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Chronic Disease : फोड़े-फुंसी के कारण, लक्षण और उपचार

Fode Funsi ke Karan Lakshan aur upchar फोड़े-फुंसी के कारण, लक्षण और उपचार से आमतौर पर लोग अनजान होते हैं। बारिश के मौसम में शरीर के अंगों पर होने वाले फोड़े फुंसी का घरेलू इलाज (Fode Funsi ka Ghrelu Ilaj) करना बेस्ट होता है। ऐसे में आज हम आपको फोड़े फुंसी के कारण, लक्षण और उपचार (Fode Funsi ke Karan, Lakshan aur upchar) बता रहे हैं। समय से फोड़े फुंसी का इलाज (Chronic Disease Treatment) न होने पर ये गंभीर रुप ले लेती हैं, जिससे असहनीय दर्द और शरीर में इंफेक्शन (Skin Infection) होने का बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है।

फोड़े-फुंसी के कारण, लक्षण और उपचारChronic Disease symptoms causes and Treatment

फोड़े फुंसी इंफेक्शन से होने वाली एक बीमारी है। बरसात में नमी की वजह से इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है जिससे शरीर के कई हिस्सों (चेहरे, आंख और घुटनों के पास) में फोड़े फुंसी हो जाती है। फोड़े फुंसी को अंग्रेजी में क्रोनिक डिसीज (Chronic Disease)कहा जाता है। ऐसे में आज हम आपको फोड़े-फुंसी होने के कारण (Chronic Disease Causes) के साथ ही फोड़े फुंसी के लक्षण और उपचार लेकर आए हैं। जिन्हें अपनाकर आप फोड़े फुंसी से छुटकारा पा सकते हैं।

फोड़े फुंसी क्या है

फोड़ा या फुंसी शरीर में गंदगी या बैक्टीरियल इंफ्केशन से होने वाली एक गांठ होती है। फुंसी छोटे आकार की होती है। जबकि फोड़ा बड़े आकार को होता है। फोड़े फुंसी के आसपास सफेद होने पर उसमें पस पड़ने की समस्या और लाल रंग के होने पर उसको पकना कहा जाता है। दोनों ही स्थिति में व्यक्ति को असहनीय दर्द का गुजरना होता है।

फोड़े फुंसी के प्रकार

1. चेहरे पर फुंसी होना - चेहरे पर अक्सर नाक, गाल या आंख पर फुंसी होती है। चेहरे पर होने वाली फुंसी सफेद रंग की होती है।

2. जांघ या घुटने के पास ज्यादा पसीना आने से भी फुंसी या फोड़ा हो जाता है। ऐसे में समय-समय पर उसकी सफाई करें।

3. पसीना और नमी के लंबे समय तक बरकरार रहने से महिलाओं को ब्रेस्ट या अंडरआर्म्स में फुंसी हो जाती है

4. बारिश के मौसम में अक्सर लोगों को इंफेक्शन की वजह से आंख के ऊपर या नीचे फुंसी हो जाती है। जिसे आम बोलचाल में गुहेरी कहते है।

फोड़े फुंसी के कारण

बैक्टीरियल इंफेक्शन

लंबे समय तक अस्पताल में रहना

गंदगी से रहना

इंफेक्शन वाले लोगों के संपर्क में आना

लंबे समय तक स्टेरॉयड का सेवन

फोड़े फुंसी के लक्षण

1. फोड़े-फुंसी की जगह पर दर्द होना

2. फोड़े फुंसी का सफेद या लाल रंग का होना

3. फोड़े फुंसी होने पर बुखार आना

4. ज्यादा पसीना आना

5. शरीर में कमजोरी महसूस करना

फोड़े फुंसी के उपचार

1. फोड़े फुंसी होने पर घरेलू उपचार बेहद फायदेमंद होते हैं। इसमें आप नीम के पत्तों से सफाई करना और सेवन करना। लौंग को घिस कर फुंसी पर लगाना, हल्दी के पेस्ट को फुंसी पर लगाना आदि शामिल हैं।

2. फुंसी के घरेलू उपायों से ठीक न होने पर और दर्द या पस के बढ़ने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। इसके साथ ही डॉक्टर की सलाह से ही फुंसी सुखाने या पकाने वाली दवाओं का सेवन करना चाहिए।

3. अगर फोड़ा या फुंसी घेरलू उपचार और अन्य दवाओं से भी ठीक न होने पर डॉक्टर की सलाह पर चीरा लगवाएं। चीरा लगाने पर फुंसी में मौजूद पस को निकाला जाता है। उसके बाद फुंसी की वजह यानि गांठ को निकालकर अलग कर दिया जाता है।

फोड़े फुंसी से बचाव

1. साफ-सफाई का ख्याल रखें।

2. नियमित रुप से शरीर के अंगो की सफाई करना।

3. इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाएं।

4. हमेशा हाथ धोकर ही खाना खाएं।

5.अपनी पर्सनल चीजों को शेयर करने से बचें।

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