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जानिए क्या है कलर करेक्टर, इसके फायदे और लगाने का सही का तरीका

Makeup Tips : राइट मेकअप प्रोडक्ट, स्टेप्स को फॉलो करने के बाद भी कई बार मनचाहा लुक नहीं मिल पाता है। इस सिचुएशन में कलर करेक्टर बेस्ट ऑप्शन है। इससे स्किन टोंड हो जाती है, साथ ही स्किन प्रॉब्लम भी हाइड हो जाती हैं। जानिए, कलर करेक्टर के फायदे और अप्लाई करने का तरीका।

जानिए क्या है कलर करेक्टर,  इसके फायदे और लगाने का सही का तरीका

Makeup Tips : कई महिलाओं के चेहरे पर रेडनेस, डार्कनेस, डलनेस या हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्याएं होती रहती हैं। इन प्रॉब्लम को छिपाने के लिए वे फाउंडेशन, कंसीलर का यूज करती हैं। लेकिन इसके बावजूद ये प्रॉब्लम्स नहीं छिपती और मेकअप करने के बाद लुक भी अच्छा नजर नहीं आता है। ऐसे में कलर करेक्टर को ट्राई किया जा सकता है।

क्या है कलर करेक्टर

कलर करेक्टर स्किन को सेम टोन बनाने में मदद करता है। साथ ही स्किन की प्रॉब्लम को हाइड भी करता है। इसके इस्तेमाल के बाद आपको हैवी फाउंडेशन लगाने की भी जरूरत नहीं पड़ती। अगर आपको अपनी स्किन में रेडनेस, सूजन या डार्कनेस नजर आती है तो कलर करेक्टर का इस्तेमाल जरूर करें। इस तरह आपको पार्टी, फंक्शन में जाने से पहले मनचाहा मेकअप लुक मिलेगा और स्किन प्रॉब्लम भी नजर नहीं आएंगी।

स्किन प्रॉब्लम के अकॉर्डिंग

कलर करेक्टर का इस्तेमाल करते समय सबसे पहले उसके कलर्स को समझना बेहद जरूरी है। कलर करेक्टर के अलग-अलग कलर स्किन की अलग-अलग प्रॉब्लम्स को हाइड करते हैं। मसलन, अगर आप मुंहासों, सनबर्न या स्कार्स के कारण होने वाली रेडनेस को छिपाना चाहती हैं तो इसके लिए ग्रीन कलर के कलर करेक्टर का यूज करें। इसी तरह, अंडरआई डार्क सर्कल्स को छिपाने के लिए यलो कलर का कलर करेक्टर इस्तेमाल करना अच्छा रहता है।

वहीं व्हाइट कलर के कलर करेक्टर को चेहरे के अलग-अलग एरिया हाईलाइट करने के लिए यूज किया जा सकता है। पर्पल कलर करेक्टर स्किन डलनेस को कम करता है। पीच और पिंक कलर के कलर करेक्टर डार्क सर्कल्स को छिपाने के साथ-साथ स्किन की डलनेस को दूर करते हैं।

ऐसे करें इस्तेमाल

जब आप अपने लिए सही कलर करेक्टर का सेलेक्शन कर लें तो कलर करेक्टर का यूज स्किन पर सबसे पहले करें। इसके बाद मेकअप स्पॉन्ज की मदद से फाउंडेशन और फिर कंसीलर का यूज करें।

कलर करेक्टर का इस्तेमाल करते हुए इस बात का ध्यान रखें कि इसे पूरे चेहरे पर नहीं लगाना है, चेहरे के जिस हिस्से में रेडनेस, डलनेस या हाइपरपिग्मेंटेशन हो, वहीं पर इसका यूज करें। साथ ही इसे बहुत ज्यादा अप्लाई न करें, ऐसा करने पर चेहरा अपीलिंग नहीं दिखेगा।

लेखिका - मिताली जैन

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