Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

तंबाकू से होने वाले कैंसर के खतरे को 90% तक कम कर सकती है ई-सिगरेट

''विश्व तंबाकू दिवस'' के मौके पर विशेषज्ञों ने धूम्रपान से होने वाले नुकसानों से लोगों को बचाने के लिए ई-सिगरेट के प्रयोग को बढ़ावा देने का सुझाव दिया है। शिलॉन्ग में ''नॉर्थ-ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी'' के जैव-रसासन विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर आरएन सरन कई सालों से कैंसर और उसके कारणों पर अध्ययन कर रहे हैं।

तंबाकू से होने वाले कैंसर के खतरे को 90% तक कम कर सकती है ई-सिगरेट

'विश्व तंबाकू दिवस' के मौके पर विशेषज्ञों ने धूम्रपान से होने वाले नुकसानों से लोगों को बचाने के लिए ई-सिगरेट के प्रयोग को बढ़ावा देने का सुझाव दिया है। शिलॉन्ग में 'नॉर्थ-ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी' के जैव-रसासन विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर आरएन सरन कई सालों से कैंसर और उसके कारणों पर अध्ययन कर रहे हैं।

सरन ने 'पीटीआई- भाषा' से कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के सेवन से आम सिगरेट की तुलना में कैंसर का खतरा 90 से 92 प्रतिशत तक कम हो जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार को कैंसर से लड़ाई के लिए धूम्रपान करने वालों को ई-सिगरेट का सेवन करने का मौका देने के लिए एक नीति बनानी चाहिए।

ब्रिटेन में स्वास्थ्य एवं सामाजिक देखभाल विभाग की कार्यकारी एजेंसी 'पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड' (पीएचई) के निदेशक जॉन न्यूटन ने भी कुछ ऐसे ही विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रेट ब्रिटेन में ई-सिगरेट धूम्रपान छोड़ने के लिए एक लोकप्रिय विकल्प बन गई है। रोजाना वहां करीब 30 लाख लोग इसका सेवन करते हैं।

'अमेरिकन कैंसर सोसायटी' (एसीएस) ने इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट पर अपनी नवीनतम नीति पर दिए बयान में स्वास्थ्य देखभाल चिकित्सकों से सावधानी बरतने की सिफारिश करते हुए कहा कि उन्हें ई-सिगरेट और वाष्पकारकों को धूम्रपान छोड़ने के एक विकल्प के रूप में देखना चाहिए।

Next Story
Top