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आज की लाइफस्टाइल में सिरदर्द बना एक कॉमन प्रॉब्लम

दिन में कई बार सिर दर्द का होना खतरनाक

आज की लाइफस्टाइल में सिरदर्द बना एक कॉमन प्रॉब्लम
नई दिल्ली. सिर दर्द होना एक आम परेशानी है। आजकल जिस तरह का लाइफस्टाइल है, उससे इस समस्या का होना कॉमन होता जा रहा है। जिस तरह तनाव, मोटापा और अन्य समस्याएं बढ़ रही हैं, उसके चलते आजकल सिर दर्द की समस्या भी बढ़ रही है। यूं तो हेडेक यानी सिर दर्द को लोग किसी बीमारी के रूप में नहीं पहचानते हैं परंतु यह समस्या इतनी भी मामूली नहीं है कि इसे नजरअंदाज कर दिया जाए।
सिर दर्द के कारण
आमतौर पर सिरदर्द नींद पूरी न होने, दांतों में दर्द होने, थकान होने, गलत दवाई लेने, आंखें कमजोर होने पर हो सकता है। इसके अलावा चिंता, तनाव, अनियमित जीवनशैली, खान-पान में डिस्टर्बेंस भी सिर दर्द होने के आम कारण हैं। साथ ही सिर दर्द होने का कारण बदलता मौसम भी होता है। कई लोगों में मौसम के बदलने पर सिर दर्द होने की समस्या होने लगती है।
सीजनल हेडेक
मौसम बदलने से आपको वसंत क्लस्टर सिरदर्द, गर्मियों का माइग्रेन या एलर्जी के कारण सिर दर्द हो सकता है। मौसम का बदलना लोगों को प्रभावित करता है। जैसे कुछ लोगों को बारिश के मौसम में सर्दी, जुकाम हो जाता है, उसी प्रकार कई लोगों को मौसम बदलने पर सिर में दर्द की शिकायत होने लगती है, जिसको क्लस्टर हेडेक भी कहा जाता है। हालांकि मौसम के बदलने पर होने वाला सिर दर्द एक सामान्य सिर दर्द है परंतु कई बार जिन लोगों को माइग्रेन की शिकायत होती है, उनके लिए सिर का दर्द मौसम के बदलने पर काफी खतरनाक होता है। सीजनल हेडेक के प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं-
-आंख के पीछे या आस-पास दर्द होना।
-दिन में कई बार सिर दर्द का होना।
-महीनों या हफ्तों तक सिर में दर्द रहना, जिसको क्लस्टर पीरियड भी कहते हैं।
-हर साल मौसम बदलते ही एक ही समय पर सिर में दर्द होना।
सिरदर्द के प्रकार
सिर दर्द एक प्रकार का नहीं होता, इसके अनेक प्रकार हैं।
तनाव से सिर दर्द : सिरदर्द तनाव का मुख्य लक्षण है। जब भी व्यक्ति तनाव में होता है, तब उसको सिर दर्द होने लगता है। दरअसल, चेहरे की मांस-पेशियों में स्ट्रेस होने पर सिर दर्द होता है।
माइग्रेन: यह सिरदर्द ज्यादातर गर्मी के मौसम में बढ़ जाता है। इसकी शुरुआत सिर के एक हिस्से में दर्द से होती है। यह दर्द धीरे-धीरे गर्दन और सिर तक फैल जाता है। यह चार घंटे से अधिक समय के लिए रहता है। आहार की गड़बड़ी माइग्रेन का कारण हो सकती है।
साइनस से सिर दर्द: साइनस से सिरदर्द तब होता है, जब आपके साइनस में संक्रमण हो जाता है और उसमें जलन होने लगती है। साइनस में सिरदर्द तेज और कई बार लगातार होता रहता है। यह अधिकतर सुबह शुरू होता है। साइनस के कारण सिरदर्द में आंखों में, गाल में और सिर के अगले हिस्से में दबाव और दर्द होता है और साथ ही इसमें नीचे झुकने पर दर्द बहुत तेज होता है। इसमें ऊपरी दांत में दर्द, बुखार, ठंड लगना, चेहरे पर सूजन आदि की समस्या भी हो सकती है।
बचने के उपाय
-अधिक समय तक अपने आप को भूखा न रखें।
-हर रोज सुबह समय पर पौष्टिक नाश्ता करें।
-आंखों पर अधिक दबाव डालने वाले कार्य न करें जैसे लगातार पढ़ना, अधिक टीवी देखना, वीडियो गेम्स खेलना, कंप्यूटर पर लगातार काम करना आदि।
-चाय, कॉफी का प्रयोग भी कम से कम करें।
-भोजन में मिर्च-मसाले कम खाएं। आवश्यकता से अधिक भोजन भी न करें।
-गरिष्ठ भोजन और फास्ट फूड से बचें।
-शराब, सिगरेट, पान मसाला आदि का सेवन बंद कर दें। कोई भी नशे की चीज न लें।
-अधिक चॉकलेट, च्यूंगम आदि न खाएं।
-फल और हरी सब्जियों का अधिक सेवन करें।
-सीधी धूप और अधिक ठंड से अपने आप को बचा कर रखें।
-मन को शांत करने के लिए व्यायाम और ध्यान करें।
-क्रोध को खुद पर हावी न होने दें। तनाव से दूर रहने का प्रयास करें। रोज नींद पूरी करें।
(लेखक दिल्ली स्थित श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टिट्यूट के सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट हैं)
युवाओं में बढ़ती समस्या
सिर दर्द की समस्या हर उम्र के लोगों को होती है। लेकिन आज कल युवा इस परेशानी से ज्यादा ग्रस्त हो रहे हैं। इसका कारण डिस्टर्ब डेली रुटीन है, इसके साथ ही लगातार स्मार्टफोन, गेमिंग, इंटरनेट के संपर्क में रहने से भी यह हो सकता है। अधिकांश युवा हर समय फोन का यूज करते हैं, जिससे आंखों पर ज्यादा प्रभाव पड़ता है और यही कारण है कि उनकी दिमाग की मांस-पेशियां तनाव में आती हैं, जिससे उन्हें सिरदर्द का सामना करना पड़ता है। एक सर्वेक्षण के अनुसार हमारा मस्तिष्क फोन से निकलने वाली रेडिएशन को 40 % तक सोखता है, जो व्यक्ति के मस्तिष्क के लिए बेहद खतरनाक होती है।
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