Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

एक्सपर्ट व्यू: अगर आपको भी नहीं आती रातभर नींद तो करें ये काम

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना रात में 6 से 8 घंटे सोना जरूरी है। अगर ऐसा अक्सर नहीं होता है तो आप अनिद्रा के रोगी हैं। ऐसे में नींद की गोलियां खाना आपको नुकसान ज्यादा पहुंचा सकती हैं।

एक्सपर्ट व्यू: अगर आपको भी नहीं आती रातभर नींद तो करें ये काम

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना रात में 6 से 8 घंटे सोना जरूरी है। अगर ऐसा अक्सर नहीं होता है तो आप अनिद्रा के रोगी हैं। ऐसे में नींद की गोलियां खाना आपको नुकसान ज्यादा पहुंचा सकती हैं। ऐसे में अनिद्रा की समस्या को दूर करने के लिए योगाभ्यास एक अहम भूमिका निभाता है। जानिए, कौन से योगासन हैं जो आपको अनिद्रा की समस्या से निजात दिलाने में सहायक हो सकते हैं।

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए उसे विश्राम देना बेहद जरूरी है। शरीर को पूर्ण आराम तभी मिलता है, जब वह नींद की अवस्था में होता है। वैज्ञानिकों के अनुसार जब हम नींद में होते हैं, तब हमारे शरीर के कोशिका स्तर में सुधार होता है, शरीर के सभी अंगों को आराम मिलता है और विषाक्त पदार्थों का निष्कासन होता है।

लेकिन कई बार ऐसा होता है कि आपको रात में नींद नहीं आती और आप अपने को थका हुआ महसूस करते हैं। रात में नींद न आना अनिद्रा का लक्षण है। यह एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें व्यक्ति को रात में नींद नहीं आती, जिसके कारण वह दिन भर थकान और चिड़चिड़ापन महसूस करता है। अनिद्रा एक ऐसी स्थिति है, जो हर 20 भारतीयों में से एक को प्रभावित करती है। ज्यादा समय तक ऐसी स्थिति बनी रहने से शरीर पर प्रतिकूल असर पड़ता है और आप कई तरह की दूसरी खतरनाक बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं।

अगर आपको पर्याप्त नींद नहीं आती तो योगासन इसमें सहायक हो सकते हैं। निरंतर योग के अभ्यास से कई रोगों का निदान हो जाता है, जिसमें अनिद्रा और असामान्य नींद की आदतें भी शामिल हैं। दरअसल, योग तनाव से मुक्ति देता है, जिससे रात में अच्छी नींद आती है। अच्छी और गहरी नींद लाने में आपके सहायक हो सकते हैं यहां बताए जा रहे हैं कुछ योगासन।

पश्चिमोत्तासन

इस आसन को करने से दिमाग शांत होता है और आप आराम महसूस करते हैं। इस आसन को करने के लिए अपने पैरों को सीधा फैलाकर जमीन पर बैठें। अब अपने हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं तथा धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें। अपने हाथों की अंगुलियों से अपने पैरों की अंगुलियों को छूने का प्रयास करें और अपने सिर को घुटनों से लगाने का प्रयास करें। इस आसन का उद्देश्य आपको आराम पहुंचाना है, आपको तनाव में लाना नहीं। अतः इसे आराम से करें। हो सकता है कि शुरुआत में आप अपने पैरों की अंगुलियों को ना छू पाएं लेकिन समय के साथ-साथ इसमें अभ्यस्त हो जाएंगे। जब आप आगे की ओर झुकें तो सांस छोड़ें और ऊपर उठते समय सांस लें।

उत्तानासना

इस आसन को करने के लिए सीधे खड़े रहें। अपने हाथों को आगे की ओर से सिर के ऊपर ले जाएं तथा धीरे-धीरे सांस लें। फिर अपने कूल्हों को पीछे की ओर धकेलते हुए आगे की ओर झुकें, जब तक आपकी हथेलियां जमीन की ओर आपका माथा आपके घुटनों को न छूने लगे। अगर आप पूर्ण रूप से झुकने में असमर्थ हैं या आपके घुटने के पीछे की नस खिंच रही है, तो अपने घुटनों को थोड़ा मोड़ लें।

इस स्थिति में तब तक रहें, जब तक कि आपको असुविधा न हो। ऐसा करने से रक्त आपके सिर में तेजी से पहुंचता है, जिससे आपके शरीर का तंत्रिका तंत्र अनुकंपी से सहानुकंपी प्रणाली की स्थिति में आ जाता है, जिससे आपको आराम मिलता है। फिर से खड़े होने के लिए सांस लेते हुए अपने हाथों को अपने सिर के ऊपर ले जाएं और अपने शरीर के ऊपर के भाग को उठाएं। फिर जैसे ही आप सांस छोड़ें अपने हाथों को चेहरे के सामने से नीचे की ओर लाएं। झटका न दें। याद रखें कि मांसपेशियों को तनाव दिए बिना कूल्हों को ऊपर उठाएं।

अपनासना

आपकी पीठ, गर्दन और जांघ की मांसपेशियों को आराम दिलाने के लिए यह उत्तम आसन है। इस आसन को करने के लिए आप पीठ के बल लेट जाएं और अपनी हथेलियों को अपने घुटनों पर रखें। जैसे ही आप सांस छोड़ें अपने पैरों को धीरे-धीरे छाती की ओर ले जाएं। अपनी जांघों पर जोर देकर पैरों को उठाएं न कि अपने हाथों पर जोर देकर। जब आप सांस लेते हैं तो अपनी पकड़ ढीली रखें, जिससे आपके पैर आसानी से आपके पेट से दूर हो सकें।

कुछ समय के लिए इसे अपनी गति से करें। अपनी सांसों के अनुसार ही बदलाव करें। कुछ समय के लिए इस स्थिति में रहें। अपनी आंखें बंद करें और यदि आपका दिमाग शांत नहीं है, तो अपनी सांसों को गिनना शुरू करें। इससे दिमाग पर जोर पड़ता है और दिमाग शांत भी होता है। जब आप शांत महसूस करें तब अपने पैरों को धीरे-धीरे जमीन पर रखें और आराम करें।

सुप्त बड्डकोनासना

इस आसन से आपके दिमाग और शरीर को आराम मिलता है। इससे पीठ और पैर की मांसपेशियों में खिंचाव भी होता है। इस आसन को करने के लिए जमीन पर सीधे लेट जाएं। फिर धीरे-धीरे अपने घुटनों को मोड़ें तथा अपनी एड़ियों को अपने कूल्हों के पास लाएं। धीरे-धीरे सांस लेते हुए अपने घुटनों को खोलें और उन्हें जमीन की ओर ले जाएं।

अपने हाथों को ऊपर उठाते हुए उन्हें जमीन पर टिका दें। इस स्थिति में आप कुछ लंबी सांसें ले सकते हैं। पुनः प्रारंभिक स्थिति में आने के लिए अपने हाथों को सामान्य अवस्था में लाएं, साथ में घुटनों को भी खींचें और पैरों को फैलाकर लेटी हुई स्थिति में आ जाएं। खड़े होने के लिए अपनी बाईं करवट पर जाएं और अपने हाथों का उपयोग करते हुए उठें।

शवासन

मन को तनावमुक्त और शांत करने के लिए यह सबसे बेहतरीन आसन है। इस आसन को करना सबसे आसान है क्योंकि इस आसन में केवल आपको लेटना होता है। इसे करने के लिए सबसे पहले तो चटाई बिछा कर उसके ऊपर पीठ के बल लेट जाएं और हाथ-पांव को थोड़ा बाहर की तरफ सीधा रखें। आपको अपने शरीर को पूरी तरह स्थिर रखना है। शवासन में आपको शरीर के हर अंग को रिलैक्स करना है। इस आसन को आप दिन में कभी भी 5 से 10 मिनट के लिए कर सकते हैं।

इनके अलावा आप अपनी दिनचर्या में मार्चरी आसन और नाड़ी शोधन प्राणायाम भी शामिल कर सकते हैं, जिससे आप तनाव मुक्त होकर शांति से रात में सो सकेंगे। मार्चरी आसन रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन को बढ़ाता है। यह पाचन अंगों की मालिश करने में सहायक है। इस आसन को करने से पाचन में सुधार होता है, जिससे अच्छी नींद आती है। इससे रक्त परिसंचरण में सुधार होता है और मन को विश्राम मिलता है। सभी आसनों को किसी योग्य योगाचार्य के निर्देशन में अच्छी तरह सीखकर ही करना चाहिए।

उपयोगी सुझाव

  • भस्त्रिका प्राणायाम को देर रात करने से बचें। उससे आप में बहुत ऊर्जा आएगी और आप को नींद आने में बाधा उत्पन्न करेगी।
  • देर रात डरावनी फिल्म देखने से बचें क्योंकि उसका विचार आपके मन में पूरी रात आता रहेगा। सोने से पहले कोमल वाद्य संगीत जैसे वीणा वादन, मंत्रोचारण या ज्ञान की बातें सुनना अच्छा होता है।
  • अपने खुद के नींद का एक आदर्श तरीका बनाएं। दिन के समय सोने का सुझाव नहीं दिया जाता। इससे जैविक घड़ी बाधित होती है। आदर्श रूप में दोपहर में आधे घंटे सोना और रात में 6-8 घंटे सोना उचित माना जाता है।
  • आपने दिन भर क्या किया इसका आत्मचिंतन करें। शांत भाव से प्रार्थना करके आनंदमय और आरामदायक मन के साथ सोने जाएं।
  • अपने बिस्तर को सोने से पहले साफ जरूर कर लें। बिस्तर आराम दायक भी होना चाहिए।
  • अपने रात्रि का भोजन 8:30 तक कर लें। अपने अंतिम भोजन और सोने के समय के मध्य में करीब 2 घंटे का अंतराल रखें।
  • अगर आपका दिन में किसी के साथ विवाद हुआ है तो यह सुनिश्चित कर लें कि वह सुलझ जाए। उसे मन में रखने से आपकी नींद खराब तो होगी ही बल्कि अगला दिन भी खराब हो जाएगा।
  • रात्रि में उत्तेजक और नशीली चीजों का सेवन करने से बचें।

प्रस्तुतिः अजेश कुमार

Next Story
Top