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Blood Cancer Symptoms: ये हैं ब्लड कैंसर के लक्षण, भूलकर भी ना करें इग्नोर

Blood Cancer Symptoms: ब्लड कैंसर के लक्षण (Blood Cancer Ke Lakshan), बल्ड कैंसर के प्रकार (Types Of Blood Cancer) और ब्लड ब्लड कैंसर की स्टेज (Stages Of Blood Cancer) पर ध्यान नहीं दिया जाये तो मौत निश्चित है। तो आइये जानते हैं ब्लड कैंसर के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी...

भूलकर भी शरीर में आ रहे हैं इन बदलावों को न करें इग्नोर, हो सकते हैं ब्लड कैंसर के शिकारब्लड कैंसर के लक्षण

Blood Cancer Symptoms: आमतौर पर लोग पेट का कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, मुंह का कैंसर, लिवर कैंसर, ब्लड कैंसर के बारे में ही जानते हैं, लेकिन दुनिया में 100 से भी ज्यादा तरह के कैंसर होते हैं। ऐसे में अगर आप भी खुद को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से दूर रखना चाहते हैं, तो हेल्दी डाइट, एक्सरसाइज के साथ शारीरिक और मानसिक बदलावों को लेकर जागरुक रहें। क्योंकि हर बीमारी अपनी आखिरी स्टेज में पहुंचने से पहले कुछ संकेत देती है। ऐसे में उन लक्षणों और संकेतों को पहचान कर उनका उपयुक्त इलाज किया जा सके। क्योंकि आज के समय में कैंसर की बीमारी एक महामारी का रूप लेती जा रही है। इस बीमारी की सबसे अजीब बात ये है कि इसका पता आमतौर पर तीसरी या चौथी स्टेज में चलता है। जिसमें पीड़ित के बचने की संभावना बेहद कम हो जाती है, लेकिन अगर कैंसर से जुड़े लक्षणों को समय से पहचान लिया जाए, तो उसका समय से उपचार करना आसान हो सकता है। ऐसे में आज हम आपको कैंसर में सबसे ज्यादा घातक माने जाने वाले ब्लड कैंसर के लक्षण और ब्लड कैंसर के प्रकार और उसके लिए जरूरी जांच के बारे में बता रहे हैं।




ब्लड कैंसर के लक्षण (Blood Cancer Symptoms) :

खांसी या सीने में दर्द होना

बुखार या ठंड लगना

बार-बार इंफेक्शन होना

त्वचा पर खुजली या दाने होना

भूख में कमी आना या मिचलना

रात को ज्यादा पसीना आना

लगातार शारीरिक कमजोरी और थकान रहना

सांस लेने में तकलीफ होना

गले में सूजन आना

अगर ये स्थिति 1 सप्ताह से ज्यादा रहे, तो डॉक्टर की सलाह जरुर लें और ब्लड कैंसर संबंधी जांच के बारे में पता करें।




ब्लड कैंसर के प्रकार (Types of Blood Cancer) :

ल्यूकेमिया (Leukemia)

लिंफोमा (Lymphoma)

माइलोडिसप्लास्टिक सिंड्रोम (एमडीएस) (Myelodysplastic Syndromes) (MDS)

माइलोप्रोलिफ़ेरेटिव डिसऑर्डर (एमपीडी) (Myeloproliferative Disorder) (MPD)

मल्टीपल मायलोमा (Multiple Myeloma)




ब्लड कैंसर की जांच और स्टेज (Blood Cancer Diagnosis and Staging) :

जांच और विभिन्न स्टेज बीमारी की गंभीरता और उपयुक्त इलाज को जानने की एक सामान्य प्रक्रिया होती है। जिसके मुताबिक डॉक्टर और स्पेशलिस्ट उपयुक्त इलाज बताता है। ब्लड कैंसर के लिए निम्न टेस्ट किए जाते हैं...

1. ब्लड टेस्ट

इस टेस्ट में पीड़ित का ब्लड सैंपल लिया जाता है और उसके बाद ब्लड कैंसर के लक्षण जानने को कोशिश की जाती है, जिससे ब्लड कैंसर होने या न होने की पुष्टि की जा सके।

2. बोन मैरो की जांच

ब्लड टेस्ट के बाद बोन मैरो की बेहद गंभीरता के साथ जांच की जाती है। क्योंकि बोन मैरो हमारी हड्डियों के अंदर भरा हुआ एक मुलायम टिशू होता है। जो शरीर में रक्त का उत्पादन करने में अहम भूमिका निभाता है। एक व्यस्क के शरीर में बोन मैरो का भार लगभग 4% होता है।

3. इमेजिंग परीक्षण जांच

इन जांचों के माध्यम से शरीर में कैंसर होने की पुष्टि, कैंसर फैलने की गति और प्रभावित अंग की स्थिति को जानने में मदद मिलती है। जिससे उपयुक्त इलाज में आसानी होती है।

4. शारीरिक जांच

ब्लड टेस्ट, बोन मैरो टेस्ट और इमेजिंग परीक्षण जांच के बाद पीड़ित व्यक्ति की शारीरिक जांच की जाती है। जिसमें उसके शरीर में आने वाले बदलाओं के बारे में जाना जाता है।

5. सर्जिकल लिम्फ नोड हटाना

अगर इन सभी टेस्ट से ब्लड कैंसर या अन्य बीमारी की पुष्टि होती है, तो आखिर में कैंसर की मूल जड़ को सर्जरी करके निकाल दिया जाता है। जिसे शरीर के बाकी अंगों को कैंसर के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके।

स्टेजिंग सिस्टम कैंसर के लिए फायदेमंद हैं जो अंगों और अन्य ऊतकों को प्रभावित करते हैं, लेकिन ब्लड कैंसर अलग है। प्रत्येक प्रकार के ब्लड कैंसर की अलग-अलग स्टेज और उसका उपचार करने के तरीके हैं।

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