Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

Happy Daughters' Day 2021 : बहुत ही खास होती हैं बेटियां, आपको भी जरूर सीखनी चाहिए उनसे ये तीन बातें

बेटियां अपनों की तकलीफों को दूर करने के लिए और उनकी खुशी के लिए हर मुमकिन कोशिश करती हैं। बेटियां परिवार में ही नहीं, समाज में भी कोई विपदा आने पर भी अपनी भूमिका निभाती हैं। अब तो अंतरराष्ट्रीय जगत में देश का गौरव बन रही हैं। साबित कर रही हैं कि वे किसी से कम नहीं हैं।

Happy Daughters Day 2021 : बहुत ही खास होती हैं बेटियां, आपको भी जरूर सीखनी चाहिए उनसे ये तीन बातें
X

Happy Daughters' Day 2021 : बहुत ही खास होती हैं बेटियां, आपको भी जरूर सीखनी चाहिए उनसे ये तीन बातें 

Happy Daughters' Day 2021 : हर साल सितंबर के चौथे रविवार को अंतर्राष्ट्रीय बेटी दिवस (Happy Daughters' Day 2021) मनाया जाता है। इस साल 26 सितंबर को हैप्पी डॉटर्स डे 2021 मनाया जा रहा है। बेटियों का प्यार, भरोसा माता-पिता और भाई की एक ताकत बनता है। ऐसे में किसी भी संकट को दूर होते देर नहीं लगती। साथ ही अपनी उपलब्धियों से भी बेटियां, अपनों के जीवन को खुशियों से भर देती हैं। बेटी दिवस (Daughters' Day 2021) उनकी इसी भूमिका, उनकी उपलब्धियों को याद करने का दिन है। लेकिन सिर्फ इसी दिन ही नहीं, हर दिन हमें बेटियों की अहमियत को स्वीकारना चाहिए, क्योंकि उनसे ही हमारा घर-आंगन रोशन है, आबाद है। आज हम आपको कुछ ऐसी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपको अपनी बेटियों से सीखनी चाहिए।

1- मुश्किल में कभी नहीं छोड़ती साथ

बेटियों से अपनों को कभी दुखी नहीं देख सकती हैं। वह हर संभव प्रयास करती हैं कि अपनों के साथ खड़ी होकर उनकी तकलीफों को दूर करें। कोरोना के संकटकाल में बेटियों ने अपनों की परेशानियों को कम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। ऐसे कई उदाहरण हम अपने आस-पास देख सकते हैं, जब बेटियों ने अपने परिवार की समस्याओं का समाधान किया। कोरोना संक्रमण की शुरुआत में एक बेटी अपने बीमार पिता को साइकिल पर गुरुग्राम से बिहार तक लेकर आई। इस बेटी के हौसले ने सबको हैरान कर दिया था। ऐसा नहीं है कि बेटियां सिर्फ अपने परिवार के सदस्यों को लेकर ही संवेदनशील होती हैं, वे जहां भी किसी को दुखी-परेशान देखती हैं, मदद के लिए हाथ थामती हैं। वे पूरे समाज को अपना परिवार मानती हैं,अपनी सामर्थ्य अनुसार मदद के लिए आगे आती हैं।

2- दे रहीं गर्व करने का अवसर

आज बदलते समय के साथ बेटियां परिवार, समाज को गर्व करने का अवसर भी दे रही हैं। बोर्ड एग्जाम से लेकर यूपीएससी की परीक्षाओं में टॉप करने की बात हो या खेल के मैदान में दमखम दिखाना हो, सब जगह उन्होंने अपनी क्षमता का परिचय दिया है। हाल ही में हुए टोक्यो ओलंपिक और पैरालंपिक में भारत की बेटियों ने देश का नाम रोशन किया। तमाम अभावों और संघर्ष को पार करके वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू ने सिल्वर मेडल जीता।

3- निभाती हैं परंपराएं- करती हैं रिश्ते मजबूत

हमारे समाज, परिवार में परंपराओं के निर्वहन से लेकर संबंधों को मजबूत बनाने में सबसे अहम भूमिका महिलाओं की होती है। माताएं अपनी बेटियों को रीति-रिवाजों, तीज-त्योहारों से जुड़ी परंपराओं का महत्व समझाती रहती हैं। बेटियां भी इस बात का महत्व समझते हुए, अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाती हैं। इसी तरह मायके से ससुराल जाने के बाद भी, दोनों घरों के बीच संबंधों की कड़ी को बेटियां ही मजबूत करती हैं और दोनों परिवारों को जोड़कर रखती हैं। ससुराल में भी वे अपने रिश्तों को हमेशा सहेजती हैं, परिवार की खुशहाली के लिए क्या-क्या नहीं करतीं। बेटियों के इन प्रयासों की वजह से ही परिवार और समाज जैसी संस्थाएं टिकी हुई हैं।

Next Story