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फिटनेस का नया ट्रेंड है Aerial yoga, योगाभ्यास करते वक्त इन बातों का रखें ध्यान

वा में झूलते हुए योगाभ्यास करने का यानी एरियल योग (Aerial yoga) या एंटी ग्रेविटी योग का आनंद ही कुछ और है। योग (Yoga) के कई जानकार इसके भरपूर फायदेमंद होने की बात को स्वीकारते हैं। लेकिन हां, यह योग कभी बिना एक्सपर्ट यानी ट्रेनर की देख-रेख के ना करें।

फिटनेस का नया ट्रेंड हैं Aerial yoga, जानें इससे जुड़ी हर बात जो आप जानना चाहते हैं
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फिटनेस का नया ट्रेंड हैं Aerial yoga, जानें इससे जुड़ी हर बात जो आप जानना चाहते हैं

Health Benefits of Aerial yoga : हवा में झूलते हुए योगाभ्यास करने का यानी एरियल योग (Aerial yoga) या एंटी ग्रेविटी योग का आनंद ही कुछ और है। योग (Yoga) के कई जानकार इसके भरपूर फायदेमंद होने की बात को स्वीकारते हैं। लेकिन हां, यह योग कभी बिना एक्सपर्ट यानी ट्रेनर की देख-रेख के ना करें।

हो रहा पॉपुलर: एरियल योग, हवा में झूलते हुए किए जाते हैं। फिटनेस (Fitness) का यह ट्रेंड आजकल पूरी दुनिया में फैल रहा है। वैसे तो यह ट्रेंड हॉलीवुड और बाद में बॉलीवुड के सितारों के बीच शुरू हुआ था, क्योंकि वे कुछ अलग दिखना चाहते हैं, वो भी फोटोजनिक अंदाज में। लेकिन अब ये ना केवल सेलिब्रिटीज का पसंदीदा योग है बल्कि आम लोग भी इसे कर रहे हैं।

करने का तरीका: जैसा नाम से ही साफ है, एरियल योग या एंटी ग्रेविटी योग के जितने भी आसन है, वे सब हवा में झूलते हुए किए जाते हैं। इसके लिए सिल्क के कपड़ों का इस्तेमाल होता है। वास्तव में छत के मजबूत हुकों पर हमारा शरीर सिल्क के इन्हीं कपड़ों के झूलों पर टंगा होता है। आमतौर पर एरियल योग, जमीन से कम से कम दो से तीन फीट ऊपर लटके हुए किए जाते हैं। इन्हें करते हुए हम खुद को नहीं देख पाते कि हमारे मूवमेंट सही हैं या नहीं। हमारे शरीर की पोजीशन ऐसे आसनों को करते हुए बिल्कुल एक्यूरेट होनी चाहिए, इसलिए ट्रेनर का साथ रहना जरूरी है। एरियल योगासनों के लिए सिल्क की साड़ियां या चादरें अगर इस्तेमाल ना करें तो हाईडेंसिटी नाइलोन मैटीरियल का झूला भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इस झूले को अपनी लंबाई के अनुरूप एडजस्ट करके छत पर मौजूद हुकों में लटका दें। जहां पर योगासन करें, वहां अपने नीचे मैट्रेस रख लें कि अगर किसी वजह से झूले से गिर पड़े या योग खत्म करने के लिए सीधे जमीन पर पैर रखना पड़े तो नीचे मैट्रेस मौजूद होने की वजह से चोट लगने की आशंका ना हो। हवा में लटकने की अपनी क्षमता धीरे-धीरे बढ़ाएं। पहले दिन से ही बहुत ज्यादा हवा में देर तक ना लटकें वर्ना बदन में दर्द शुरू हो सकता है।

प्रमुख योगासन: एंटी ग्रेविटी योग में जिन आसनों को खासतौर पर तरजीह दी जाती है, उसमें सूर्य नमस्कार, नटराजासन, चक्रासन, हलासन, वृक्षासन और वज्रासन हैं। वैसे आप सभी तरह के आसनों को कर सकते हैं। खासकर जिनमें कमर से ऊपर के अंगों का ज्यादा इस्तेमाल होता है। इसीलिए ताड़ासन, गौमुखासन, शीर्षासन, धनुरासन, भुजंगासन आदि भी कर सकते हैं।

फायदे हैं बहुत: एरियल योगासनों के बहुत फायदे हैं। इससे पीठ दर्द में राहत मिलती है। इससे पेट के आस-पास के फैट को काबू में रखने में मदद मिलती है। पाचन में सुधार होता है और शरीर में रक्तसंचार को भी बेहतर करने में मदद करता है।

ये बरतें सावधानी

ये आसन तब तक सुरक्षित हैं, जब तक आप किसी एक्सपर्ट की देख-रेख में इन्हें करते हैं। वहीं आपको इन आसनों से होने वाली दुर्घटनाओं और लगने वाली चोटों से बचाने के ठोस उपाय बताते हैं। वास्तव में एंटी ग्रेविटी आसनों में सही पोज ही आपको सुरक्षित रखते हैं, अगर जरा-सा आपने पोज देने में गलती की तो आपको इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। एरियल योगासन को बिल्कुल खाली पेट ना करें। हल्का भोजन कर लें और ट्रेनिंग शुरू करने के पहले ढेर सारा पानी भी पी लें।

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