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जानें लड़कियों में एनीमिया होने के कारण, लक्षण और उपचार

लड़कियों और महिलाओं में एनीमिया यानि शरीर में रक्त की कमी की समस्या होना है। जो उनमें शारीरिक थकान और गर्भावास्था में गंभीर परेशानी का कारण बनती है। ऐसे में डॉक्टर अक्सर आयरन रिच फूड खाने की सलाह देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं किशोरावास्था में लड़कियों में एनीमिया होने के कारण, लक्षण और उपचार क्या हैं। अगर नहीं, तो आज हम आपको एनीमिया के कारण, एनिमिया के लक्षण और एनिमिया के उपचार से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं।

जानें लड़कियों में एनीमिया होने के कारण, लक्षण और उपचार
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एनीमिया के कारण, लक्षण और उपचार

अगर आप बार-बार शारीरिक कमजोरी, थकान, चक्कर आने और भूख न लगने की स्थिति से गुजर रही हैं, तो ऐसे में आप एनीमिया से पीड़ित है। जिसमें शरीर में रक्त बनने की गति बेहद धीमी हो जाती है, जिसके फलस्वरुप शरीर में रक्त की अल्पता हो जाती है और कई सारी गंभीर बीमारियों का कारण बन जाता है। ऐसे में आज हम आपको शरीर में रक्त की कमी यानि एनीमिया की बीमारी को पहचानने के लिए एनीमिया के लक्षण, एनीमिया के कारण और उसके उपचार बता रहे हैं।

एनीमिया क्या है

शरीर में रक्त कणों के बनने की गति के कम होने या खत्म होने की स्थिति को एनीमिया कहा जाता है। चिकित्सा विज्ञान के मुताबिक, महिलाओं में 12 ग्राम और पुरुषों में 14 ग्राम रक्त होना स्वस्थ शरीर के लिए आवश्यक माना जाता है। भारत में लगभग 80 फीसदी लड़कियां और महिलाएं एनीमिया नामक बीमारी से पीड़ित हैं। लड़कियों में पीरियड्स के दौरान सबसे ज्यादा ब्लड लॉस होने की वजह से एनीमिया की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा गर्भावास्था के दौरान शिशु के निर्माण और विकास में भी महिलाओं के रक्त का उपयोग भी शरीर में रक्त अल्पता के प्रमुख कारणों में से एक है।


लड़कियों में एनीमिया होने के कारण

शरीर में पौषक तत्वों की कमी होना

बचपन से ही कई कारणों की वजह से लड़कियां, लड़कों की तुलना में कम पौषक तत्वों वाला भोजन खाती हैं। जिससे शरीर में पौषक तत्वों की कमी होने से रक्त बनने की गति बेहद धीमी हो जाती है। इसके अलावा अब अनहेल्दी जंकफूड खाने की आदत भी एनीमिया होने में बेहद अहम भूमिका निभाती है।

आयरन की कमी होना

हम सभी के शरीर को सुचारु रुप से चलाने के लिए प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन के अलावा आयरन यानि लौह तत्व की बेहद आवश्यकता होती है। इसकी कमी होने से शरीरिक दु्र्बलता और कमजोरी होने लगती है। चेहरे की रंगत का पीला पड़ना और बार बार चक्कर आना आयरन की कमी को दर्शाने वाले संकेत होते हैं।

पीरियड्स में अधिक ब्लीडिंग होना

लड़कियों और महिलाओं में हर महीने होने वाली पीरियड्स की समस्या में हैवी ब्लीडिंग होना भी शरीर में रक्त की कमी होने के प्रमुख कारणों में से एक होता है। इस दौरान शरीर में आयरन के अलावा मिनरल्स की भी शरीर में भारी कमी होती है।

4. बार बार कंसीव करना

अगर आप कुछ समय के अंतराल पर कंसीव करती हैं और बेबी के मिस्कैरेज के दौरान रक्त की बहने के कारण भी शरीर में रक्त अल्पता की समस्या होती है।

5. अल्सर होने पर

पेट में अल्सर होने पर भी हर बार शौच के समय रक्त आना भी शरीर में रक्त की कमी का एक प्रमुख कारण बनता है।

6. मलेरिया या डेंगू जैसी बीमारी होना

कई बार मलेरिया और डेंगू जैसी गंभीर बीमारी होने की वजह से भी शरीर में तेजी से रक्त कणों की कमी हो जाती है। जिससे शरीर एनीमिया का शिकार हो जाता


एनिमिया के लक्षण

1. कमजोरी और थकान होना

अगर आपको हल्का काम करने और बार एक या दो बार सीढ़ियां चढ़ने पर शारीरिक कमजोरी और थकान महसूस होती है, तो ये आपके शरीर में रक्त की कमी यानि एनीमिया होने का संकेत हैं।

2. चक्कर आना या धुंधला दिखना

शरीर में अत्याधिक रक्त की कमी होने पर पीड़ित को चलने पर चक्कर आने और कभी कभी धुंधला दिखाई देने जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा शारीरिक कमजोरी और थकान होना शामिल है।

3. त्वचा में पीलापन

आपने अक्सर घर के बड़े लोगों को चेहरे के पीले या सफेद पड़ने वाली बातों को करते हुए जरुर सुना होगा। ऐसा अक्सर शरीर में रक्त की कमी की वजह से होता है। एनीमिया के शिकार होने पर शरीर में रक्त कणों के निर्माण की गति बेहद धीमी हो जाती है। जिससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन आसान्य हो जाता है। जिसकी वजह से एनीमिया के अलावा कई अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

4. चिड़चिड़ाहट और गुस्सा

एनीमिया होने का असर सिर्फ शारीरिक ही नहीं होता बल्कि ये हमारे मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। रक्त की कमी होने पर मस्तिष्क में ब्लड का फ्लो कम हो जाता है, जिससे पीड़ित में चिड़चिड़ाहट और गुस्सा करने की समस्या बढ़ जाती है।

5. भूख में कमी होना

शरीर में रक्त की कमी होने पर भूख में भी कमी होना एक स्वाभाविक संकेत माना जाता है। ऐसे में अगर आप बार बार खाने को स्किप करते हैं, तो इससे शरीर में पौषक तत्वों की भारी कमी होने लगती है। शारीरिक दुर्बलता और थकान बढ़ने लगती है।

6. कैफीनयुक्त चीजों का सेवन कम करें

अगर आप दिन में 2 बार से अधिक चाय या कॉफी का सेवन करते हैं, तो इससे शरीर के पौषक तत्वों तेजी से नष्ट होते हैं। जिससे उनसे मिलना वाला पोषण शरीर को नहीं मिल पाता है।


एनिमिया के उपचार

1. अनार और चुकंदर का जूस पीना

अगर आपके शरीर में अत्याधिक रक्त की अल्पता है, तो ऐसे में आप कम से कम 3 महीने तक नियमित रुप से अनार या चुंकदर का सेवन सलाद या जूस के रुप करें। इससे तेजी से आपके शरीर में रक्त कणों को बनने में मदद मिलेगी।

2. आयरन और फोलिक एसिड का करें सेवन

अगर आपके शरीर में रक्त की भारी कमी है, तो ऐसे में आप डॉक्टर की सलाह पर आयरन और फोलिक एसिड टेबलेट्स या सप्लीमेंट्स का सेवन करें। सीमित समय के लिए ही इन सप्लीमेंटस का सेवन करें।

3.पालक समेत हरी सब्जियों का सेवन करें

शरीर में रक्त की कमी यानि एनीमिया की समस्या को दूर करने के लिए पालक का सेवन करना बेहद उपयोगी होता है। इसके अलावा अन्य हरी सब्जियां यानि बथुआ, मेथी, घिया, तोरी भी शरीर में खून की कमी को पूरा करने में मददगार साबित होती है।

4. विटामिन सी से भरपूर फलों का सेवन

आयरन के अलावा विटामिन सी भी शरीर में रक्त की कमी को नियंत्रित करने में मदद करती है। ऐसे में अगर आपके शरीर में रक्त की कमी हो, तो आयरन के साथ विटामिन सी से भरपूर आहार का सेवन करना शुरु कर दें।

5. लोहे के बर्तन में बना खाना खाएं

शरीर में आयरन की कमी को दूर करने के लिए आप रोजाना के भोजन में बनने वाली सब्जी को लोहे के बर्तन में बनाने और सेवन करने से लौह तत्वों आपके शरीर में स्वाभाविक रुप से पहुंच जाते हैं।

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