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टूथपेस्ट कैसे बनता है, कहीं आपके पेस्ट में हड्डियां तो नहीं

टूथपेस्ट में केमिकल में मिलाया जाता है, क्योंकि इसे डाले बिना किसी टूथपेस्ट में झाग नहीं बन सकता।

टूथपेस्ट कैसे बनता है, कहीं आपके पेस्ट में हड्डियां तो नहीं
नई दिल्ली. किसी भी टूथपेस्ट के नाम से ही लगता है कि इसके इस्तेमाल से हमारे दांतों से स्मैल हमेशा के लिए दूर हो जाएगी और दांत एकदम मजबूत हो जाएंगे। लेकिन असल में ऐसा कुछ होता नहीं है। चाहे कोई भी टूथपेस्ट इस्तेमाल किया जाए बात तो वहीं रहती है। बहुत से टूथपेस्ट ऐसे हैं जो सालों से बिक रहे हैं, जिन्हें कई नामी कंपनियां बेचती हैं, और आम आदमी भी इसे आंख बंद कर खरीद लेता है। लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे है इसेक बनने के पीछे की पूरी सच्चाई। जिसके इस्तेमाल के बाद आप ये सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि, क्या वाकई में आपका टूथपेस्ट स्वच्छ है, कहीं उसमे हड्डियों की मिश्रण तो नहीं?
टूथपेस्ट बनता कैसे हैं, आपको मालूम है? किसी को नहीं मालूम, क्योंकि टूथपेस्ट बनाने वाली कंपनी कभी बताती नहीं है कि उसने इस पेस्ट को बनाया कैसे? सबसे पहली और अहम बात यह है कि, ये (टूथपेस्ट) किसी खाद्य पदार्थ से नहीं बल्कि, जानवरों के हड्डियों के चूरे से बनता है। जानवरों के हड्डियों के चूरे के साथ-साथ इसमें एक और खतरनाक चीज मिलाई जाती है, वो है फ्लोराइड। फ्लोराइड नाम उस जहर का है जो शरीर में फ्लोरोसिस नाम की बीमारी करता है और भारत के पानी में पहले से ही ज्यादा फ्लोराइड है। तीसरी एक और खतरनाक चीज होती है उसमे, ये है सोडियम लायरयल सलफेट।
क्या आपने कभी गौर किया है कि, पेस्ट करते समय ज्यादा झाग क्यूं बनता है। तो इसके पीछे का सबसे बड़ा सच है इसकी क्वालिटी ? " रसायन शास्त्र में एक रसायन होता है "सोडियम लॉरिल सल्फेट" और रसायन शास्त्र के शब्दकोष में जब आप देखेंगे तो इस "सोडियम लॉरिल सल्फेट" के नाम के आगे लिखा होता है "जहर"। और .05mg मात्रा शरीर में चली जाए तो कैंसर कर देता है और यही केमिकल टूथपेस्ट में मिलाया जाता है, क्योंकि "सोडियम लॉरिल सल्फेट" डाले बिना किसी टूथपेस्ट में झाग नहीं बन सकता।
टूथपेस्ट और सेविंग क्रीम दोनों में ये "सोडियम लॉरिल सल्फेट" डाला जाता है, बस थोडा प्रोसेस में अंतर होता है। ये झाग इसी केमिकल से बनता है तकनीकी भाषा में जिसे सिंथेटिक डिटर्जेंट कहा जाता है वही इन पेस्टों में मिलाया जाता है।यही सिंथेटिक डिटर्जेंट "सोडियम लॉरिल सल्फेट" कपडा धोने वाले वाशिंग पावडर और डिटर्जेंट केक में, शैम्पू में और दाढ़ी बनाने वाले शेविंग क्रीम में भी मिलाया जाता है। दुनिया का सबसे रद्दी पेस्ट हम इस्तेमाल कर रहे हैं।
बाजार में बिक रहे इस तरह के टूथपेस्ट के जहर से बचने के लिए यदि आप चाहे तो कुछ आसान उपाय भी कर सकते हैं।
1. जितना हो सके नीम के पेड़ की दीतुन ही इस्तेमाल करें
2. दंत मंजन भी इस दिशा में एक अच्छा उपचार है।
स्वयं बनाएं दन्त मंजन
आपके स्थान पर उपलब्ध खाने का तेल (सरसों का तेल, नारियल का तेल, या जो भी तेल आप खाने में इस्तेमाल करते हों, रिफाइन छोड़ कर), उपलब्ध लवण मतलब नमक और हल्दी मिलाकर आप मंजन बनाये और उसका प्रयोग करे। दातुन जब भारत के सबसे बड़े शहर मुंबई में मिल जाता है तो भारत का ऐसा कोई भी शहर नहीं होगा जहाँ ये नहीं मिले।
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