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सावधान! बदल रहा है मौसम, ऐसे रखें आंखों का ख़्याल- इन्फेक्शन का बढ़ रहा है खतरा

आंखें हमारे शरीर का सबसे अहम अंग होता है, इसलिए ही नहीं क्योंकि इससे हम सिर्फ दुनिया को देख पाते हैं, बल्कि आंखों के जरिए ही हम कई बार बिना कुछ वोले ही कई सारी बातें भी कर पाते हैं। इसके साथ ही आंखों को पढ़ने वाले लोग आंखों के जरिए किसी के व्यक्तित्व को भी आसानी से जान लेते हैं।

सावधान! बदल रहा है मौसम, ऐसे रखें आंखों का ख़्याल- इन्फेक्शन का बढ़ रहा है खतरा

आंखें हमारे शरीर का सबसे अहम अंग होता है, इसलिए ही नहीं क्योंकि इससे हम सिर्फ दुनिया को देख पाते हैं, बल्कि आंखों के जरिए ही हम कई बार बिना कुछ वोले ही कई सारी बातें भी कर पाते हैं। इसके साथ ही आंखों को पढ़ने वाले लोग आंखों के जरिए किसी के व्यक्तित्व को भी आसानी से जान लेते हैं।

इसके साथ ही आंखे हमारी हेल्थ से जुड़े कई राज भी खोलती हैं। आपने अक्सर डॉक्टर्स को आपकी हेल्थ चेक करने से पहले आपकी आंखों को चेक करते देखा होगा, लेकिन मौसम बदलने के साथ ही आंखों की बीमारियां भी धीरे-धीरे अपने पैर फैलाने लगती हैं।

ऐसे में आज हम आपको आंखों की बीमारियों के लक्षण और उपचार के बारे में बता रहे हैं।

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आंखों की बीमारियां :

1. आंख आना या आंखों का लाल होना

2. आंखों की रोशनी कम होना

3. आंखों के पानी का सूख जाना

4. आंखों पर सूजन

5. मोतियाबिंद

आंखों की बीमारियां के लक्षण :

1. आंख आना - आँख आ जाने पर आंख का सफेद भाग लाल हो जाता है,आंखों से पानी या कीचड़ का निकलना,आंख में दर्द होना या आंख में खुजली होना। इसके अलावा आंख में कूड़ा जाने का बार-बार एहसास होना।

2. आंखो की रोशनी कम होना - आंखों की रोशनी का कम होना आज के वक्त में एक कॉमन बीमारी बन गई है। इस बीमारी में लोगों को दूर या पास की चीजें देखने में परेशानी होती है।

3. आंखों के पानी का सूख जाना - इस बीमारी में आंखों में बार-बार खुजली महसूस होती हैं साथ ही चीजें भी धुंधली दिखाई देती हैं।

4. आंखों पर सूजन आना - आंखों पर सूजन आने की बीमारी में आंख के ऊपर के हिस्से में सूजन आ जाती है। जिसमें कई बार बेहद में दर्द भी होता है।

5. मोतियाबिंद - आंख की ये बीमारी अक्सर 50 साल से ज्यादा के लोगों में होती है। इससे पीड़ित व्यक्ति को धुंधला दिखाई देता है साथ ही आंख के रेटिना यानि पुतला पर एक जालानुमा चीज दिखाई देती है।

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आंखों की बीमारियां के कारण :

1. आंख आना - आँखों में धूप, ठंडी हवा,धुआं, तेज रोशनी के आंख पर पड़ने से आंख आ जाती है। ये अक्सर मौसम बदलने के वक्त लोगों में ज्यादा देखी जाती है।

2. आंखो की रोशनी कम होना - ये बीमारी अनियमित लाइफस्टाइल, असंतुलित आहार और लंबे समय तक कंप्यूटर्स पर काम करने की वजह से लोगों को इस बीमारी का सामना करना पड़ता है।

3. आंखों के पानी का सूख जाना - डेस्कटॉप और कंप्यूटर पर लंबे वक्त तक काम करने के दौरान पलकों के कम झपकने से धीरे-धीरे आंख का पानी सूखने लगता है।

4. आंखों पर सूजन आना - अक्सर आंखों पर चोट लगने या किसी जहरीले कीड़े के काटने से आंखों पर सूजन आ जाती है। आंखों पर सूजन आने पर आंखें कई बार लाल भी हो जाती है।

आंखों की बीमारियां के उपचार :

1. आंख आना - पानी में जरा-सा बोरिक पाउडर मिलाकर दो बार धोएं या त्रिफला के काढ़े से आँखों को साफ़ करें। नीम के पत्तों का उपरी भाग सिर पर इस तरह बांधे जिससे आई हुई आँख ढक जाए। उन्हीं पत्तों के अन्दर से देंखे। बीच-बीच में ठंडें पानी से पत्तों को गीला करते रहें।इससे दर्द में आराम मिलेगा।

बबूल के कच्चे पत्तों को पीसकर टिकिया बना लें । रात को सोते समय टिकिया बांध कर सो जाएं। इससे आँखों में ठंडक पहुंचेगी।

2. आंखो की रोशनी कम होना - ताजा आंवला का रस, निम्बू का रस भी नेत्र ज्योति बढ़ाने में सहायक सिद्ध होता है। हरड,बहेड़ा, आंवला, मुलैठी, लोहभस्म आदि को एक समान मात्रा में मिलाकर सुखा कर पीस कर लें और रोजाना पानी के साथ सेवन करें।

3. आंखों के पानी का सूख जाना - सीमित मात्रा में डेस्कटॉप और कंप्यूटर का इस्तेमाल करना। आंखों पर चश्मा पहनकर ही कंप्यूटर पर काम करें। आंखों को बार-बार झपकाना चाहिए।

4. आंखों पर सूजन आना - केलोमल या आई स्पेशलिस्ट से कास्टिक लगवाना या शंख को शहद के साथ घिसकर लगाना ।

5. मोतियाबिंद - मोतियाबिंद होने पर धीरे-धीरे अंधापन हो जाता हैं। इसमें कोई दवा न डालें, पकने पर डॉक्टर से निकलवा दें। जो व्यक्ति जीवन पर्यंत दृष्टि चाहता हैं वह प्रतिदिन ताजा नींबू ½ जल के साथ लें।

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