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ई-सिगरेट नहीं है सुरक्षित विकल्प, कैंसर की बीमारी का बना रहता है खतरा

लोगों के बीच जिस तरह ई-सिगरेट का प्रचार किया जा रहा है, यह वैसा नहीं है। यह बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है।

ई-सिगरेट नहीं है सुरक्षित विकल्प, कैंसर की बीमारी का बना रहता है खतरा
नई दिल्ली. सिगरेट के उचित चयन के तौर पर बाजार में बेचे जा रहे इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट में बॉडी को नुकसान पहुंचाने की क्षमता है, जिससे कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का खतरा बना रहता है। बता दें कि ई-सिगरेट के आने पर इसे सिगरेट के सुरक्षित विकल्प बताया गया था, लेकिन एक नई स्‍टडी में यह बात सामने आई है।
लैब में किए गए टेस्‍ट के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि निकोटिन मुक्त ई-सिगरेट मानव की कोशिकाओं में घातक बदलाव लाकर उन्हें कैंसर कोशिकाओं में तब्दील कर सकता है। अमेरिका के सैन डिएगो में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में पैथोलॉजी के प्रोफेसर व प्रमुख शोधकर्ता जेसिका वांग-रोडरिक्वेज ने कहा, अब तक के सबूतों के आधार पर मेरा मानना है कि ई-सिगरेट पारंपरिक सिगरेट का बेहतर विकल्प नहीं हो सकता है।
thequint के अनुसार जेसिका वांग-रोडरिक्वेज, प्रोफेसर व प्रमुख शोधकर्ता ने बताया मशहूर ब्रांड के सिगरेट भी नुकसानदेह है। शोधकर्ताओं ने ई-सिगरेट के दो मशहूर ब्रांडों के धुएं का प्रयोगशाला में मानव कोशिकाओं से संपर्क कराया। धुएं के संपर्क में न आने वाली कोशिकाओं की तुलना में धुएं के संपर्क में आनेवाली कोशिकाओं के डीएनए में क्षति पाई गई, जबकि कुछ कोशिकाएं मृत हो गईं।
शोधकर्ताओं ने कहा, “लोगों के बीच जिस तरह ई-सिगरेट का प्रचार किया जा रहा है, यह वैसा नहीं है। यह बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है।”
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