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गर्भाशय कैंसर से ऐसे करें बचाव

गर्भाशय का कैंसर कई तरह का होता है।

गर्भाशय कैंसर से ऐसे करें बचाव

ये कैंसर गर्भाशय (यूटेरस) में होता है, जहां बच्चा विकसित होता है। गर्भाशय का कैंसर कई तरह का होता है। जैसे एन्डोमेट्रियल कैंसर व यूटेरियन सार्कोमस।

एन्डोमेट्रीयल कैंसर सामान्य है और ये तब होता है, जब कैंसर का हमला गर्भाशय (यूटेरस) की परत पर होता है।

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यूटेरियन सार्कोमस के मामले काफी कम पाए जाते है। ये गर्भाशय (यूटेरस) की पेशियां या सहायक टिश्यूज़ में फैलता है।

इसीलिए हर साल डॉक्टर से पेल्विक जांच कराना चाहिए। यह कहना है कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक चौधरी का।

गर्भाशय के कैंसर का लक्षण-

  • यूटेराइन कैंसर से बचने के लिए मोटापा कम होना जरूरी है। शरीर पर जमा अतिरिक्त चर्बी गर्भाशय कैंसर का कारण हो सकता है।
  • जिन महिलाओं में मासिक धर्म की जल्दी शुरू होता है, या देर से रजोनिवृत्ति होती है और जिन महिलाओं ने अपने जीवन में बच्चे को जन्म नहीं दिया है।
  • वे गर्भाशय के कैंसर के विकास के लिए अतिरिक्त खतरे में होती हैं।
  • इसलिए नियमित जांच करानी चाहिए और गर्भाशय में किसी भी प्रकार का असामान्य परिवर्तन होने पर शीघ्र निदान सुनिश्चित करना चाहिए।
  • धूम्रपान करने वाली महिलाएं ओवेरियन कैंसर की चपेट में जल्दी आ सकती हैं। इसलिए धूम्रपान व नशे के सेवन से बचें।

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कारण-

  • ईस्ट्रोजन का उच्च स्तर, एन्डोमेट्रियम हाईपरप्लासिया, मोटापा, उच्च रक्तचाप, पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम, नल्लीपैरीटी, शीघ्र मीनार्की (माहवारी की जल्दी शुरूआत), रजोनिवृत्ति में देरी (मीनोपॉज, माहवारी बंद होना), एन्डोमेट्रियम पॉलिप या यूटीराइन अस्तर की अन्य सौम्य वृद्धि, मधुमेह, टॉमेक्सिफेन, हाईपरप्लासिया, पशु वसा का उच्च सेवन।
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