logo
Breaking

चौंक जाएंगे आप ''मुलेठी'' के चमत्कारी गुणों को जानकर

मुलेठी गले की खराश, खांसी, उदरशूल क्षयरोग, श्‍वासनली की सूजन तथा मिर्गी आदि के इलाज में उपयोगी है।

चौंक जाएंगे आप

मुलेठी आसानी से मिलने वाली एक आयुर्वेदिक औषधि है। मुलेठी अंदर से पीली, रेशेदार एवं हल्की गंधवाली होती है। यह सूखने पर अम्ल जैसे स्वाद की हो जाती है। यह स्‍वाद में शक्‍कर से भी मीठी होती है। मुलेठी बड़ी ही गुणकारी औषधि के रूप में उपयोग की जाती है। मुलेठी गले की खराश, खांसी, उदरशूल क्षयरोग, श्‍वासनली की सूजन तथा मिर्गी आदि के इलाज में उपयोगी है।

इसका प्रयोग गैस्ट्रिक अल्सर को ठीक करने के लिए भी होता किया जाता है। मुलेठी स्वाद में मीठी होती है। इसके सूख जाने पर इसका स्वाद थोड़ा-सा अलग हो जाता है।

मुलैठी के फायदे

* मुलेठी का सेवन आँखों के लिए भी लाभकारी है। इसमें जीवाणुरोधी क्षमता पाई जाती है। यह शरीर के अन्‍दरूनी चोटों में भी लाभदायक होता है।

* अगर आप कफ से परेशान हो रहे हैं तो मुलेठी को काली मिर्च के साथ मिलाकर खाएं. साथ ही इससे गले की सूजन भी दूर होगी।

* बार-बार मुंह सूख रहा हो तो मुलेठी चबाएं. इसमें पानी की मात्रा खूब होती हैमुलेठी का सेवन आँखों के लिए भी लाभकारी है। इसमें जीवाणुरोधी क्षमता पाई जाती है। यह शरीर के अन्‍दरूनी चोटों में भी लाभदायक होता है। इससे आपकी प्यास शांत होगी।

* अगर आपको गाने के लिए आवाज़ अच्छी चाहिए तो मुलेठी आपकी मदद कर सकती है। इससे आवाज़ में मिठास आता है।

* महिलाओं के लिए मुलेठी खाना बहुत अच्छा माना जाता है। रोज़ मुलेठी का थोड़ा-सा चूर्ण खाने से उनकी सुंदरता लम्बे समय तक बनी रहती है।

* हिचकी बंद नहीं होने पर हो तो थोड़े से शहद में मुलेठी मिलकर खाएं। थोड़ी देर में हिचकी बंद हो जाती है।

* मुलेठी पेट के घावों को सही कर देती है. पेट की बहुत सारी बीमारियों में मुलेठी काफी असरदार होती है।

* आंतों की टीबी में मुलेठी का चूर्ण खाना फायदेमंद होता है।

* मुलेठी का एक ग्राम चूर्ण नियमित सेवन करने से वे अपनी सुंदरता को लंबे समय तक बनाये रख सकती हैं।

* लगभग एक महीने तक , आधा चम्मच मुलेठी का चूर्ण सुबह शाम शहद कसाथ चाटने से मासिक सम्बन्धी सभी रोग दूर होते है।

Share it
Top