Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

जब बिखरने लगें रिश्ते, जानिए हमारे एक्सपर्टस से कैसे रखें ख्याल

रिश्तों को संभालना जरूरी होता है और आपसी मतभेदों को दूर करने के लिए किसी तीसरे व्यक्ति की मदद भी लेनी पड़ती है।

जब बिखरने लगें रिश्ते, जानिए हमारे एक्सपर्टस से कैसे रखें ख्याल
X
हमारे समाज में विवाह को जन्मों का बंधन माना जाता है। लेकिन जब दो लोग एक-साथ रहते हैं, तो ऐसा जरूरी नहीं है कि उनके विचार भी आपस में मिलें। कई बार तो वैचारिक मतभेद इस हद तक बढ़ जाता है कि बात अलग होने तक पहुंच जाती है। ऐसे में रिश्तों को संभालना जरूरी होता है और आपसी मतभेदों को दूर करने के लिए किसी तीसरे व्यक्ति की मदद भी लेनी पड़ती है। कुछ समय पहले तक पति-पत्नी के आपसी झगड़ों को घर के बड़े आपस में बैठकर सुलझा लिया करते थे, लेकिन आजकल एकल परिवारों के कारण ऐसा हो पाना संभव नहीं होता है। आज मैरिज काउंसलर्स रिश्तों को संजोए रखने में मदद करते हैं। काउंसिलिंग से आपसी मतभेद काफी हद तक सुलझ जाते हैं। जानिए, कपल्स के लिए कितनी हेल्पफुल है काउंसलिंग।
मिलती है मदद
काउंसिलिंग के जरिए आपको अपने रिश्ते को बचाने में काफी मदद मिलती है। दरअसल, मैरिज काउंसलर, प्रोफेशनल एक्सपर्ट होते हैं। वे आपकी स्थिति को अच्छी तरह समझते हैं। जब पति-पत्नी आपस में एक-दूसरे की बात समझने को बिल्कुल भी तैयार नहीं होते। उस स्थिति में यह एक्सपर्ट दोनों पक्षों की बात सुनकर बिना कोई निर्णय दिए दंपतियों को विकल्प देते हैं। यह एक सेतु जैसे काम करते हैं, जिससे आपके रिश्ते का टूटता हुआ पुल फिर से मजबूत हो जाता है।
सुधरते हैं रिश्ते
मैरिज काउंसलिंग का दूसरा सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे रिश्तों में काफी सुधार आता है। अकसर देखने में आता है कि पति-पत्नी कभी-कभी एक छोटी सी बात को बहुत बड़ा मुद्दा बना लेते हैं। ऐसे में मैरिज काउंसलर्स की मदद से उन्हें यह अहसास होता है कि वह जिस बात पर अपना दांपत्य जीवन दांव पर लगाने को तैयार हो गए थे, वह उतनी अहम है ही नहीं। इतना ही नहीं, अपने दिल की बात करने के बाद वह न सिर्फ काफी अच्छा महसूस करते हैं, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है। साथ ही साथ मुद्दों को साफ करने में भी काफी मदद मिलती है।
सोच में बदलाव आता है
शादी जीवन में एक ऐसा बदलाव होता है, जब आपकी लाइफस्टाइल बिल्कुल बदल जाती है। एडजस्टमेंट के बिना शादी की गाड़ी को चलाना काफी कठिन हो जाता है। इसके लिए अपने लाइफस्टाइल के साथ-साथ सोच में थोड़ा-बहुत बदलाव करना भी बेहद आवश्यक होता है। अगर आप काउंसलिंग का सहारा लेते हैं, तो आपको अपना दृष्टिकोण समझाने और अपने पार्टनर का दृष्टिकोण समझने में काफी मदद मिलती है।
जिम्मेदारी का अहसास
अकसर देखने में आता है कि दो लोग आपस में विवाह तो कर लेते हैं लेकिन वे या तो अपनी जिम्मेदारियों से भली-भांति अवगत नहीं होते या फिर समझकर भी उसे निभाना नहीं चाहते। इस स्थिति में वे एक-दूसरे पर गलतियां थोपने लगते हैं और उनके आपसी झगड़े बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं। ऐसे में जिम्मेदारियों को समझने और उन्हें सही तरीके से निभाने के लिए मैरिज काउंसलिंग की बहुत जरूरत होती है। काउंसलिंग की मदद से दोनों साथी एक-दूसरे की जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं। (मैरिज काउंसलर डॉ. निशा खन्ना से बातचीत पर आधारित)

नीचे की स्लाइड्स में पढें, पूरी खबर-

खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर -

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story