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चमकी बुखार: चमकी बुखार का आयुर्वेदिक उपचार और बचाव

Chamki Bukhar : चमकी बुखार (Chamki Bukhar) एक संक्रामक और जानलेवा बीमारी है। यह बीमारी वायरस (Virus), बैक्टीरिया और फंगस (Bacteria and fungus) की वजह से फैलती है। चमकी बुखार से बिहार (Bihar) में अब तक 128 बच्चों की मौत हो चुकी है। चमकी बुखार (Chamaki Fever) को दिमागी बुखार (Brain Fever),जापानी बुखार (Japani Fever),इन्सेफेलाइटिस सिड्रोंम (Encephalitis Syndrome) के अलग-अलग नामों से भी जाना जाता है। जबकि दिमागी बुखार को इंग्लिश में मेनिनजाइटिस (Meningitis)कहा जाता है। चमकी (दिमागी) बुखार (Chamki Fever) को एक खतरनाक बीमारी (Serious Disease) के रूप में देखा जाता है, क्योंकि इसके उपचार में थोड़ी सी भी लापरवाही मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। वैसे तो चमकी बुखार का कोई टीका (Tika) या वैक्सीन (Vaccine) अभी तक नहीं बन पाया है। ऐसे में इस बीमारी से बचने के लिए लोग अस्पताल की दवाईयों के अलावा अन्य उपचारों को करने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। ऐसे में आज हम आपको चमकी बुखार के लक्षण (Chmaki Fever symptoms) , चमकी बुखार के कारण (Chmaki Fever Causes) चमकी बुखार के आयुर्वेदिक उपचार (Chamki Bukhar Ayurvedic Treatment) और चमकी बुखार के बचाव (Chamki Bukhar Precautions) के बारे में बता रहे हैं।

Chamki Bukhar Ayurvedic UpcharChamki Bukhar Ayurvedic Upchar

Chamki Bukhar : चमकी बुखार (Chamki Bukhar) एक संक्रामक और जानलेवा बीमारी है। यह बीमारी वायरस (Virus), बैक्टीरिया और फंगस (Bacteria and fungus) की वजह से फैलती है। चमकी बुखार से बिहार (Bihar) में अब तक 128 बच्चों की मौत हो चुकी है। चमकी बुखार (Chamki Fever) को दिमागी बुखार (Brain Fever),जापानी बुखार (Japani Fever),इन्सेफेलाइटिस सिड्रोंम (Encephalitis Syndrome) के अलग-अलग नामों से भी जाना जाता है। जबकि दिमागी बुखार को इंग्लिश में मेनिनजाइटिस (Meningitis)कहा जाता है। चमकी (दिमागी) बुखार (Chamki Fever) को एक खतरनाक बीमारी (Serious Disease) के रूप में देखा जाता है, क्योंकि इसके उपचार में थोड़ी सी भी लापरवाही मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। वैसे तो चमकी बुखार का कोई टीका (Tika) या वैक्सीन (Vaccine) अभी तक नहीं बन पाया है। ऐसे में इस बीमारी से बचने के लिए लोग अस्पताल की दवाईयों के अलावा अन्य उपचारों को करने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। ऐसे में आज हम आपको चमकी बुखार के लक्षण (Chmaki Fever symptoms) , चमकी बुखार के कारण (Chmaki Fever Causes) चमकी बुखार के आयुर्वेदिक उपचार (Chamki Bukhar Ayurvedic Treatment) और चमकी बुखार के बचाव (Chamki Bukhar Precautions) के बारे में बता रहे हैं।




चमकी बुखार के कारण

1. दूषित खान-पान की वस्तुएं

2. दूषित पानी का सेवन करना

3. कुपोषण

4. कच्ची और अधपकी लीची का सेवन करना

5. गर्मी और नमी वाले मौसम का होना




चमकी बुखार के लक्षण :

1. तेज बुखार आना और ठंड लगना

2. शरीर में ऐंठन होना या कंपकंपी आना

3. शरीर में कमजोरी आना

4. बार-बार बेहोशी आना और भ्रम की स्थिति होना

5. सिरदर्द, और गर्दन में अकड़न होना

चमकी बुखार के बचाव :

1. पीड़ित के शरीर को ठंडा रखने की कोशिश करें।

2. बच्चों को धूप में ले जाने से बचें।

3. बच्चों को पूरी बाजू के कपड़े पहनाएं और मच्छरों से दूर रखें।

4. मरीज के पास साफ-सफाई रखें और हमेशा साबुन से हाथ धोकर ही खाएं।




चमकी बुखार के आयुर्वेदिक उपचार

1. ओआरएस घोल (नमक, चीनी) का सेवन कराएं।

2. अनार के जूस का सेवन कराएं।

3. गिलोय, काली मिर्च, तुलसी और पपीते के पत्तों का काढ़े का सेवन करें।

4. पीड़ित को उल्टी होने पर करवट लेकर लिटाएं।

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