Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

Sunday Special Recipe: एक रसगुल्ले के कई नाम, जानें कहां से आई ये मिठाई और इसे बनाने का आसान तरीका

आपने भी अक्सर लोगों को कहते हुए सुना होगा कि मिठाई कड़वाहट को दूर करती है। वहीं बंगाल और ओडिशा के बीच इसपर जंग भी छिड़ चुकी है। जिसमें जीत बंगाल की हुई थी। रसगुल्ला कोलकाता की फेमस मिाठाई है। इसका नाम सुनकर लोगों के मुंह में पानी आ जाता है। इसे मिठाइयों का राजा भी कहा जाता है। वहीं बंगाली लोग इसे रोशोगुल्ला कहते हैं।

Sunday Special: एक रसगुल्ले के कई नाम, जानें कहां से आई ये मिठाई और इसे बनाने का आसान तरीका
X

Sunday Special: एक रसगुल्ले के कई नाम, जानें कहां से आई ये मिठाई और इसे बनाने का आसान तरीका (फाइल फोटो)

आपने भी अक्सर लोगों को कहते हुए सुना होगा कि मिठाई कड़वाहट को दूर करती है। वहीं बंगाल और ओडिशा के बीच इसपर जंग भी छिड़ चुकी है। जिसमें जीत बंगाल की हुई थी। रसगुल्ला कोलकाता की फेमस मिाठाई है। इसका नाम सुनकर लोगों के मुंह में पानी आ जाता है। इसे मिठाइयों का राजा भी कहा जाता है। वहीं बंगाली लोग इसे रोशोगुल्ला कहते हैं।

रसगुल्ले का इतिहास

1858 ई में कोलकाता में सुतापुट्टी के पास एक हलवाई की दुकान थी। जहां नवीनचंद्र के नाम का एक लड़का काम करता था। वहीं वेतन न बढ़ने के कारण उसने वहां से नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद उसने कोलकाता के एक सुनसान इलाके में अपनी दुकान खोल ली। सुनसान इलाका होने के कारण वहां उसकी बिक्री ज्यादा नहीं होती है। वहीं दुकान में अक्सर छेना बच जाता था। फिर नवीनचंद्र बचे हुए छेने गोले बनाकर चाश्नी में पका लेता था। इसके बाद भी उसकी यह मिठाई बिकती नहीं थी तो वे इसे मुफ्त में अपने दोस्तों को खिला देता था। नवीनचंद्र को मिठाई न बिकने का बहुत ही अफसोस होता था।

साल 1866 ई की बात है जह उसकी दुकान के सामने एक सेठ बग्घी आकर रुकी। सेठ का नौकर पर आया और बोला कि उसे छोटे बच्चों के लिए कोई नर्म सी मिठाई चाहिए। ऐसे में नवीनचंद्र ने उस आदमी को वहीं अपनी मिठाई देदी। वहीं बच्चों को यह मिठाई बहुत पसंद आई और सभी बच्चों मे बहुत ही खुश होकर खाई।

जिसके बाद बच्चों ने फिर से वही मिठाई मंगवाई और सेठ ने भी इस मिठाई का नाम जाने की इच्छा जाहिर की। जिसके बाद नवीनचंद्र ने इस मिठाई का नाम रस- गोला बताया। सेठ रसगोले के पहले ग्राहक थे और वे भारत के बहुत बड़े व्यापारी थे। उनका नाम भगवान दास बागला था। इसके बाद से रस गोले की बिक्री बहुत ज्यादा होने लगी। लोगों को यह मिठाई बहुत ही पसंद आने लगी। इसी के बाद जाकर इस मिठाई का नाम रस गोले से रसगुल्ला पड़ गया।

ऐसे बनाएं रसगुल्ला

सामग्री

दूध - 1 लीटर

नींबू का रस - 2 बड़े चम्मच

चीनी - 250 ग्राम

पानी - 1 लीटर

कॉर्नफ्लोर - 1 चम्मच

केवड़ा जल - 1 चम्मच

विधि

- इसे बनाने के लिए आप सबसे पहले कड़ाही में दूध डालकर मीडियम आंच पर रखे और कड़ाही को ढक दें।

- फिर जब इसमें उबाल आ जाए मलाई जम जाए तो इसे आंच से उतार लें और 1-2 मिनट तक दूध को चलाते हुए ठंडा कर लें।

- ऐसा करने से छेना सॉफ्ट बनेगा।

- जब हल्का ठंडा हो जाए तो इसमें नींबू का रस डालकर थोड़ा-सा चलाकर छोड़ दें, लेकिन ध्यान रखें नींबू का रस डालने के बाद दूध ज्यादा देर तक फेंटना या कड़छी से हिलाना नहीं है। छेना फाड़ने के लिए ज्यादा नींबू का रस भी नहीं डालना चाहिए नहीं तो छेना टाईट बनता है।

- जब दूध फट जाए और चमकदार थक्के न बन जाए तब तक इसे हिलाएं नहीं।

- जब दूध के थक्के बढ़िया बन जाए तो इसे कड़छी से चलाकर बढ़िया छेना बना लें और छन्नी के ऊपर कपड़ा रखकर इसमें छेना डालकर छान लें।

- इसे छेने की पोटली ठंडे पानी में धो लें । ऐसा करने से छेना सॉफ्ट बनेगा और नींबू की खटास निकल जाएगी।

- पानी से निकालने के बाद छेने की पोटली को दबा-दबाकर इसका पानी निकालें और फिर पोटली को 30 मिनट के लिए लटका कर रख दें ताकि इसका सारा पानी निथर जाए।

- बीच-बीच में इसका पानी निचोड़ते जाएं।

- इसके बाद एक कड़ाही या बर्तन में चीनी और पानी डालकर धीमी आंच पर रखें।

- अब छेने को प्लेट पर रखें और 5-6 मिनट तक अच्छी तरह मसलते हुए छेने को गूंदें।

- छेना मसलते-मसलते इसमें चिकनाहट आ जाएगी. इस स्टेप पर आप इसमें एक छोटा चम्मच कॉर्न फ्लोर मिक्स करें।

- फिर छेने को 2-3 मिनट तक अच्छी तरह मसलें। तैयार छेने से 10 बराबर लोइयां तोड़ लें।

- फिर चाशनी की आंच तेज कर दें ताकि इसमें अच्छी तरह उबाल आ जाए।

- उबालने आने के बाद इसमें एक-एक करके छेने की बॉल्स डाल दें।

- सारे रसगुल्ले डालने के बाद कड़ाही को ढककर 15 मिनट के लिए तेज आंच पर रसगुल्लों को उबाल लें।

- फिर15 मिनट बाद चाशनी में एक चम्मच केवड़ा जल डाल लें।

- गैस बंद करने के बाद 20 मिनट के लिए कड़ाही को ढककर रख दें।

आपके सॉफ्ट सॉफ्ट रसगुल्ले बनकर तैयार है। इसे लोगों को सर्व करके खिलाएं।

Next Story