Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

ये फूड्स खाएं जरा संभल कर

हम रोजाना कई तरह के खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। लेकिन इनमें कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे भी होते हैं, जिनमें मौजूद विषैले तत्व फायदे के बजाय नुकसान पहुंचा सकते हैं।

ये फूड्स खाएं जरा संभल कर
X

अच्छे स्वास्थ्य के लिए आप रोजाना कई तरह के फल और पौष्टिक पदार्थ खाते हैं। लेकिन इनमें से कुछ का सेवन बहुत सावधानी से करना चाहिए, वर्ना ये आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं।

चेरी: चेरी के बीच छोटी-सी सख्त गुठली होती है। चेरी की यह गुठली खाने लायक नहीं होती क्योंकि इसमें जहरीला प्रूसिक एसिड या हाइड्रोजन साइनाइड पाया जाता है, जो हेल्थ के लिए नुकसानदायक होती है। लेकिन गलती से चेरी की गुठली निगल जाए तो वह डाइजेस्टिव सिस्टम में होती हुई बाहर निकल जाती है, बशर्ते कि उसे चबाया न जाए।

सेब के बीज: सेब के बीजों में भी जहरीला एसिड पाया जाता है। हालांकि इन बीजों पर छिलका होता है, जो साइनाइड एसिड के खतरे से बचाता है। बेहतर है कि सेब खाते समय इन्हें निकाल दें क्योंकि इनके सेवन से व्यक्ति को घबराहट, चक्कर आना, सांस तेज-तेज चलने, स्ट्रोक भी हो सकता है।

जायफल: मसाले के रूप में प्रयोग किया जाने वाला जायफल व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने के लिए उपयोग में लाया जाता है। लेकिन ज्यादा मात्रा में खाने से यह हमारे शरीर के लिए नुकसानदेह है। जायफल में मौजूद मिरिस्टिसिन ऑयल से मतिभ्रम, उनींदापन, चक्कर आने, मतिभ्रम, दौरों का कारण बन सकता है।

आलू: कई आलू हरे रंग के मिलते हैं, जिन्हें खाना सेहत के लिए नुकसानदायक है। आलू में हरा रंग ग्लाइकोलाइड (सोलनिन और चकोइन) नामक विषैले पदार्थ से आता है, जो उसके अंकुरित होते कोंपल, पत्तों और तने में भी मिलता है। आकार में बड़े होने पर या धूप या प्रकाश के संपर्क में आने पर इनमें मौजूद ग्लाइकोलकालॉइड खत्म हो जाता है। लेकिन ऐसे आलू ज्यादा खाने से शरीर में ऐंठन, घबराहट, उल्टियां, डायरिया, कंफ्यूजन, सिरदर्द हो सकता है।

मशरूम: मशरूम व्यंजन खाने में स्वादिष्ट होने के बावजूद हानिकारक भी होते हैं। खासकर डेथ कैप और डेस्ट्राइंग एंजल नाम के जंगली मशरूम खाना सेहत के लिए नुकसानदेह है। इनमें अल्फा-एमनिटिन टॉक्सिक कंपाउंड मिलता है। इन्हें खाने से पेट में दर्द, डिहाइड्रेशन, डायरिया, उल्टियां आना जैसे गेस्ट्रोइंटेस्टाइनल प्रॉब्लम्स हो सकती है। किडनी और लिवर फैल्योर होने के साथ-साथ सेंट्रल नर्वस सिस्टम प्रभावित हो सकता है। प्रभावित व्यक्ति कोमा में जा सकता है और मृत्यु भी हो सकती है।

आम: आम के छिलके, पत्तियों और छाल में यूरुशीओल ऑयल मिलता है, जो पॉयजन आइवी टॉक्सिन है। अगर किसी को पॉयजन आइवी से एलर्जी है, तो आम खाने से उन्हें स्किन में सूजन, रेशैज, खुजली हो सकती है। ऐसे व्यक्ति को सांस लेने में भी मुश्किल आ सकती है।

लीची: लीची के बीजों में हाइपोग्लाइसीन ए और मेथिलीन साइक्लो-प्रोपाइलग्लिसिन टॉक्सिन मिलते हैं। इनके सेवन से कुपोषित बच्चों में अपच, गंभीर हाइपोग्लाइसीमिया, मेटाबॉलिज्म विकार, बुखार और मस्तिष्क की शिथिलता हो सकती है।

काजू: बाजार में मिलने वाले काजू कच्चे नहीं, प्रोसेस्ड फूड होते हैं। यानी पहले उन्हें शैल से निकाल कर स्टीम किया जाता है, तभी वो खाने लायक बनते हैं। इनके शैल में यूरुशीओल ऑयल टॉक्सिन मिलता है, जो कई प्रकार की एलर्जी का कारण होता है और हमारे लिए घातक भी हो सकता है।

बादाम: बादाम चाहे मीठे हों या कड़वे, इनमें एमिग्डालिन नामक टॉक्सिन पाया जाता है। यह एक तरह का केमिकल कंपाउंड है, जो हाइड्रोजन साइनाइड एसिड में बदल जाता है और सेहत को नुकसान पहुंचाता है। हालांकि मीठे बादाम में यह टॉक्सिन न के बराबर होता है। लेकिन प्रोसेस्ड नहीं किए गए कड़वे बादामों में यह काफी मात्रा में मिलता है और इन्हें खाने से पेट में क्रैंप्स, घबराहट, उल्टी-दस्त या डायरिया हो सकता है।

राजमा: बींस परिवार में राजमा जहां सबकी पसंद होते हैं, वहीं इनमें लेक्टिन टॉक्सिन पदार्थ काफी मात्रा में पाया जाता है। इसलिए इन्हें कच्चा या अधपका खाना सेहत के लिए हार्मफुल होता है। लेक्टिन टॉक्सिन से व्यक्ति को तेज पेट दर्द, घबराहट, उल्टियां-दस्त या डायरिया का सामना करना पड़ सकता है।

कच्ची शहद: कच्चा शहद पेश्चुराइजेशन प्रोसेस से नही गुजरता, इसलिए उसमें ग्रेनोटॉक्सिन मिलता है। जिससे व्यक्ति केा चक्कर आना, कमजोरी, अत्यधिक पसीना, मतली-उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

Next Story