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हार्ट पर कोरोना इफेक्ट

कोरोना संक्रमण का शरीर के विभिन्न अंगों पर बुरा असर पड़ता है। हार्ट को भी इससे काफी नुकसान हो सकता है। इसलिए यह जानना बहुत जरूरी है कि हार्ट पर इसके क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं और उनसे बचाव के लिए क्या कर सकते हैं?

हार्ट पर कोरोना इफेक्ट
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कोरोना संक्रमण का असर अन्य अंगों की तरह हृदय पर भी बहुत पड़ता है। जो पहले से हृदय रोगी हैं, उनमें कोरोना संक्रमण की वजह से हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा रहता है। यही नहीं कोरोना रिकवरी के बाद स्वस्थ व्यक्ति को भी हृदय रोग होने की काफी संभावना रहती है। आमतौर इसका असर उन लोगों पर ज्यादा होता है, जिनकी इम्यूनिटी कम है, 65 साल से ज्यादा उम्र के हैं या जिन्हें डायबिटीज, हाइपरटेंशन, ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियां हैं।

इस तरह है हार्मफुल

कोरोना संक्रमण से रक्त धमनियों में ब्लड क्लॉटिंग शुरू हो जाती है। ये ब्लड क्लॉट हृदय के अंदर भी बन जाते हैं। इससे हार्ट आर्टरीज में ब्लॉकेज हो सकती है। ब्लड क्लॉट अगर टूट जाते हैं, तो हार्ट अटैक का कारण बन सकते हैं। हार्ट में मायोकार्डिटिस हो जाता है, जिसमें हार्ट आर्टरीज और पूरे शरीर के रक्त धमनियों में सूजन आ सकती है। सूजन आने से दिल की कार्य क्षमता प्रभावित होती है। रक्त पंपिंग करने और पूरे शरीर तक रक्त संचार करने में जोर लगाना पड़ता है। इससे दिल की धड़कनें कम-ज्यादा होना, धडकनें अनियमित होने से सांस लेने मे तकलीफ होना या हार्ट अटैक होने की संभावना रहती है। इसके अलावा साइटोकिन स्ट्रोम भी हो सकता है, जिसमें प्रोटीनयुक्त ट्रोपोनिन केमिकल्स बड़ी मात्रा में रिलीज होता है। इस एंजाइम की चपेट में आने पर हार्ट अपना काम ठीक तरह से नहीं कर पाता, एरिद्मिया यानी हार्टबीट अनियमित हो सकती है और हार्ट फैल्योर हो सकता है।

क्या है उपचार

कोविड के असर से हार्ट डिजीज की संभावना की पुष्टि के लिए डॉक्टर हार्ट का ईसीजी करके देखते हैं कि मरीज के हार्ट टिशूज में कोई खराबी तो नहीं आई है। मरीज की स्थिति के हिसाब से मेडिसिन और उपचार किया जाता है। हार्ट में क्लॉट होने पर ब्लड थिनर मेडिसिन दी जाती हैं। अगर मरीज की हालत में सुधार नहीं होता, तो एंजियोग्राफी करके ब्लड क्लॉट साफ कर दिया जाता है।

रखें ध्यान

- कोरोना से बचाव के लिए रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाना जरूरी है। इसके लिए हेल्दी लाइफस्टाइल और डाइट का सेवन करना जरूरी है।

- कोरोना से बचने की सभी सावधानियों का पालन करें।

- कोरोना संक्रमण का अंदेशा होने पर बिना देर किए अपना चेकअप कराएं।

- हार्ट रिस्क कैटेगरी में आने वाले व्यक्ति को हर साल निमोनिया और फ्लू का इंजेक्शन जरूर लगवाना चाहिए क्योंकि वे संक्रमण के लिए बहुत सेंसेटिव होते हैं।

- गंभीर बीमारियों से ग्रस्त रोगियों के लिए जरूरी है कि कोविड होने के बावजूद वो अपनी दवाइयां जारी रखना चाहिए, क्योंकि ब्लड प्रेशर या डायबिटीज का लेवल कंट्रोल में नहीं होगा तो उन्हें हार्ट डीजीज होने की संभावना ज्यादा रहती है।

- इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए पौष्टिक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार का सेवन करें। अपनी डाइट में फल और बादाम, अखरोट, काजू जैसे ड्राई फ्रूट्स शामिल करें। रोजाना दो-तीन मौसमी फल खाने से ब्लड प्रेशर, हाइपरटेंशन, हार्ट डिजीज जैसी बीमारियों का खतरा कम होता है। इनमें मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट हार्ट को मजबूती प्रदान करते हैं।

- रोजाना 20-30 मिनट की फिजिकल एक्सरसाइज को अपने रूटीन का हिस्सा बनाएं। नियमित सैर कर सकते हैं। 20-30 मिनट योगासन या कम से कम 10 मिनट मेडिटेशन करें।

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