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Benefits of Amarnath (चौलाई के फायदे) प्रोटीन, खनिज, विटामिन से भरपूर, कैंसर में एकदम कारगर

चौलाई के फायदे (Chaulai ke Fayde) की बात करें तो इसमें प्रोटीन, खनिज, विटामिन ए, सी, आयरन,कैल्शियम और फॉस्फोरस प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जिसकी वजह से ये मौसमी बीमारियों के अलावा डायबिटीज, कैंसर और एनीमिया से बचाने में भी कारगर साबित होती है। चौलाई को अंग्रेजी में आमारान्थूस (Amaranthus) के नाम से जाना जाता है, इसलिए आज हम आपको चौलाई के फायदे (Benefits of Amaranth) बता रहे हैं।

Benefits of  Amarnath (चौलाई के फायदे) प्रोटीन, खनिज, विटामिन से भरपूर, कैंसर में एकदम कारगर

चौलाई के फायदे (Chaulai ke Fayde): चौलाई के फायदे अनेक होते हैं। आमतौर पर लोग चौलाई के लड्डू, चौलाई की पट्टी को व्रत में, तो चौलाई का साग खाना पसंद करते हैं। चौलाई, दुनिया में 60 तरह की पाई जाती है। जबकि भारत में चौलाई की कुल 6 प्रजातियां पाई जाती हैं। जो हमें गंभीर और जानलेवा कैंसर से जैसे रोगों से बचाने में रामबाण साबित होती है। ऐसे में आइए जानते हैं चौलाई के फायदे, चौलाई का उपयोग, चौलाई के पौषक तत्व....

चौलाई क्या होता हैं ? (What is Amarnath)

चौलाई, एक पौधे के रुप में पाई जाती है। जिसका लोग अक्सर साग बनाकर सेवन करते हैं। चौलाई का उत्पादन आमतौर पर सर्दियों में किया जाता है।गर्मी और बारिश के मौसम में चौलाई सेवन करना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। चौलाई की खासियत ये है कि इसे कंकड़ी और रेतीली मिट्टी में भी आसानी से उगाया जा सकता है।

चौलाई के पौषक तत्व (Nutrient of Amarnath)





भारत में मिलने वाली चौलाई के प्रकार (Types of Amarnath Found in India)




विकीपीडिया के मुताबिक, चौलाई की 60 प्रजातियों में से भारत में 6 तरह की प्रजाति पाई जाती हैं...

1.मोरपंखी चौलाई - ये आमतौर पर बरसात के मौसम में उगती है। इसका उपयोग घर सजाने के लिए भी किया जाता है, क्योंकि ये चटक हरे रंग की चौड़ी पत्तियां होती हैं,जो बेहद मुलायम होते हैं। इसके साथ ही फूल भी बेहद खूबसूरत होता है।

2.पूसा किरण चौलाई - चौलाई की इस प्रजाति को बारिश के मौसम में उगाया जाता है। इसके पत्ते चौड़े और हरे रंग के होते हैं। जबकि डंठल 5 से 6.5 सेंटी. की लंबाई का होता है।

3. पूसा कीर्ति चौलाई - पूसा कीर्ति चौलाई का उत्पादन गर्मी के मौसम में किया जाता है। इसका तना बेहद मुलायम होता है। जिसकी वजह से इसका साग बनाकर सेवन किया जाता है।

4. पूसा लाल चौलाई - चौलाई की ये प्रजाति को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने विकसित किया है। इसकी पत्तियां और तना दोनों ही लाल रंग के होते हैं। इस चौलाई के पत्तों और तने के बीच अनुपात 1:5 होता है।

5.बड़ी चौलाई - बड़ी चौलाई नामक प्रजाति को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने ही विकसित किया है। इसे गर्मी के सीजन में उगाया जाता है। इसके पते और तना दोनों ही बेहद मुलायम होते हैं।

6.छोटी चौलाई - छोटी चौलाई का उत्पादन आमतौर पर बसंत के साथ बारिश के मौसम में किया जाता है। इस प्रजाति के पौधे छोटे और सीधे रहते है। इसकी पत्तियां अन्य चौलाई की किस्मों की तुलना में छोटे होते हैं। छोटी चौलाई को भी भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने विकसित किया है।

चौलाई के फायदे / Amarnath Benefits



1.चौलाई का सेवन करने से वजन घटाने में भी मदद मिलती है। क्योंकि इससे मेटाबॉलिक सिस्टम मजबूत होता है। इसके लिए आप चौलाई का साग और सलाद का सेवन करना फायदेमंद होता है।

2. चौलाई का सेवन करने से शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। क्योंकि चौलाई में विटामिन C और विटामिन A पाया जाता है। विटामिन सी से शरीर की रोग प्रतिरोधी कोशिकाएं सुचारु रुप से काम करती हैं जबकि विटामिन A को बढ़ाने में मदद कर सकती हैं।




3.चौलाई खाने से हड्डियां स्ट्रांग होती हैं। क्योंकि चौलाई में कैल्शियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस उच्च मात्रा में पाया जाता है। इसके साथ ही हड्डियों की संरचना को बनाए रखने में मदद करती है।

4.चौलाई का सेवन करने से दिल से जुड़ी बीमारियों में लाभ मिलता है। क्योंकि चौलाई के पौषक तत्व और एंटी ऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं। जिससे हाई कोलेस्ट्रॉल कम होता है और हाई ब्लड प्रेशर का सामान्य रखने में मदद करती है।




5.अगर आप खून की कमी यानि एनीमिया की बीमारी से पीड़ित है, तो ऐसे में चौलाई का सेवन करना बेहद फायदेमंद रहेगा। क्योंकि चौलाई में आयरन उच्च मात्रा में पाया जाता है।

6.चौलाई को एंटी डायबिटीक फूड भी माना जाता है। इसका सेवन करने से शरीर का इंसुलिन सामान्य बना रहता है। एक शोध के मुताबिक, चौलाई के पत्ते और अनाज दोनों ही शरीर में मौजूद अल्फा अमलेसिया नामक डायजेस्टिव एंजाइम्स को दबाकर शरीर की शुगर को तोड़कर इंसुलिन के रुप में रक्त में प्रवाहित करता है।




7. माय उपचार के मुताबिक,चौलाई की पत्तियों में एंटी कैंसर तत्व पाया जाता है। जिसका सेवन करने से कैंसर कोशिकाओं और कैंसर की वजह से ट्यूमर कोशिकाओं को फैलने से रोकती हैं। चौलाई फेफड़ों के कैंसर, लिवर कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर में लाभ मिलता है।

8. चौलाई का सेवन करने से पेट के रोग में भी लाभ मिलता है। चौलाई के पत्तों और सलाद के रुप में खाना सबसे फायदेमंद होता है। इसके अलावा किनोआ और अनाज के रुप में भी चौलाई का सेवन किया जाता है। इसमें पाया जाने वाला फाईबर हल्का होने की वजह से पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव नहीं आता।






9.चौलाई का सेवन करने शरीर में हाई कोलेस्टॉल को कम करने में मदद मिलती है। जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है।

10.चौलाई में पानी की अधिकता होती है। जिससे त्वचा में मॉश्चर बना रहता हैं। इसके साथ ही चौलाई की पत्तियों में शार्क ऑयल में पाए जाने वाले तत्व पाए जाते हैं। जो त्वचा को एक्जिमा और फंगल इंफेक्शन, Uv किरणों से प्रोटेक्शन, एंटी एंजिग,दाग-धब्बे और ड्राईनेस के साथ कई सारी बीमारियों से बचाने में मदद मिलती है। इसका नियमित सेवन करने से लाभ।

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