। आप कोशशि करें की आप जहां भी जाएं वहां कम से कम लोगों से 6 फीट की दूरी बना कर रखें।

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चॉइस

हर शख्स को अपनी सुरक्षा के लिए खुद ही फैसला करना होगा। इस वायरस का शिकार ज्यादा बच्चे और बुर्जग हुए हैं। ऐसे में इन लोगों को अपना खास ख्याल रखने की जरूरत है।

Shagufta Khanam

Shagufta Khanam

Jr. Sub Editor


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